हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा... STEM तक का बड़ा प्लान: वित्त मंत्री

सरकार STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए STEM संस्थान स्थापित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को आधुनिक तकनीक और रिसर्च से जुड़ी पढ़ाई मिल सके.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं. ( Photo: PTI) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं. ( Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:11 PM IST

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार देश का बजट पेश किया. बजट भाषण में उन्होंने कहा कि सरकार ने आम लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने पर खास ध्यान दिया है. इसी वजह से देश की आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत तक पहुंच पाई है. निर्मला सीतारमण ने कहा हमारी सरकार राज्यों को 5 विश्वविद्यालय खोलने में मदद करेगी. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में स्टैम इंस्टीट्यूट (STEM) बनाए जाएंगे. हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा. एस्ट्रो फिजिक्स, एस्ट्रोनॉमी को आगे बढ़ाने के लिए टेलीकॉफ  इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होगा. सरकार आयुर्वेद और योग को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाने जा रही है. इसका मकसद देश के युवाओं को रोजगार देना और भारत की पारंपरिक चिकित्सा को दुनिया तक पहुंचाना है.

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STEM क्या है?
STEM चार अंग्रेज़ी शब्दों का छोटा रूप है:
S – Science (विज्ञान)
T – Technology (तकनीक)
E – Engineering (इंजीनियरिंग)
M – Mathematics (गणित)

यानि STEM का मतलब हुआ-विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित से जुड़ी पढ़ाई और करियर.

STEM क्यों ज़रूरी है?
आज की दुनिया टेक्नोलॉजी पर चल रही है- मोबाइल, इंटरनेट, AI, मशीनें, मेडिकल उपकरण, स्पेस मिशन…इन सबके पीछे STEM की पढ़ाई होती है.

STEM का मकसद है:

  • बच्चों और युवाओं को सोचना सिखाना
  • समस्या का हल निकालना सिखाना
  • नई तकनीक और इनोवेशन के लिए तैयार करना

हर जिले में बनेगा गर्ल्स हॉस्टल
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में शिक्षा और युवाओं के भविष्य को मजबूत करने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं. सरकार का फोकस खास तौर पर लड़कियों की शिक्षा, तकनीकी पढ़ाई और रोजगार से जुड़ी स्किल्स पर है. वित्त मंत्री ने कहा कि देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा. इसका मकसद यह है कि दूर-दराज के इलाकों से आने वाली छात्राओं को पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी न हो. इन हॉस्टलों का निर्माण वायबिलिटी गैप फंड के जरिए किया जाएगा, ताकि कम विकसित जिलों में भी यह सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सके.

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STEM शिक्षा को बढ़ावा
सरकार STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए STEM संस्थान स्थापित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को आधुनिक तकनीक और रिसर्च से जुड़ी पढ़ाई मिल सके. इससे छात्रों को भविष्य की नौकरियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकेगा.

साइंस और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी जैसे विषयों को आगे बढ़ाने के लिए टेलिस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा. इसके तहत देश में नई सुविधाएं बनाई जाएंगी और पुरानी सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा, जिससे रिसर्च और वैज्ञानिक अध्ययन को मजबूती मिलेगी.

शिक्षा से रोजगार तक की तैयारी
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को रोजगार और करियर के लिए तैयार करना भी है. लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने, तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने और रिसर्च को बढ़ावा देने से देश के विकास को नई गति मिलेगी. वित्त मंत्री ने कहा कि ये सभी कदम विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे.

करियर के नए रास्ते खोलने के लिए एक खास योजना
सरकार युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खोलने के लिए एक खास योजना लाएगी. इसके तहत अगले पांच साल में एक लाख विशेषज्ञ हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार किए जाएंगे. साथ ही 1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी. भारत के योग और आयुर्वेद को दुनिया में पहचान दिलाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट बढ़ाया जाएगा. इससे भारत की पारंपरिक दवाइयों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा.

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इसके अलावा देश में आयुर्वेद के तीन नए एम्स जैसे बड़े संस्थान बनाए जाएंगे, ताकि बेहतर इलाज, पढ़ाई और रिसर्च हो सके. आयुर्वेदिक दवाइयों की गुणवत्ता जांचने के लिए राष्ट्रीय स्तर की टेस्टिंग लैब्स भी बनाई जाएंगी. वहीं, गुजरात के जामनगर में WHO का ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर बनाया जाएगा, जिससे भारत आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा सके.

1000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल साइट्स भी बनाएगी
वित्त मंत्री ने बजट में तकनीक और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि देश में इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने को बढ़ावा देने के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इससे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दूसरी तकनीकी चीजों का उत्पादन बढ़ेगा. सरकार 1000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल साइट्स भी बनाएगी, जहां वैज्ञानिक जांच और रिसर्च की जा सकेगी. इससे मेडिकल रिसर्च और नई तकनीकों के विकास को मजबूती मिलेगी.

वित्त मंत्री ने सेमीकंडक्टर मिशन का भी जिक्र किया. इसके तहत देश में सेमीकंडक्टर का उत्पादन, भारतीय तकनीक (इंडियन आईपी) विकसित करने और मजबूत सप्लाई चेन बनाने पर जोर दिया जाएगा. इसके अलावा रेयर अर्थ मटेरियल के लिए ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में खास सुविधाएं बनाई जाएंगी. इन राज्यों में डेडिकेटेड मिनरल पार्क तैयार किए जाएंगे, ताकि जरूरी खनिजों का सही तरीके से उपयोग हो सके. सरकार दो जगहों पर हाई-टेक टूल रूम भी बनाएगी, जहां बेहद सटीक और उन्नत कंपोनेंट तैयार किए जाएंगे. यहां टनल बोरिंग मशीन से लेकर ऊंची इमारतों के लिए फायर फाइटिंग सिस्टम जैसे आधुनिक उपकरण बनाए जाएंगे.

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हर वर्ग को मिलेगा बढ़ने का मौका
वित्त मंत्री ने साफ किया कि सरकार चाहती है कि विकास का फायदा सीधे किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं तक पहुंचे, ताकि हर वर्ग को आगे बढ़ने का मौका मिल सके. केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "जब से हमने 12 साल पहले सत्ता संभाली है, देश की आर्थिक स्थिति स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, लगातार विकास और कम महंगाई से पहचानी गई है. यह उन सोच-समझकर लिए गए फैसलों का नतीजा है जो हमने अनिश्चितता और मुश्किल समय में भी लिए हैं."

रोजगर के अवसर बनेंगे
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "आत्मनिर्भरता को अपना मार्गदर्शक मानते हुए, हमने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा बनाई है और ज़रूरी आयात पर निर्भरता कम की है. साथ ही, हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि सरकार के हर काम से नागरिकों को फायदा हो. रोज़गार पैदा करने, कृषि उत्पादकता, परिवारों की खरीदने की शक्ति और लोगों को यूनिवर्सल सर्विस देने के लिए सुधार किए गए हैं इन उपायों से लगभग 7% की हाई ग्रोथ रेट मिली है और हमें गरीबी कम करने और हमारे लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में काफी मदद मिली है."

ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी करेंगे फोकस 
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "...हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करेंगे और टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स डेवलप करने के लिए इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी फोकस करेंगे." केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "आज हम एक ऐसे बाहरी माहौल का सामना कर रहे हैं जिसमें व्यापार और बहुपक्षवाद खतरे में हैं और संसाधनों और सप्लाई चेन तक पहुंच बाधित है.

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नई टेक्नोलॉजी प्रोडक्शन सिस्टम को बदल रही हैं, जबकि पानी, ऊर्जा और ज़रूरी खनिजों की मांग तेज़ी से बढ़ रही है. भारत विकसित भारत की ओर आत्मविश्वास से कदम बढ़ाता रहेगा, जिसमें महत्वाकांक्षा और समावेश को संतुलित किया जाएगा. बढ़ती अर्थव्यवस्था और बढ़ते व्यापार और पूंजी की ज़रूरतों के साथ, भारत को वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ा रहना चाहिए, ज़्यादा निर्यात करना चाहिए और स्थिर लंबे समय के निवेश को आकर्षित करना चाहिए."

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