बिहार के विकास का जो मॉडल प्रस्तुत किया जा रहा है उसमें कागजों पर तो विकास की कहानियां हैं लेकिन हकीकत में जमीन पर वह विकास दिखाई नहीं देता. अररिया और किशनगंज के पुल और एप्रोच रोड की हाल की ग्राउंड रिपोर्ट से पता चलता है कि विकास कार्य अधूरे हैं और जनता को उससे मिलने वाले फायदे से वंचित रखा गया है. स्थानीय लोग मजबूती और सुरक्षा के बजाय समस्याओं और असुविधाओं का सामना कर रहे हैं.