निर्मला सीतारमण ने कहा, SHE (Self-help Entrepreneur) मार्क्स को कम्युनिटी-स्वामित्व वाली खुदरा दुकानों के रूप में स्थापित किया जाएगा, ताकि महिला उद्यमियों की मदद की जा सके.
आज 1 फरवरी को संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वां केंद्रीय बजट पेश कर दिया है. बजट में विदेशी यात्रा, शिक्षा और चिकित्सा के लिए TCS दर घटाई गई है. 17 एंटी-कैंसर दवाओं और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को कस्टम्स ड्यूटी से छूट मिली है. वहीं, जो विदेशी नागरिक भारत में रहते हैं, उनकी विदेश से होने वाली कमाई पर अब टैक्स नहीं लगेगा. रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है. बजट में आयकर छूट का ऐलान नहीं किया गया है.
बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है और एमएसएमई, हाई-स्पीड रेल, बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर, आयुष संस्थान और मेडिकल टूरिज्म हब्स जैसे कई बड़े क्षेत्रीय और रणनीतिक निवेश की घोषणाएं की गई हैं. किसानों के लिए बहुभाषी AI टूल और छोटे टैक्सपेयर्स के लिए ऑटोमेटेड प्रक्रिया लागू की जाएगी. NIMHANS 2.0 और तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश सीमा पर बर्ड वॉचिंग ट्रेन जैसे कई सामाजिक और क्षेत्रीय विकास के कदम भी पेश किए गए हैं. Union Budget 2026 से जुड़े हर बड़े ऐलान, हर ब्रेकिंग अपडेट और पल-पल की जानकारी के लिए इस लाइव ब्लॉग से जुड़े रहें.
Budget 2026: आज आएगा देश का बजट... जानिए कैसे और कहां देख सकेंगे Live
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी बजट की सराहना की और इसे ऐतिहासिक करार दिया. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में जीडीपी में 7.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, महंगाई पर नियंत्रण रहा है और राजकोषीय घाटा भी काबू में है. उनके मुताबिक कृषि, सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों में लगातार मजबूती के संकेत मिल रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बजट 2026 को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह ‘विकसित भारत’ का बजट है. उन्होंने कहा कि यह बजट 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव रखेगा और इसमें सुधारों पर खास जोर दिया गया है. बजट में गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं की चिंताओं को केंद्र में रखा गया है. शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उनके विभाग के बजट में 21 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है और कुल ग्रामीण विकास बजट में से 55,600 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि विशेष रूप से विकसित भारत ग्राम योजना के लिए आवंटित की गई है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मोदी सरकार के पास अब नए विचार नहीं बचे हैं. उनके मुताबिक यह बजट देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों का कोई ठोस समाधान पेश नहीं करता.
लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र ने आज विकसित भारत का रोडमैप पेश किया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस बजट के लिए धन्यवाद दिया. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बजट 145 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं और उम्मीदों को दर्शाता है. इसमें 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का पूंजीगत निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए रखा गया है, जिसमें सात रेल कॉरिडोर भी शामिल हैं. बजट में आयुष और स्वास्थ्य क्षेत्र पर खास जोर दिया गया है. यह आम लोगों और महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया बजट है, जो जीवन को आसान बनाने वाले सुधारों से भरा है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट को गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं पर केंद्रित बताया. उन्होंने कहा कि बजट की दिशा और उद्देश्य भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की ओर ले जाने वाले हैं और इसमें आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी गई है. साथ ही भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2026-27 का बजट प्रधानमंत्री के मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ को साकार करने वाला है. यह बजट देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगा.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने बंगाल को कुछ नहीं दिया और आर्थिक गलियारों को लेकर झूठे दावे किए गए हैं. उन्होंने कहा, ये बजट महिला विरोधी, किसान विरोधी और शिक्षा विरोधी है. आरपीआई सांसद रामदास आठवले ने बजट को क्रांतिकारी बताया और कहा, यह सामाजिक और आर्थिक न्याय दोनों को साधने वाला है.
उद्योग जगत से आईएमसी के पूर्व अध्यक्ष राजीव पोद्दार और अन्य पदाधिकारियों ने बजट को संतुलित बताया. उन्होंने कहा कि 4.3 फीसदी के फिस्कल डेफिसिट लक्ष्य और बढ़े कैपेक्स से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बजट को जनता की उम्मीदों के अनुरूप बताया और कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव रखता है, जिसमें रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है और तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण पर खास फोकस है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट में मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, आईटी सर्विसेज और डेटा सेंटर्स को लेकर किए गए ऐलानों को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे रोजगार और स्टार्टअप को नई ताकत मिलेगी, वहीं रेलवे के लिए 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को बड़ा कदम बताया.
केंद्रीय बजट 2026-27 पर राजनीतिक और कारोबारी जगत से प्रतिक्रियाएं आई हैं. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बजट पर सवाल पूछे जाने पर कहा कि वह संसद के मंच से कल अपनी बात रखेंगे.
पीएम मोदी ने कहा, 'यह युवा शक्ति बजट है. इस बजट में जो प्रावधान किए गए हैं, उससे अलग-अलग सेक्टर्स में लीडर्स, इनोवेटर्स और क्रिएटर्स तैयार होंगे.'
पीएम मोदी ने कहा, 'इस बजट में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई रफ्तार देने के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया गया है. इस बजट में MSMEs को, हमारे लघु और कुटीर उद्योगों को समर्थन मिला है, यह उन्हें लोकल से ग्लोबल बनने की नई ताकत देगा.'
पीएम मोदी ने कहा, 'आज भारत जिस रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, इस बजट से उसे नई ऊर्जा, नई गति मिलेगी. भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर ही संतुष्ट नहीं है. भारत जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहता है.'
आज पेश हुए केंद्रीय बजट 2026-27 पर PM मोदी ने कहा, 'ये बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है. ये बजट 2047 के विकसित भारत की हमारी ऊंची उड़ान का आधार है.'
1. रक्षा बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसमें सेना के आधुनिकीकरण पर खास फोकस है. रक्षा बलों के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए रखे गए हैं. पिछले साल यह आंकड़ा 1.80 लाख करोड़ रुपये था. नए हथियारों, उपकरणों और तैयारियों को इससे मजबूती मिलेगी.
2. इनकम टैक्स स्लैब जस का तस
टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समयसीमा बढ़ा दी गई है. अब टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर की जगह 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकेंगे.
3. 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
देश में सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी शामिल हैं.
4. लड़कियों के लिए हॉस्टल योजना
करीब 800 जिलों में छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे. हर जिले में कम से कम एक हॉस्टल बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
5. कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती
कैंसर की 17 जरूरी दवाओं को आयात शुल्क से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है. इसके अलावा 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर भी कोई ड्यूटी नहीं लगेगी.
6. टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए खोला खजाना
5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया गया है.
7. स्कूल-कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब
देशभर में 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाई जाएंगी, ताकि डिजिटल स्किल्स को बढ़ावा मिल सके.
8. 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS और मेडिकल टूरिज्म हब
तीन नए आयुर्वेदिक एम्स खोले जाएंगे. साथ ही मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए देश में पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे.
9. ग्रामीण महिलाओं के लिए शी-मार्ट्स
ग्रामीण महिलाओं की अगुआई वाले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए SHE (सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर) मार्ट्स शुरू किए जाएंगे, जहां महिलाएं अपने उत्पाद बेच सकेंगी.
10. खेलो इंडिया मिशन को नया विस्तार
खेलो इंडिया मिशन को अगले 10 साल के लिए मजबूत किया जाएगा. इसके तहत प्रशिक्षण केंद्र बनेंगे, कोच और सपोर्ट स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं व लीग आयोजित होंगी.
11. मेडिकल टूरिज्म के लिए हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स
पांच मेडिकल हब में निजी क्षेत्र की भागीदारी होगी. यहां आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक सुविधाएं, पोस्ट-केयर और रिहैब सेंटर विकसित किए जाएंगे, जिससे हेल्थ सेक्टर में रोजगार बढ़ेगा.
12. टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव
मोटर एक्सीडेंट क्लेम की रकम को इनकम टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है. नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. सरल टैक्स फॉर्म पेश किए जाएंगे ताकि आम लोग आसानी से रिटर्न भर सकें. ओवरसीज टूर पैकेज और शिक्षा-चिकित्सा खर्च पर टैक्स 5% से घटाकर 2% किया गया है. 20 लाख रुपये तक की विदेश में संपत्ति न बताने पर अब पेनाल्टी नहीं लगेगी.
13. पूर्वोत्तर पर फोकस, बौद्ध सर्किट बनेगा
अरुणाचल प्रदेश, असम, सिक्किम, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट विकसित किए जाएंगे. इसके साथ ही इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटर भी बनाए जाएंगे.
14. आयुर्वेद और योग को वैश्विक पहचान
उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा. अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थ प्रोफेशनल और 1.5 लाख केयरगिवर्स तैयार किए जाएंगे. आयुर्वेद के तीन नए एम्स, दवाओं की टेस्टिंग के लिए नेशनल लैब और जामनगर में WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर बनाया जाएगा.
15. CNG और बायोगैस सस्ती
बजट में CNG और बायोगैस को सस्ता करने का ऐलान किया गया है. इससे CNG से चलने वाले वाहनों के उपयोगकर्ताओं को सीधी राहत मिलेगी.
केंद्रीय बजट 2026 में रक्षा क्षेत्र के लिए ₹7.85 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है. यह वित्त वर्ष 2026 के ₹6.81 लाख करोड़ के मुकाबले बड़ा इजाफा है. बढ़े हुए बजट के जरिए सरकार ने सेना की तैयारियों, आधुनिकीकरण और जवानों के कल्याण पर लगातार फोकस बनाए रखने का संकेत दिया है. बजट दस्तावेजों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 के रक्षा बजट में रक्षा सेवाएं (राजस्व), पूंजीगत खर्च, रक्षा पेंशन और रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले नागरिक प्रतिष्ठानों का खर्च शामिल है. पिछले बजट में ₹6.81 लाख करोड़ का रक्षा खर्च सरकार के कुल खर्च के सबसे बड़े हिस्सों में से एक था.
वित्त वर्ष 2026 के इस आवंटन में से ₹3.12 लाख करोड़ रक्षा सेवाओं के राजस्व खर्च के लिए तय किए गए थे. राजस्व खर्च में सैनिकों के वेतन, भत्ते, उपकरणों का रखरखाव और सशस्त्र बलों की ऑपरेशनल तैयारियां शामिल होती हैं. सरकार का कहना है कि बढ़ा हुआ रक्षा बजट मौजूदा सैन्य क्षमताओं को बनाए रखने के साथ-साथ लंबे समय के आधुनिकीकरण योजनाओं को भी मजबूती देगा.
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. इस बजट में रक्षा बलों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है. सरकार ने सेना के आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. रक्षा पूंजीगत बजट में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है. यह बजट पिछले वर्ष के 1.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.19 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे रक्षा तैयारियों और आधुनिक उपकरणों की खरीद को मजबूती मिलेगी.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, बीजेपी से कोई उम्मीद मत करिए. बीजेपी कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए काम करती है. बजट पहले से तय होता है, किसे लाभ पहुंचाना है. ये बजट अदृश्य लोगों को लाभ पहुंचाने वाला है. ये बजट आम लोगों की समझ से बाहर है. किसान, गरीब, गांव में रहने वालों के समझ से बाहर है. बुनियादी ढांचा क्या है, पैदावार की कीमत क्या दे रहे हैं. मनरेगा जैसी योजना को आपने कमजोर कर दिया है. महंगाई को रोकने के लिए उपाय नहीं है. शिक्षा के लिए बेहतर करने के लिए व्यवस्था नहीं है. स्वास्थ्य सुविधाएं कितनी बर्बाद हो गई हैं.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, अभी सिर्फ बजट भाषण सुना है. उसमें डिटेल बहुत कम है. हम केरल में घोषणाओं का इंतजार कर रहे थे. लेकिन कुछ नहीं सुन पाए. एम्स का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. कुछ नहीं हुआ. पूरी डिटेल जानने के लिए ही कुछ कह पाएंगे.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि ये बजट खाली डिब्बा है. इसमें कुछ नहीं है. ना किसान है. ना नौजवान है.ना उद्योग है. एमएसएमई तबाह हो रहा है. उसके बारे में कोई चर्चा नहीं है. टैरिफ के बाद जो बर्बादी हुई, उसके बारे में उम्मीद कर रहे थे कि सरकार कुछ कदम उठाएगी. आपने बजट दिया क्या है. किसान, नौजवान सबको बर्बाद कर दिया है. मसूद का कहना था कि किसान को फसल के दाम चाहिए. हाइवे नहीं चाहिए.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 9वां केंद्रीय बजट पेश कर दिया है. वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है और कैपिटल व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है. बजट में टैक्सपेयर्स, निवेशक, किसान, मिडिल क्लास और उद्योगों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कई कस्टम्स ड्यूटी राहतों की घोषणा की है. 17 एंटी-कैंसर दवाओं को बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से छूट दी जाएगी, जिससे दवाइयों की उपलब्धता सस्ती और आसान होगी. SEZ में निर्मित सामान के निर्यात पर किफायती ड्यूटी दी जाएगी, जो बिक्री की सीमा के अधीन होगी. व्यक्तिगत उपयोग के लिए दायित्व वाले सामान पर ड्यूटी 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत की जाएगी.
सरकार ने SEZ की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को घरेलू बाजार में एक बार बिक्री की सुविधा देने की व्यवस्था की है. रक्षा क्षेत्र में विमान मरम्मत के लिए कच्चे माल पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से छूट दी जाएगी और नागरिक प्रशिक्षण विमानों के पार्ट्स को भी BCD से मुक्त रखा जाएगा. केंद्रीय उत्पाद शुल्क की गणना में बायोगैस मिश्रित CNG के मूल्य को शामिल नहीं किया जाएगा.
इसके अलावा, महत्वपूर्ण खनिजों के लिए पूंजीगत वस्तुओं पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से छूट दी जाएगी, ताकि उत्पादन और निर्यात में उद्योगों को प्रोत्साहन मिले.
बजट में ऐलान के बीच शेयर बाजार में भारी दबाव देखा जा रहा है. निफ्टी 289 पॉइंट्स गिरा है और सेंसेक्स 803 पॉइंट्स की गिरावट के साथ नोट किया गया.
क्लाउड सेवाओं के लिए भारत डेटा सेंटर से 2047 तक टैक्स हॉलिडे की घोषणा की गई है. टोल मैन्युफैक्चरर्स को पूंजीगत वस्तुओं पर कर से छूट दी जाएगी. भारत में पांच साल रहने वाले विदेशियों की गैर-भारत आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा और NRI को MAT से छूट दी जाएगी. इलेक्ट्रॉनिक निर्माताओं को 2 प्रतिशत लाभ मार्जिन पर सेफ हार्बर मिलेगा और डेटा सेंटर से जुड़े कंपनियों के लिए 15 प्रतिशत सेफ हार्बर लागू होगा. IT सेवाओं की एडवांस टैक्स रूलिंग प्रक्रिया दो साल में तेज की जाएगी.
सिक्योरिटी डेरिवेटिव्स पर लेन-देन कर बढ़ाने का प्रस्ताव है. ऑप्शन्स प्रीमियम और ट्रेडिंग पर STT 0.15 प्रतिशत से 0.15 प्रतिशत किया जाएगा और फ्यूचर्स पर STT 0.05 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा. सीफूड प्रोसेसिंग इनपुट पर ड्यूटी-फ्री सीमा 3 प्रतिशत मूल्य तक बढ़ाई जाएगी, जबकि कुछ भारत में बने आइटम्स पर कस्टम्स छूट समाप्त की जाएगी. 30 मार्च तक का ब्रोUGHT-फॉरवर्ड MAT क्रेडिट सेट-ऑफ के लिए उपलब्ध रहेगा और कस्टम्स ड्यूटी संरचना को सरल बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
बजट में गैर-ऑडिट ट्रस्ट्स के लिए टैक्स फाइलिंग की समयसीमा 31 अगस्त तक बढ़ाई गई है. वहीं, ITR-1 और ITR-2 फॉर्म्स की फाइलिंग की डेडलाइन 31 जुलाई तय की गई है. रिटर्न संशोधन की समयसीमा को भी 31 मार्च तक बढ़ाया गया है, इसके लिए मामूली शुल्क लगेगा.
वित्त मंत्री ने कहा कि कर्ज-जीडीपी अनुपात घटकर 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष 56.1 प्रतिशत था. आयकर अधिनियम के तहत खातों की अनुपस्थिति को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाएगा और अभियोजन ढांचे को सरल किया जाएगा. न्यूनतम कर भुगतान 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा और मूल्यांकन व पेनल्टी कार्यवाही को एकीकृत किया जाएगा. छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए नई विदेशी संपत्ति घोषणा योजना लागू होगी.
IT सेवाओं के लिए सेफ हार्बर की सीमा 2,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाई जाएगी और सभी IT सेवाओं के लिए 15.5 प्रतिशत सामान्य सेफ हार्बर मार्जिन लागू किया जाएगा. कुछ विदेशी संपत्तियों की गैर-घोषणा पर अभियोजन से सुरक्षा दी जाएगी.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और इसके फॉर्म्स जल्द ही जारी किए जाएंगे ताकि टैक्सपेयर्स नए नियमों से आसानी से परिचित हो सकें. छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक नई स्कीम पेश की जाएगी, जिसमें नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रक्रिया के जरिए लोअर या निल डिडक्शन सर्टिफिकेट आसानी से मिल सकेगा. मानव संसाधन सेवाओं की आपूर्ति अब TDS के दायरे में आएगी और LRS के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए TCS दर 2 प्रतिशत कर दी जाएगी.
वित्त मंत्री ने कहा, भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) को 'पोर्टफोलियो निवेश योजना' के तहत भारत की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में निवेश की अनुमति होगी. आत्मनिर्भर भारत कोष में 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ी जाएगी और अगले पांच वर्षों के लिए बायोफार्मा ‘शक्ति’ के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
शिक्षा से रोजगार और उद्यम के क्षेत्र में एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति गठित की जाएगी, जो विकसित भारत के मुख्य चालक के रूप में सेवा क्षेत्र पर केंद्रित उपायों की सिफारिश करेगी. वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय लक्ष्य को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा.
सरकार चिकित्सा पर्यटन के लिए पांच केंद्रों की स्थापना में राज्यों की मदद करेगी और बजट में इसी के तहत पांच चिकित्सकीय पर्यटन केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है. लोथल और हस्तिनापुर सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित करने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल किया गया है. कुल सरकारी व्यय 2026-27 में 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.
पूर्वोत्तर क्षेत्र में मंदिरों और मठों को संरक्षित करने के लिए बौद्ध सर्किट के विकास की योजना शुरू की जाएगी. राजकोषीय घाटा 2026-27 में 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष में 4.4 प्रतिशत था.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है और 41 प्रतिशत कर हस्तांतरण का फार्मूला बरकरार रखा गया है. आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थानों की स्थापना की जाएगी. नगर निगम के बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा गया है.
खेल क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू किया जाएगा. एसएमई के लिए बजट में 10,000 करोड़ रुपये का कोष प्रस्तावित किया गया है. एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में तेजी को देखते हुए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी ‘कंटेंट क्रिएटर लैब’ स्थापित करने में सहायता दी जाएगी.
बजट 2026 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि करीब 2.5 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आ चुके हैं. उन्होंने बताया कि राजकोषीय घाटा 2026-27 में 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि चालू वित्त वर्ष में यह 4.4 प्रतिशत है. सरकार ने कर्ज-जीडीपी अनुपात 2026-27 में 55.6 प्रतिशत रहने का प्रस्ताव रखा है, जो चालू वित्त वर्ष 56.1 प्रतिशत है.
वित्त मंत्री ने बजट में कार्बन अवशोषण और उपयोग योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये की घोषणा की है और पशु चिकित्सा महाविद्यालय, अस्पताल और डायग्नोस्टिक लैब के लिए ऋण-संबंधित पूंजी सब्सिडी सहायता योजना का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने क्लाउड सर्विसेज़ को 2047 तक टैक्स फ्री करने की व्यवस्था का ऐलान किया.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर TCS दर अब 2% होगी, जो पहले 5% और 20% थी. इसके लिए किसी राशि की शर्त नहीं होगी. उन्होंने यह भी बताया कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से किसी व्यक्ति को मिले ब्याज पर अब आयकर नहीं लगेगा और इस पर TDS भी नहीं काटा जाएगा. पर्यटन और पर्यावरण क्षेत्र में भी सरकार ने नई पहल की घोषणा की. सीतारमण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल विकसित की जाएगी, साथ ही अराकू वैली और पश्चिमी घाट में भी ऐसी ट्रेल्स तैयार की जाएंगी. ओडिशा, कर्नाटक और केरल में प्रमुख कछुआ घोंसले वाले क्षेत्रों के पास कछुआ ट्रेल्स का विकास किया जाएगा, ताकि जैव विविधता का संरक्षण हो और पर्यटन को बढ़ावा मिले. कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ‘भारत विस्तार’ के तहत आया है. यह एक बहुभाषी AI टूल है जो एग्री-स्टैक पोर्टल और ICAR के कृषि प्रथाओं के पैकेज को AI सिस्टम से जोड़कर किसानों और कृषि व्यवसायियों को स्मार्ट और आसान एक्सेस देगा.
निर्मला सीतारमण ने कहा, SHE (Self-help Entrepreneur) मार्क्स को कम्युनिटी-स्वामित्व वाली खुदरा दुकानों के रूप में स्थापित किया जाएगा, ताकि महिला उद्यमियों की मदद की जा सके.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, मैं उच्च शिक्षा क्षेत्र में निवेश के तहत नए संस्थान, विश्वविद्यालय टाउनशिप, छात्राओं के हॉस्टल और टेलिस्कोप इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं की स्थापना के लिए कई कदम प्रस्तावित करती हूं. देश के हर जिले में एक छात्राओं का हॉस्टल बनाया जाएगा. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे कहा, खेल क्षेत्र रोजगार, कौशल विकास और नौकरी के अवसर प्रदान करता है. खेलो इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से शुरू किए गए खेल प्रतिभा के व्यवस्थित पोषण को आगे बढ़ाते हुए अगले दशक में खेल क्षेत्र को बदलने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव रखा है.
नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना प्रस्तावित रखा है ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके और विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाई जा सके, जिसमें प्रमुख नारियल-उत्पादक राज्यों में गैर-उत्पादक पेड़ों को नई किस्मों के पौधों या पौधों से बदला जाना शामिल है. भारतीय काजू और कोको के लिए एक समर्पित कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल उत्पादन और प्रसंस्करण में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ सके और 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड में बदला जा सके.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, भारत का एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र एक बढ़ता हुआ उद्योग है, जिसमें 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होगी. भारतीय इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज, मुंबई का समर्थन करने के लिए प्रस्ताव रखा है, ताकि 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जा सकें
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा... तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव है. आयुष फार्मेसियों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं को उन्नत करना और अधिक कुशल लोग उपलब्ध कराना और जामनगर में WHO के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को अपग्रेड करने का प्रस्ताव है.
बजट में किसानों के लिए भारत विस्तार AI एग्री टूल का ऐलान किया गया. इसके अलावा, हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल बनाया जाएगा. केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा. भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में बढ़ावा देने के लिए राज्यों की मदद से देश में 5 क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने की योजना लाई जाएगी. सेवा क्षेत्र को विकसित भारत का प्रमुख इंजन बनाने के लिए ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ पर एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति गठित करने का प्रस्ताव है, जिसका लक्ष्य 2047 तक सेवाओं में भारत की 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है. यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को प्राथमिकता देगी और AI समेत उभरती तकनीकों के रोजगार व कौशल पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन कर सिफारिशें देगी. निवेश को बढ़ावा देने के लिए विदेश में निवास करने वाले भारतीय नागरिकों (PROI) को पोर्टफोलियो निवेश योजना के तहत सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश की अनुमति दी जाएगी और उनकी निवेश सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है. विकसित भारत के लिए बैंकिंग सेक्टर को नई विकास यात्रा के अनुरूप ढालने के उद्देश्य से बैंकिंग पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का ऐलान किया गया है, जो वित्तीय स्थिरता, समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा करेगी. पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर- मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी विकसित किए जाएंगे. इसके साथ ही 2026-27 में सार्वजनिक पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है.
केंद्रीय बजट में सरकार ने बताया कि 15 अगस्त के बाद से 350 से अधिक सुधार लागू किए गए हैं और रिफॉर्म एक्सप्रेस विकास, रोजगार और उत्पादन को गति देने के लिए आगे बढ़ रही है. बजट में छह क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव है, जिसमें चैंपियन MSME का निर्माण, विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन, शहरों में आर्थिक क्षेत्रों का विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बढ़ावा और सात रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार शामिल है. भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये के ‘बायोफार्मा शक्ति’ प्रस्ताव, तीन नए फार्मा संस्थान और केंद्रीय औषधि मानक संगठन को मजबूत करने की घोषणा की गई. सेमीकंडक्टर सेक्टर के विस्तार के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना का परिव्यय बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये, ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में दुर्लभ खनिज कॉरिडोर, तीन समर्पित केमिकल पार्क, हाई-टेक टूल रूम, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए 10 हजार करोड़ रुपये और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना समेत कई प्रस्ताव रखे गए. MSME को मजबूत करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड, GeM को TReDS से जोड़ना, TReDS को अनिवार्य सेटलमेंट प्लेटफॉर्म बनाना और सस्ते पैरा-प्रोफेशनल्स के जरिए अनुपालन में मदद का प्रस्ताव है. इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देते हुए FY27 में पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये रखने, इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड, PSU रियल एस्टेट की रीसाइक्लिंग के लिए REITs, अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग, ओडिशा के खनिज क्षेत्रों को जलमार्ग से जोड़ने, युवाओं के प्रशिक्षण संस्थान और वाराणसी व पटना में जहाज मरम्मत इकोसिस्टम विकसित करने की बात कही गई है.
निजी और सरकारी क्षेत्र में नए AHP संस्थान बनाए जाएंगे और अगले 5 वर्षों में एक लाख AHP को सिस्टम से जोड़ा जाएगा. इसके साथ ही 5 क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की स्थापना के लिए योजना शुरू करने का प्रस्ताव है. आयुष सेक्टर को मजबूती देते हुए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड के बाद आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता और पहचान मिली है और आयुर्वेद उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे. आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा, जबकि जामनगर स्थित WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को और मजबूत किया जाएगा. पशु-चिकित्सा क्षेत्र में पेशेवरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा और निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता योजना लाई जाएगी. वित्त मंत्री ने बताया कि 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा. सरकार के मुताबिक ऑरेंज इकोनॉमी में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी. पर्यटन और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में पुलिकट झील के किनारे बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा, इस साल भारत पहले ग्लोबल बिग कैट शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें 95 देशों के सरकार प्रमुख और मंत्री हिस्सा लेंगे.
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि ₹1,000 करोड़ से अधिक के एकल बॉन्ड के लिए ₹100 करोड़ के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा गया है. सरकार ने एक बार फिर सेवा क्षेत्र पर जोर देने का फैसला किया है. वित्त मंत्री ने कहा कि किसान, महिलाएं, युवा और दिव्यांगजन—सभी के लिए नई तकनीक बेहद जरूरी है और इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है. पिछले एक दशक के प्रयासों के चलते 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं. युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सेवा क्षेत्र को फिर से मजबूती दी जा रही है. शिक्षा से रोजगार और उद्यम तक के सफर को मजबूत करने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति बनाई जाएगी, जो विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर विशेष जोर देगी. सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी के साथ भारत अग्रणी बने. विकसित भारत के लिए कुशल पेशेवर तैयार करने को लेकर कई प्रस्ताव रखे गए हैं. इसके तहत निजी और सरकारी क्षेत्र में नए AHP संस्थान स्थापित किए जाएंगे और अगले 5 वर्षों में एक लाख AHP को सिस्टम में जोड़ा जाएगा.
• मुंबई-पुणे
• पुणे-हैदराबाद
• हैदराबाद-चेन्नई
• हैदराबाद-बेंगलुरु
• चेन्नई-बेंगलुरु
• दिल्ली-वाराणसी
• वाराणसी-सिलीगुड़ी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, शहरों के बीच विकास-संयोजक के रूप में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरीडोर बनेंगे. कॉरपोरेट मित्रों के संवर्ग की तैयारी के लिए पेशेवर संस्थानों को सुविधा मिलेगी. सेमीकंडक्टर के विस्तार के लिए आईएसएम 2.0 का शुभारम्भ करेंगे. आंशिक लोन गारंटी के लिए इंफ्रा जोखिम गारंटी निधि स्थापित होगी. कार्गो के पर्यावरण अनुकूल आवागमन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्ताव हैं. अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू होंगे. सरकारी कैपेक्स में तेजी के लिए ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है.
• महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना का प्रस्ताव.
• एक जिला-एक उत्पाद को बढ़ावा, ग्रामीण युवाओं को फायदा.
• भारत के सस्ते खेल सामान के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की संभावना.
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च
• 2026-27 में पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये.
• टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रा मजबूती पर जोर.
• 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इंफ्रा विकास जारी.
• आंशिक लोन गारंटी के लिए इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड.
• समर्पित REITs से रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रीसाइक्लिंग.
रेल, जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट
• 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शहरों के बीच विकास सेतु बनेंगे.
• दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर.
• अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग.
• बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं.
• समुद्री विमान VGF योजना की शुरुआत.
ग्रीन इंडस्ट्री और कार्बन कैप्चर
• औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण पर जोर.
• 5 वर्षों में 5 औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव.
• रेशम, ऊन और जूट के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना.
• पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना.
• बुनकरों और कारीगरों के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम.
• टैक्स-इको पहल से वैश्विक प्रतिस्पर्धी परिधानों को बढ़ावा.
• वस्त्र कौशल उन्नयन के लिए समर्थ 2.0.
• मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव.
• दुर्लभ खनिज कॉरिडोर के लिए खनिज संपन्न राज्यों की मदद.
• ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में खनिज कॉरिडोर.
• तीन समर्पित केमिकल पार्कों की स्थापना के लिए नई योजना.
• ऑटोमेटेड सर्विस ब्यूरो के तहत 2 हाई-टेक टूल रूम.
• 10,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ कंटेनर विनिर्माण योजना.
• भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा.
• अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय से ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना.
• बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा.
• केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) को मजबूत करने का प्रस्ताव.
• भारतीय IP डिजाइन और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर फोकस.
• उद्योग आधारित अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होंगे.
• इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना में लक्ष्य से पहले दोगुना निवेश.
• इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजना का परिव्यय बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये.
बजट में सरकारी खरीद की जानकारी साझा करने के लिए GeM को TREDS से जोड़ा जाने का ऐलान किया गया. TREDS के जरिए MSME को अब तक 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग की जाएगी. TREDS को लेन-देन निपटान प्लेटफॉर्म के रूप में अनिवार्य किया गया. बीजक छूट के लिए CGTMSE के माध्यम से ऋण गारंटी सहायता दी जाएगी. TREDS प्राप्तियों को आस्ति-समर्थित प्रतिभूतियों के रूप में पेश किया जाएगा.
बजट में पहले कर्तव्य के तहत चैंपियन MSME के निर्माण पर जोर दिया गया.
• केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर उच्च स्तरीय समितियों का गठन.
• 200 विरासत औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने की योजना.
• MSME के लिए 10,000 करोड़ रुपये की SME विकास निधि का प्रस्ताव.
• आत्मनिर्भर भारत निधि में 2,000 करोड़ रुपये का टॉप-अप.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि रोजगार सृजन और विकास को गति देने के लिए व्यापक आर्थिक सुधार किए गए हैं. प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद अब तक 350 से अधिक सुधारों को लागू किया जा चुका है. उन्होंने कहा, रिफॉर्म एक्सप्रेस अपने तय मार्ग पर पूरी रफ्तार से चल रही है.
आर्थिक विकास के लिए 6 बड़े फोकस एरिया
सरकार ने विकास को तेज करने के लिए 6 क्षेत्रों में पहलों का प्रस्ताव रखा है.
• रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करना.
• चैंपियन MSME का निर्माण.
• विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन.
• इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बढ़ावा.
• दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता.
• शहरों में आर्थिक क्षेत्रों का विकास.
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला केंद्रीय बजट है. उन्होंने विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में देश की जनता के साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए आभार जताया.
वित्त मंत्री ने बजट को त्रि-आयामी दृष्टिकोण पर आधारित बताया.
पहला कर्तव्य-
आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना.
दूसरा कर्तव्य-
लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का निर्माण करना.
तीसरा कर्तव्य-
सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत के अनुरूप समावेशी विकास.
उन्होंने कहा कि इन तीनों लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सहायक परिवेश, दक्ष पूंजी आवंटन और जोखिम प्रबंधन बेहद जरूरी है.
बजट में दिल्ली-वाराणसी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया है. बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी. दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी में भी हाई-स्पीड रेल कॉरीडोर बनेंगे. 5 वर्षों में पांच औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर के लिए ₹20 हजार करोड़ का प्रस्ताव दिया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में घोषणा की कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है.
आर्थिक विकास को गति देने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, तेजी और स्थिर आर्थिक वृद्धि के लिए हम छह क्षेत्रों पर फोकस करेंगे. 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार, परंपरागत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन, चैंपियन MSMEs का निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बढ़ावा, दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना, सिटी इकोनॉमिक रीजन का विकास है.
बायो-फार्मा सेक्टर के लिए बड़ा एलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए मैं ‘बायो फार्मा शक्ति’ योजना का प्रस्ताव रखती हूं. इसके लिए अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा. इससे बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार होगा.
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत करेंगे. इसके साथ ही उद्योग-नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटरों पर फोकस किया जाएगा, ताकि तकनीक आधारित और कुशल वर्कफोर्स तैयार की जा सके. वित्त मंत्री ने वैश्विक हालात पर बात करते हुए कहा, आज हम ऐसे बाहरी माहौल का सामना कर रहे हैं, जहां व्यापार और बहुपक्षवाद दबाव में हैं और संसाधनों तक पहुंच तथा सप्लाई चेन बाधित हैं. नई तकनीकें उत्पादन प्रणालियों को बदल रही हैं, वहीं पानी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है. भारत विकसित भारत की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता रहेगा, जहां महत्वाकांक्षा और समावेशन के बीच संतुलन होगा. बढ़ती अर्थव्यवस्था और व्यापार व पूंजी की जरूरतों के साथ भारत को वैश्विक बाजारों से गहराई से जुड़ा रहना होगा, ज्यादा निर्यात करना होगा और स्थिर दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करना होगा.
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि 10 हजार करोड़ का SME ग्रोथ फंड रहेगा. टेक्सटाइल सेक्टर को भी सरकार बूस्टर देगी. 5 लाख से ऊपर आबादी वाले शहरों में सरकार इन्फ्रा बूस्ट करेगी.
निर्मला सीतारमण ने कहा, मैं देश की जनता का आभार व्यक्त करती हूं, जो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की हमारी यात्रा में मजबूती से हमारे साथ खड़ी रही. हमारा लक्ष्य आकांक्षाओं को उपलब्धियों में और संभावनाओं को प्रदर्शन में बदलना है, ताकि विकास का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतू समुदायों, युवाओं, गरीबों और महिलाओं तक पहुंचे. वित्त मंत्री ने बजट भाषण की शुरुआत में यह भी कहा कि सरकार ने बयानबाज़ी की बजाय सुधारों को प्राथमिकता दी, और इसी नीति की वजह से जारी भू-राजनीतिक संकटों के बावजूद भारत 7.2 प्रतिशत की GDP वृद्धि दर हासिल करने में सफल रहा.
वित्त मंत्री ने कहा, हमने दूरगामी संरचनात्मक सुधारों, वित्तीय सतर्कता और मौद्रिक स्थिरता का रास्ता अपनाया, साथ ही सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर दिया. आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक मानते हुए घरेलू विनिर्माण क्षमता मजबूत की गई, ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त किया गया और अहम आयात पर निर्भरता कम की गई. साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि सरकार के हर कदम का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे. रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता, घरेलू क्रय शक्ति और सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए सुधार किए गए. इन उपायों से करीब 7 प्रतिशत की उच्च विकास दर हासिल हुई और गरीबी घटाने व लोगों के जीवन स्तर में सुधार में अहम प्रगति हुई.
संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या कहा, केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, पिछले 12 वर्षों में जब से हमने जिम्मेदारी संभाली है, देश की आर्थिक यात्रा स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, सतत विकास और नियंत्रित महंगाई से पहचानी गई है. यह अनिश्चितता और वैश्विक व्यवधानों के दौर में लिए गए हमारे सोच-समझकर किए गए फैसलों का नतीजा है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश कर रही हैं. उन्होंने कहा, घरेलू विनिर्माण क्षमता का निर्माण किया गया, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया गया. सरकार ने लोकलुभावनवाद की बजाय आम लोगों को प्राथमिकता दी. सरकार ने बयानबाज़ी की जगह सुधारों को चुना. मोदी सरकार ने असमंजस छोड़कर निर्णायक कार्रवाई का रास्ता अपनाया. भारत की विकास यात्रा लगातार आर्थिक वृद्धि और नियंत्रित महंगाई से चिन्हित रही है. नीतिगत फैसलों से मजबूत मैक्रो-आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हुई है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट भाषण की शुरुआत कर दी है. वे पूरा रोडमैप रख रही हैं. देश की EV-सेमीकंडक्टर से हाउसिंग सेक्टर तक बड़े ऐलानों पर नजर है.
कैबिनेट की बैठक में बजट को मंजूरी दे दी गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी. अब बजट को संसद में रखा जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे संसद में बजट भाषण पढ़ेंगी.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, मुझे बजट से बहुत उम्मीद नहीं है. सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, बजट से कोई उम्मीद नहीं है.
राष्ट्रपति भवन कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया है और लिखा, केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. राष्ट्रपति ने बजट प्रस्तुति के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री और उनकी टीम को शुभकामनाएं दीं.
आज बजट का दिन है. शेयर बाजार से अपडेट आया है. केंद्रीय बजट पेश होने के दिन सेंसेक्स 82,328.15 अंक पर ट्रेड कर रहा है, जबकि निफ्टी (NSE) 25,314.60 के स्तर पर है. वहीं, सरकारी सूत्रों के मुताबिक जनवरी 2026 में GST संग्रह 1,93,384 करोड़ रुपये रहा. यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 6.2% की बढ़त है.
Budget 2026: इस बार तमिलनाडु की परंपरा को सम्मान, बजट पर निर्मला सीतारमण की साड़ी फिर चर्चा में
संसद भवन में थोड़ी देर में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें बजट पर अंतिम मोहर लगेगी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी संसद पहुंच गए हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी अपनी टीम के साथ संसद पहुंचे. वहीं, सपा सांसद अखिलेश यादव ने तंज कसा और कहा, जिस सरकार से उम्मीद नहीं है, उसके बजट से क्या उम्मीद की जाए. ये बजट 5% लोगों के लिए बनता है. सरकार ने जो वादे अपने घोषणा पत्र में किए थे, क्या उस पर खरे उतरे हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंच गए हैं. यहां कैबिनेट में बजट पर अंतिम मोहर लगेगी. उसके बाद सदन के पटल पर रखा जाएगा. इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दही चीना खिलाकर बजट की शुभकामनाएं दीं.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि वो केंद्रीय बजट 2026-27 में केरल के लिए होने वाली घोषणाओं को लेकर उत्सुक हैं, क्योंकि राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. पत्रकारों से बातचीत में थरूर ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया और कहा कि बिना रोजगार वाली आर्थिक वृद्धि किसी के काम नहीं आती. उन्होंने कहा, वित्त मंत्री हमें क्या बताने वाली हैं, यह सुनने का इंतजार है. आर्थिक सर्वेक्षण अच्छी आर्थिक वृद्धि दिखाता है, लेकिन इस देश के युवाओं के लिए समस्या यह है कि क्या यह वृद्धि रोजगार के साथ आएगी. बिना रोजगार वाली वृद्धि किसी की मदद नहीं करती. हम यह देखने को लेकर चिंतित हैं कि सरकार किस तरह की योजनाएं लेकर आती है. केरल में चुनाव आने वाले हैं, ऐसे में हम यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि केंद्र सरकार हमें क्या लाभ दे सकती है. जब तक बजट पेश नहीं हो जाता, तब तक इस पर बात करना मुश्किल है.
बजट से किसानों और मजदूरों को भी उम्मीदें हैं. किसानों की खास मांगों में कृषि यंत्र में जीएसटी खत्म हो, खाद-बीज समय से गुणवत्तापूर्ण मिले और कृषि बीमा प्रभावी ढंग से लागू हो, जिससे किसानों को किसी प्रकार का कोई नुकसान होता है तो तुरंत भुगतान हो. सोने और चांदी के बढ़ते दाम भी गांव में बड़ा मुद्दा हैं. उनका कहना है बेटियों की शादी में सोना लेने के लिए खेत बेचने पड़ रहे हैं. कुछ किसान मनरेगा के देर से पेमेंट से भी परेशान हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिजिटल टैबलेट को दिखाया. इसी टैबलेट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार के आय-व्यय और आर्थिक रोडमैप से जुड़े सभी दस्तावेज शामिल हैं. राष्ट्रपति भवन से निकलने के बाद वित्त मंत्री संसद पहुंचीं, जहां सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश किया जाएगा. यह बजट देश की अर्थव्यवस्था, टैक्सपेयर्स, मिडिल क्लास, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार से जुड़ी दिशा तय करेगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब संसद के लिए रवाना हो गई हैं. इससे पहले वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने राष्ट्रपति भवन पहुंचीं. उनके साथ केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति से मुलाकात की परंपरा का पालन करते हुए यह औपचारिक भेंट हुई. राष्ट्रपति भवन जाने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय से रवाना हुईं. इस दौरान उनके हाथ में डिजिटल टैबलेट था, जिसमें Union Budget 2026 का पूरा दस्तावेज मौजूद है. खास बात यह रही कि डिजिटल टैबलेट को पारंपरिक लाल रंग की 'बही-खाता' स्टाइल के बैग में रखा गया है. यह वही परंपरा है, जिसे पिछले कुछ वर्षों से बजट दस्तावेज के प्रतीक के तौर पर अपनाया जा रहा है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और बजट के बारे में जानकारी दी और राष्ट्रपति को बजट की प्रति भी सौंपी. उनके साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद थे.
राजनीतिक विश्लेषक आशुतोष ने आजतक के साथ बातचीत में कहा, "चीन इसलिए आज सुपर पॉवर है क्योंकि उसने एआई पर बहुत काम किया है. चीन ने रेयर अर्थ मेटर और ग्रीन एनर्जी पर बहुत काम किया है. अगर हमारे बजट में इन तीनों चीजों पर काम होता है, तो बेहतर होगा."
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका चीन के सामने इसीलिए झुकता है, उसकी वजह यही है कि जिस दिन चीन ने रेयर अर्थ मेटल और एआई पर कंट्रोल कर लिया, उस दिन अमेरिकन मार्केट की इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में दिक्कत होने वाली है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने रिकॉर्ड नौवें बजट के लिए एक शानदार कांजीवरम साड़ी चुनी है. यह साड़ी तमिलनाडु की है, जहां कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और जहां बीजेपी लंबे समय से सफलता पाने की कोशिश कर रही है.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब राष्ट्रपति भवन पहुंच गईं हैं. वे यहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगी और बजट के बारे में जानकारी देंगी. उसके बाद वित्त मंत्री संसद आएंगी.
बजट से एक दिन पहले, गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Economic Survey of India 2025-26 पेश किया था. बजट से पहले Economic Survey पेश करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है, ताकि देश की आर्थिक स्थिति का पूरा खाका सामने रखा जा सके, उससे पहले कि भविष्य की फिस्कल नीतियों का ऐलान हो. Economic Survey को देश की अर्थव्यवस्था की आधिकारिक सालाना “report card” माना जाता है. यह बीते 12 महीनों के आर्थिक प्रदर्शन की डेटा-बेस्ड समीक्षा करता है और आने वाले समय के लिए नीति दिशा का एक व्यापक रोडमैप पेश करता है.
लिस्ट ऑफ बिजनेस के अनुसार, वित्त मंत्री लोकसभा में Finance Bill, 2026 को पेश करने की अनुमति मांगेंगी और इसके बाद विधेयक को औपचारिक रूप से पेश किया जाएगा. फाइनेंस बिल सरकार के सभी वित्तीय प्रस्तावों को कानूनी रूप देता है, जिससे टैक्स और अन्य वित्तीय फैसलों को लागू किया जा सके.
लिस्ट ऑफ बिजनेस के अनुसार, वित्त मंत्री लोकसभा में Finance Bill, 2026 को पेश करने की अनुमति मांगेंगी और इसके बाद विधेयक को औपचारिक रूप से पेश किया जाएगा. फाइनेंस बिल सरकार के सभी वित्तीय प्रस्तावों को कानूनी रूप देता है, जिससे टैक्स और अन्य वित्तीय फैसलों को लागू किया जा सके.
लोकसभा लिस्ट ऑफ बिजनेस के मुताबिक, लोकसभा की कार्यवाही आज सुबह 11 बजे शुरू होगी. इसी दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार की अनुमानित आय और व्यय का स्टेटमेंट सदन के पटल पर रखेंगी. बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री FRBM Act, 2003 की धारा 3(1) के तहत दो अहम स्टेटमेंट भी सदन में पेश करेंगी. ये दस्तावेज सरकार की मीडियम टर्म फिस्कल प्लानिंग और मैक्रो-इकोनॉमिक सोच को सामने रखते हैं.
संसद भवन के मकर द्वार को फूलों से सजाया गया है. इसी द्वार से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद भवन में जाएंगी और 9वीं बार बजट पेश करेंगी. इस बार बजट से आम आदमी को टैक्स में राहत, बेहतर रेलवे सुविधाएं, रोजगार के नए अवसर और महंगाई पर नियंत्रण की उम्मीद है. अब सबकी नजरें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण पर टिकी हैं, जहां इन उम्मीदों को हकीकत में बदलने का रोडमैप सामने आ सकता है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं. इसके साथ ही वे पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के रिकॉर्ड की बराबरी करेंगी और पूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगी. हालांकि, सबसे ज्यादा केंद्रीय बजट पेश करने का रिकॉर्ड अब भी पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम दर्ज है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज Union Budget 2026 पेश करेंगी. इससे पहले वे अपने आवास से कर्तव्य भवन पहुंचीं. उनके साथ केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद थे. गौरतलब है कि North Block में पहले वित्त मंत्रालय का मुख्यालय हुआ करता था, लेकिन अब वित्त मंत्रालय का हेडक्वार्टर जनपथ स्थित कर्तव्य भवन में शिफ्ट कर दिया गया है.
लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट को लेकर विकास और रोजगार पर उम्मीद जताई. सुरेश कुमार खन्ना ने कहा, मुझे उम्मीद है कि यह बजट विकास को और आगे बढ़ाएगा. इस बजट में ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा करने से जुड़े प्रावधान होंगे. प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में देश चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है. मुझे उम्मीद है कि इससे कारोबार भी बढ़ेगा.
विजय गुप्ता ने रेलवे से जुड़ी समस्याओं को उठाते हुए कहा कि यात्रियों को अभी भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. गुप्ता ने कहा, ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए. ट्रेनों की देरी को लेकर भी कुछ किया जाना चाहिए. अगर ट्रैक की संख्या बढ़ाई जाती है तो त्योहारों के समय यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी. उन्होंने टैक्स को लेकर कहा, “पिछले बजट में टैक्सपेयर्स को अच्छी राहत मिली थी. अगर इस बार भी टैक्स स्लैब में बदलाव किया जाता है तो मिडिल क्लास के लिए यह बहुत अच्छा होगा.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मौजूद एक अन्य यात्री ने कहा कि बजट से उनकी काफी उम्मीदें हैं. यात्री ने कहा, मुझे बजट से बहुत उम्मीदें हैं. पिछले साल का बजट वाकई काफी अच्छा था. इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया, जिससे मिडिल क्लास को फायदा हुआ. मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात में बजट बहुत अहम हो जाता है. भारत खुद को एक सॉफ्ट पावर के तौर पर पेश करता है, ऐसे में बजट का रोल हमारे दूसरे देशों के साथ रिश्तों में भी अहम हो जाता है. उन्होंने आगे कहा, हमने यूरोपियन यूनियन के साथ ट्रेड डील साइन की है, जो बहुत महत्वपूर्ण है. घरेलू अर्थव्यवस्था की बात करें तो सरकार शिपिंग इंडस्ट्री पर काफी फोकस कर रही है. इस बार बजट में इससे जुड़ी कई घोषणाओं की उम्मीद है. इंफ्रास्ट्रक्चर में भी जबरदस्त विकास हुआ है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज बजट पेश करने जा रही हैं. इससे पहले देश के अलग-अलग हिस्सों से आम लोगों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. टैक्स में राहत, रेलवे सुविधाओं में सुधार, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चा में हैं.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आईटी सेक्टर में काम करने वाले शिव मंगल रही ने कहा कि पिछली बार सरकार ने प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी थी. शिव मंगल रही ने कहा, मैं प्राइवेट सेक्टर में आईटी सेक्टर का कर्मचारी हूं. पिछली बार सरकार ने हमें बड़ी राहत दी थी. इस बार भी उम्मीद है कि टैक्स स्लैब में कुछ राहत मिले और नए टैक्स रेजीम को और बेहतर बनाया जाए. रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों की सुविधाओं में सुधार होना चाहिए. इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत जरूरी है. मुझे लगता है कि सरकार महंगाई को लेकर भी कुछ करेगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय पहुंचे गई हैं. यहां वे अधिकारियों से मिलेंगी और उसके बाद वित्त मंत्री राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने जाएंगी.
सूत्रों के अनुसार, Budget FY27 को सरकार के भीतर 'Reform Express' कहा जा रहा है. इसका मतलब साफ है कि यह बजट क्रॉस-सेक्टर सुधारों पर केंद्रित होगा. इन सुधारों का मकसद रेगुलेशन को सरल बनाना, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना है. खासकर ऐसे वक्त में, जब ग्लोबल इकोनॉमी सुस्ती में है और अमेरिका की ओर से दोबारा टैरिफ दबाव बढ़ रहा है.
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, बजट का Part B भारत की उन प्राथमिकताओं को दर्शाएगा, जो 21वीं सदी के दूसरे क्वार्टर में देश को वैश्विक मंच पर मजबूत बनाएंगी. इस हिस्से में भारत की मौजूदा आर्थिक क्षमताएं, मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड और एक्सपोर्ट में भविष्य की संभावनाएं, ग्लोबल वैल्यू चेन में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों पर खुलकर बात होगी. यही वजह है कि इस सेक्शन पर देश-विदेश के अर्थशास्त्रियों और पॉलिसी एक्सपर्ट्स की नजरें टिकी रहेंगी.
अब तक बजट भाषण में Part A को सबसे अहम माना जाता रहा है, जिसमें अर्थव्यवस्था की स्थिति, चुनौतियां और नीति की बड़ी दिशा बताई जाती थी. वहीं Part B को आमतौर पर टैक्स प्रस्तावों और तकनीकी घोषणाओं तक सीमित रखा जाता था. लेकिन इस बार तस्वीर बदली हुई होगी. सूत्रों का कहना है कि वित्त मंत्री Part B में असामान्य रूप से विस्तार से बोलेंगी, जिसमें न सिर्फ अल्पकालिक नीतिगत कदम बल्कि लॉन्ग टर्म इकॉनमिक विजन भी रखा जाएगा.
बीजेपी ने फैसला किया है कि सभी प्रदेश कार्यालयों में बजट भाषण का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा. इसके लिए दफ्तरों में टीवी सेट लगाए जाएंगे और सभी कार्यकर्ताओं को बजट का लाइव प्रसारण देखने के निर्देश दिए गए हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना नौवां लगातार केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं. इस बार का बजट कई मायनों में ऐतिहासिक और परंपरा तोड़ने वाला माना जा रहा है. सरकार के सूत्रों के मुताबिक, बजट भाषण का Part B इस बार सबसे अहम हिस्सा होगा, जहां भारत की आर्थिक दिशा और सुधारों का पूरा खाका पेश किया जाएगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं, जिससे वे एक नया रिकॉर्ड बना रही हैं. इसके साथ ही वे अगले वित्त वर्ष में बजट पेश करते ही पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की बराबरी कर लेंगी, जिन्होंने अपने कार्यकाल में कुल 10 बार बजट पेश किया था. निर्मला सीतारमण बजट पेश करने वाली दूसरी महिला भी हैं. उनसे पहले यह उपलब्धि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम रही है, जिन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए केंद्रीय बजट पेश किया था.
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केंद्रीय बजट के दिन शेयर बाजार सामान्य दिनों की तरह खुला रहेगा. भले ही 1 फरवरी को आज रविवार है, लेकिन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और अन्य बाजारों में नियमित लाइव ट्रेडिंग सेशन होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे से बजट पेश करेंगी, जबकि इससे पहले शेयर बाजार में ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने एक सर्कुलर जारी कर जानकारी दी है कि बजट वाले दिन सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक बाजार खुला रहेगा और सामान्य कारोबार होगा.
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 8 बजे के बाद अपने आवास से वित्त मंत्रालय पहुंचेंगी. उसके बाद वे बजट डॉक्यूमेंट लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगी और बजट के बारे में जानकारी देंगी. सुबह 10 बजे तक वित्त मंत्री संसद भवन पहुंचेंगी और बजट पर कैबिनेट की मोहर लगेगी. सुबह 11 बजे से बजट भाषण शुरू होगा. दोपहर 2 बजे तक वित्त मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी.
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केंद्रीय बजट 2026 पेश होते ही भाजपा देशव्यापी प्रचार अभियान शुरू करने जा रही है. पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के नेतृत्व में एक केंद्रीय समिति बनाई है. यह अभियान 1 से 15 फरवरी तक चलेगा. इस दौरान देश भर में 150 से ज्यादा प्रेस कॉन्फ्रेंस होंगी, जिनमें केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्य मंत्री हिस्सा लेंगे. 2 से 10 फरवरी के बीच चरणबद्ध तरीके से बजट की प्रमुख बातें आम लोगों तक पहुंचाई जाएंगी. मंत्री टियर-1, टियर-2, टियर-3 शहरों से लेकर जिलों और कस्बों तक पहुंचेंगे. भाजपा छात्रों, युवाओं, किसानों, महिलाओं, MSME, व्यापारियों और कारीगरों से संवाद करेगी. सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर्स के साथ वीडियो रील्स, पॉडकास्ट और अखबारों में संपादकीय भी प्लान का हिस्सा हैं. पार्टी का दावा है कि यह बजट सिर्फ सालाना दस्तावेज नहीं, बल्कि 2047 तक विकसित भारत का रोडमैप है.
सैलरीड क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है. छोटे कारोबारियों और प्रोफेशनल्स के लिए कंप्लायंस आसान करने के कदम उठाए जा सकते हैं. लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन नियमों पर स्पष्टता, जिसकी इंडस्ट्री लंबे समय से मांग कर रही है. हालांकि, ये बदलाव इन्क्रिमेंटल होंगे और महीने की सैलरी में बड़ा फर्क नहीं डालेंगे.
बजट 2026 से पहले इनकम टैक्स को लेकर आमतौर पर दिखने वाला उत्साह इस बार नजर नहीं आ रहा है. जानकारों की मानें तो इस बजट में बड़े इनकम टैक्स बदलाव की संभावना बेहद कम है. दरअसल, Budget 2025 में ही पर्सनल टैक्स सिस्टम का बड़ा रीसेट किया जा चुका है. नए टैक्स रिजीम में स्लैब बदलने और स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने के बाद करीब 12.75 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री कर दी गई थी. मिडिल क्लास के लिए यह बड़ा झटका-रहित सुधार था. सरकार आमतौर पर लगातार दो बजट में इतने बड़े टैक्स बदलाव नहीं करती, इसलिए इस बार स्पेस सीमित है.
केंद्रीय बजट सिर्फ संसद में दिया गया भाषण नहीं होता. इसके पीछे महीनों की तकनीकी प्रक्रिया, आकलन और समीक्षा होती है. वित्त मंत्रालय बजट आवंटन तय करते समय चार अहम आधारों पर काम करता है.
बजट तय करने के 4 पैमाने
इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 पेश किया है. इस सर्वे में कहा गया है कि वैश्विक भू-राजनीतिक बिखराव और आर्थिक अस्थिरता के दौर में भी भारत मजबूती से आगे बढ़ रहा है. सर्वे के मुताबिक, FY 2025-26 में भारत की वास्तविक GDP ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान है. यह लगातार चौथा साल है जब भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है. इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल्स पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं. वैश्विक दबावों के बावजूद भारत ने खुद को हाई-ग्रोथ ट्रैक पर बनाए रखा है और पोटेंशियल GDP ग्रोथ 7% तक पहुंची है. सर्वे ने भारत को ऐसे समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था का उजला पक्ष बताया है, जब कई देश सुस्ती और अस्थिरता से जूझ रहे हैं.
बजट से पहले निवेशक टैक्स, घाटा नियंत्रण, कैपेक्स और ग्लोबल संकेतों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं. Economic Survey की भाषा से बाजार बजट की दिशा और सरकार के इरादों का अंदाजा लगाने की कोशिश कर रहा है.
Economic Survey ने माना है कि अमेरिका की संभावित टैरिफ नीतियां, वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव भारत के लिए बाहरी जोखिम बने हुए हैं. बजट में एक्सपोर्ट और घरेलू बफर मजबूत करने पर जोर रह सकता है.
सूत्रों के अनुसार PM Internship Scheme में उम्र सीमा 21-24 साल से बढ़ाकर 18-30 साल करने पर विचार चल रहा है. स्टाइपेंड बढ़ाने और इंटर्नशिप देने वाली कंपनियों की संख्या 500 से बढ़ाकर करीब 6000 करने की योजना है.
सरकार FY27 में MGNREGA को नए ‘विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन’ से बदलने की दिशा में सोच रही है. इस नए फ्रेमवर्क पर करीब 95 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
सूत्रों के मुताबिक Budget 2026 में ग्रामीण विकास मंत्रालय के बजट में डबल डिजिट बढ़ोतरी हो सकती है. MGNREGA, PMAY-G और PMGSY जैसे कार्यक्रमों पर खर्च बढ़ाकर ग्रामीण मांग को सहारा देने की तैयारी है.
Economic Survey के मुताबिक भारतीय लेबर मार्केट डिजिटलाइजेशन, ग्रीन एनर्जी और गिग व प्लेटफॉर्म वर्क की ओर तेजी से बदल रहा है. पोस्ट-कोविड दौर में अब नौकरियों की संख्या से ज्यादा काम की क्वालिटी पर जोर है.
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Economic Survey ने चेताया है कि कामकाजी उम्र के लोगों में दिल की बीमारियां, डायबिटीज और मेंटल हेल्थ जैसी नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज तेजी से बढ़ रही हैं. बजट में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और मेडिकल रिसर्च पर फोकस बढ़ सकता है.
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Economic Survey के अनुसार 15 से 59 साल की कामकाजी आबादी अगले 10 साल में 98 करोड़ से ज्यादा हो जाएगी. यह भारत की बड़ी ताकत है, लेकिन हेल्थ, स्किलिंग और रोजगार पर दबाव भी उतना ही गंभीर है.
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Economic Survey 2025-26 के मुताबिक भारत की FY27 ग्रोथ 6.8% से 7.2% के बीच रह सकती है. घरेलू मांग मजबूत बताई गई है, लेकिन वैश्विक जोखिम भी बढ़ते दिख रहे हैं. बजट में इन संकेतों की झलक नजर आ सकती है.
टैक्स, इंश्योरेंस, NPS, सोना-चांदी और किसान... आज वित्त मंत्री कर सकती हैं ये 10 बड़े ऐलान
आज 1 फरवरी को मोदी सरकार अपना केंद्रीय बजट पेश करने जा रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में लगातार अपना 9वां बजट रखेंगी. टैक्सपेयर्स, किसान, युवा और निवेशक सभी को बड़े ऐलानों का इंतजार है.