Budget 2026: तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान बनाने का ऐलान, आयुष फार्मेसियां होंगी अपग्रेड

केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने आयुष सेक्टर को मजबूत करने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब, तीन नए आयुर्वेद संस्थान और आयुष फार्मेसियों के अपग्रेडेशन का प्रस्ताव दिया है.

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बजट में आयुर्वेद पर स्पेशल फोकस (Photo: Pexels) बजट में आयुर्वेद पर स्पेशल फोकस (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:17 PM IST

केंद्रीय बजट 2026-27 में, सरकार ने एक नई योजना के ज़रिए आयुष सेक्टर को बढ़ावा देने का प्रस्ताव दिया है. इस योजना के तहत राज्यों को पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने में मदद की जाएगी, जिसका मकसद इंटीग्रेटेड और समग्र स्वास्थ्य सेवा वितरण का विस्तार करना है.

वित्त मंत्री निर्मला ने तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया है. इन हबों में आयुष केंद्रों के साथ-साथ आधुनिक डायग्नोस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर और पोस्ट-केयर पुनर्वास सुविधाएं होंगी, जिससे मरीजों को व्यापक देखभाल मिल सकेगी. 

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इस पहल से मेडिकल और संबंधित स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोज़गार के कई मौके पैदा होने की भी उम्मीद है, जिससे क्षेत्रीय स्वास्थ्य इकोसिस्टम मज़बूत होगा और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा मिलेगा.

अपग्रेड होंगी आयुष फार्मेसियां...

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों और आयुष फार्मेसियों के अपग्रेडेशन का प्रस्ताव रखा. आयुष फार्मेसियों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा. वित्त मंत्री ने तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव दिया. इसके साथ ही, प्राइवेट सेक्टर के सहयोग से पांच क्षेत्रीय चिकित्सा पर्यटन केंद्र स्थापित किया जाएगा.

यह भी पढ़ें: बजट में कैंसर-शुगर के मरीजों को राहत, निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान

निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि सरकार मेडिकल टूरिज्म के लिए पांच हब स्थापित करने में राज्यों की मदद करेगी.

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छोटे टैक्सपेयर्स को राहत...

निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया, "मैं छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक स्कीम का प्रस्ताव करती हूं, जिसमें एक नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रोसेस से असेसिंग ऑफिसर के पास एप्लीकेशन फाइल करने के बजाय कम या शून्य डिडक्शन सर्टिफिकेट मिल सकेगा. कई कंपनियों में सिक्योरिटीज रखने वाले टैक्सपेयर्स की आसानी के लिए, मैं डिपॉजिटरी को इन्वेस्टर से फॉर्म 15G या फॉर्म 15H स्वीकार करने और इसे सीधे अलग-अलग संबंधित कंपनियों को देने में सक्षम बनाने का प्रस्ताव करती हूं."

 
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