देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आने से ठीक पहले कांग्रेसी वित्त मंत्रियों और अर्थशास्त्रियों को देश की अर्थव्यवस्था बदलने का श्रेय दिया है. मुखर्जी ने कहा है कि पी. चिदंबरम, मनमोहन सिंह और मोंटेक सिंह अहलुवालिया भारत की अर्थव्यवस्था को संवारने वाले तीन वास्तुकार रहे हैं.
मुखर्जी पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की किताब, 'स्पीकिंग ट्रुथ टू पावर' के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे. उन्होंने मौजूदा केंद्र सरकार पर भी अप्रत्यक्ष रूप से हमला बोला है. पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि चिदंबरम ने मौजूदा समय में प्रोफेशनल तरीके से हिंसा, धीमी विकास गति और बेरोजगारी के लक्षणों की पहचान की है. उन्होंने कहा कि यह चिदंबरम ने साहस का काम किया है.
उन्होंने कहा कि जब उन्हें इस किताब के उद्घाटन के लिए बुलाया गया तो वह चौंक गए थे. हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने संसद में व्यवधान पैदा करने को देश के लोगों के साथ धोखाधड़ी बताया है. उन्होंने कहा कि लोगों से वोट मांगे बिना कोई भी संसद में नहीं आता है और यहां आकर संसद को बाधित करना सही नहीं है.
अपनी किताब के उद्घाटन के मौके पर कि धार्मिक स्वतंत्रता और सहनशीलता के मामले में भारत नीचे से चौथे नंबर पर है. उन्होंने कहा कि अगर सच नहीं बोला गया तो यह अपने पूर्वजों के साथ धोखा होगा.
मौसमी सिंह