वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश कर दिया है. इस बजट को महिलाओं, युवा, किसान और आम आदमी पर फोकस करने वाला बताया जा रहा है. बजट 2026 का साइज 53.5 लाख करोड़ रुपये का है. कैपिटल एक्सपेंडेचर के लिए इसमें 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है.
बजट 2026 के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने AI इंफ्रा के लिए हजारों करोड़, एमएसएमई को 10 हजार करोड़ समेत बॉयोफार्मा शक्ति योजना, 7 नए रेल कोरिडोर और ग्रीन मोबिलिटी पर ज्यादा खर्च करने का प्रस्ताव रखा है. वहीं कई चीजों पर इम्पोर्ट ड्यूटी कम कर दी है. खासकर गंभीर बीमारियों में यूज की जाने वाली 17 दवाओं को ड्यूटी फ्री कर दिया गया है.
वहीं टैक्सपेयर्स के लिए भी कुछ ऐलान किए गए हैं, लेकिन इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. नए टैक्स स्लैब और पुराने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है. गौरतलब है कि पिछले बजट में केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स में बड़ा बदलाव किया था, जिसके तहत 12 लाख रुपये सालाना इनकम वालों को कोई टैक्स नहीं देने का ऐलान किया था. इसके ऊपर 75000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन रखा था.
इनकम टैक्स में बदलाव की थी उम्मीद
हालांकि कुछ टैक्सपेयर्स को उम्मीद थी कि वित्त मंत्री इस बार नए टैक्स स्लैब के तहत 12 लाख रुपये सालाना इनकम लिमिट को बढ़ाकर 14 लाख रुपये कर देंगी और उसके ऊपर स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75 से बढ़ाकर 100000 रुपये कर देंगी. लेकिन इन दोनों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
फिर टैक्स को लेकर क्या-क्या हुए ऐलान
छोटे टैक्सपेयर्स के लिए राहत
वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक योजना का प्रस्ताव किया जा रहा है. अब ITR फाइल करने पर कम या जीरो टैक्स कटौती सर्टिफिकेट ले सकेंगे. इसके अलावा, अलग-अलग कंपनियों के शेयर रखने वाले टैक्सपेयर्स के सुविधा के लिए डिपोजिट्री, निवेशक के फॉर्म 15G या फॉर्म 15H स्वीकार करने और इसे सीधे उन कंपनियों को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया गया है.
ITR के लिए डेडलाइन
अब आईटीआर भरने के लिए अलग-अलग डेडलाइन रखने का प्रस्ताव रखा गया है. ITR-1 और ITR-2 भरने के लिए डेडलाइन 31 जुलाई रखा गया है. नॉन-ऑडिटेड बिजनेस को ITR भरने की डेडाइन 31 अगस्त तय कर दी गई है. वहीं NRI के लिए TAN की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है. अब अचल संपत्ति की बिक्री पर टीडीएस की कटौती किए जाने पर निवासी खरीदार के पैन पर चालान के माध्यम से टीडीएस जमा किया जा सकता है.
छोटे टैक्सपेयर्स पर फोकस
संसद में बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि छात्रों, युवा पेशेवरों, तकनीकी कर्मचारियों, अनिवासी भारतीयों और ऐसे अन्य छोटे टैक्सपेयर्स की व्यवहारिक समस्याओं को दूर करने के लिए, इन टैक्सपेयर्स के लिए एक निश्चित आकार के नीचे आय या असेट का खुलासा करने के लिए 6 माह की विदेशी संपत्तियों का खुलासा करने की योजना शुरू करने का प्रस्ताव किया जा रहा है.
आजतक बिजनेस डेस्क