कल रविवार को देश का बजट (Budget 2026) आएगा और इसके साथ ही वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक में एक तरह से 'नजरबंद' बजट डॉक्युमेंट तैयार करने के प्रोसेस से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी इससे बाहर निकल सकेंगे. दरअसल, Union Budget एक अहम और गोपनीय दस्तावेज होता है और इसे तैयार करने वाले फाइनेंस मिनिस्ट्री के करीब 100 अधिकारी व कर्मचारी हलवा सेरेमनी (Budget Halwa Ceremony) के बाद से लॉक-इन प्रोसेस में चले जाते हैं. इसके बाद उनका बाहरी दुनिया से कनेक्शन एकदम से कट हो जाता है, कल बजट पेश होने के साथ ही वे फिर से बाहर निकल सकेंगे.
क्या है बजट लॉक-इन?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की मौजूदगी में Budget 2026 के लिए हलवा सेरेमनी का आयोजन बीते 27 जनवरी को किया गया था. हलवा बंटने के साथ ही बजट से जुड़े तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों के 'लॉक-इन' की शुरुआत हो गई थी. अब पांच दिन बाद कल 1 फरवरी को बजट पेश होने के साथ ही वे फिर से बाहरी दुनिया के संपर्क में आ सकेंगे.
'नजरबंद' रहने का ये है बड़ा कारण
अगर 'लॉक-इन' के दौरान इस डॉक्युमेंट से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों के नजरबंद या कहें एक तरह से नॉर्थ ब्लॉक में कैद रहने के पीछे की वजह की बात करें, तो ये सुरक्षा कारणों होता है. इसका उद्देश्य सिर्फ इतना होता है कि Union Budget संसद में पेश होने तक इससे जुड़ी किसी भी तरह की कोई गोपनीय जानकारी समय से पहले बाहर न जाए और देश का सबसे संवेदनशील आर्थिक दस्तावेज पूरी गोपनीयता के साथ संसद में पेश हो सके. इसमें टैक्स, सब्सिडी, खर्च और नीतिगत फैसले शामिल होते हैं.
जो कर्मचारी और अधिकारी Budget Lock-In के दौरान लॉक-इन में रहते हैं, उनमें वित्त मंत्रालय, टैक्स विभाग, लेखा और प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े लोग शामिल हैं. आमतौर पर लॉक-इन का समय 5 से 10 दिन का होता है.
फोन-ईमेल और इंटरनेट से दूरी
'लॉक-इन' पीरियड के दौरान फाइनेंस मिनिस्ट्री के नॉर्थ ब्लॉक में मौजूद अधिकारियों-कर्मचारियों को अन्य कई तरह की पाबंदियों का भी सामना करना पड़ता है. इनमें वे मोबाइल फोन अपने पास नहीं रख सकते. मतलब परिजनों या किसी से भी कॉल पर बात नहीं, मैसेज नहीं, WhatsApp नहीं और न ही ई-मेल, सोशल मीडिया यूज कर सकते हैं, उन्हें इंटरनेट एक्सेस भी नहीं होता है. सीधे शब्दों में कहें, तो इस दौरान इनका हरी दुनिया से नाता ही कट जाता है. बजट से जुड़े ये सभी लोग नॉर्थ ब्लॉक यानी बजट प्रेस परिसर में रहते हैं.
बजट के बाद यहां उपलब्ध होगा डॉक्युमेंट
1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद बजट 2026-27 से जुड़े सभी प्रमुख दस्तावेज डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे, इसे सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था. यूनियन बजट मोबाइल ऐप के जरिए इन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में देखा जा सकेगा. यह सुविधा न केवल सांसदों बल्कि आम जनता के लिए भी बजट दस्तावेजों तक आसान और त्वरित पहुंच सुनिश्चित करेगी. इसके अलावा इसे केंद्रीय बजट वेब पोर्टल (www.indiabudget.gov.in) से भी डाउनलोड कर सकेंगे.
आजतक बिजनेस डेस्क