बिहार में फिर गिरा पुल... भागलपुर में विक्रमशिला ब्रिज का हिस्सा गंगा में समाया

बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला ब्रिज का एक हिस्सा गंगा में गिर गया, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह बंद कर दिया गया. प्रशासन ने समय रहते लोगों को हटा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया. अब वैकल्पिक व्यवस्था पर काम जारी है.

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भागलपुर में विक्रमशिला ब्रिज का एक हिस्सा गंगा में गिर गया (Photo: ITG) भागलपुर में विक्रमशिला ब्रिज का एक हिस्सा गंगा में गिर गया (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:56 AM IST

बिहार के भागलपुर में रात को एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा. गंगा नदी पर बना विक्रमशिला ब्रिज का एक हिस्सा अचानक टूटकर नदी में गिर गया. लेकिन वहां मौजूद अधिकारियों की तेजी की वजह से पहले ही लोगों को हटा लिया गया था, इसलिए कोई नहीं मरा, कोई नहीं घायल हुआ.

जिला अधिकारी नवल किशोर चौधरी के अनुसार, मौके पर मौजूद स्थानीय अधिकारी और SHO की सतर्कता की वजह से तुरंत लोगों को उस हिस्से से हटा लिया गया. लोगों को हटाने के करीब 15 मिनट बाद ही पुल का स्लैब गंगा नदी में गिर गया.

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घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विक्रमशिला ब्रिज को भागलपुर और नवगछिया दोनों तरफ से पूरी तरह सील कर दिया है. फिलहाल पुल पर सभी तरह का ट्रैफिक बंद कर दिया गया है.

प्रशासन ने बताया कि रात के समय वैकल्पिक रास्ता शुरू करना संभव नहीं था. जो लोग भागलपुर आना चाहते हैं, उन्हें फिलहाल मुंगेर के रास्ते आने की सलाह दी गई है.

 

यह भी पढ़ें: अब तक 11... बिहार में धड़ल्ले से गिर रहे ब्रिज, एक ही दिन में 5 पुल टूटने का बना रिकॉर्ड

25 साल पुराना पुल, अब इस्तेमाल के लायक नहीं

यह पुल साल 2001 में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था. करीब 4.5 किलोमीटर लंबा यह सेतु हजारों वाहनों और लाखों लोगों की रोजमर्रा की यात्रा का प्रमुख साधन था.

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लेकिन महज 25 साल के भीतर ही इसका एक बड़ा हिस्सा गंगा में समा गया, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत इस पर आवाजाही रोक दी.

प्रशासन ने वैकल्पिक रास्ते को लेकर क्या कहा?

अब प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था बनाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए काम कर रहा है. प्रशासन ने फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मुंगेर ब्रिज का सुझाव दिया है, जो लगभग 60 किलोमीटर दूर है. अब यात्रियों को लंबा रास्ता तय करना होगा. परिवहन में समय और लागत दोनों बढ़ेंगे. 

इनपुट: राजीव सिद्धार्थ/ रोहित

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