डैमेज कंट्रोल में जुटे उपेंद्र कुशवाहा, नाराज MLA को बनाया RLM का प्रदेश अध्यक्ष

आरएलएम में नाराजगी और टूट की अटकलों के बीच अब पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा डैमेज कंट्रोल के मोड में आ गए हैं. उपेंद्र कुशवाहा ने नाराज विधायक को ही बिहार में पार्टी की कमान सौंप दी है.

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उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार में बनाए आरएलएम के दो कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार में बनाए आरएलएम के दो कार्यकारी अध्यक्ष

शशि भूषण कुमार

  • पटना,
  • 30 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:52 PM IST

उपेंद्र कुशवाहा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) में मतभेद की खबरें आम थीं. चर्चा तो यहां तक थी कि आरएलएम के विधायक नाराज हैं और पार्टी टूट भी सकती है. टूट और मतभेद की अटकलों के बीच अब उपेंद्र कुशवाहा पार्टी बचाने के लिए एक्टिव मोड में आ गए हैं. राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी संगठन में बड़े बदलाव का ऐलान किया है.

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उपेंद्र कुशवाहा ने आलोक कुमार सिंह को आरएलएम का प्रदेश अध्यक्ष बनाने का ऐलान किया है. आलोक कुमार सिंह आरएलएम के विधायक हैं और चर्चे उनकी भी नाराजगी के थे. उपेंद्र कुशवाहा ने खुद उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने का ऐलान किया और कहा कि वह जमीनी नेता हैं. आलोक अपने संगठनात्मक अनुभव से बिहार में पार्टी को और मजबूती देंगे.

उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी पार्टी में टूट के कयासों को निराधार बताते हुए दावा किया कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा पूरी तरह से एकजुट है. उन्होंने प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का भी ऐलान किया. आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी ऐलान किया है कि मदन चौधरी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष होंगे.

यह भी पढ़ें: ‘आज भी साथ हैं, आगे भी रहेंगे’, RLM में टूट की अटकलों के बीच तीन विधायकों ने फोटो के जरिए दिया मैसेज

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आरएलएम का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद आलोक कुमार सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के प्रति आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा है कि आरएलएम की नीतियों को, विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे. आलोक सिंह ने यह भी कहा है कि कार्यकर्ताओं को संगठित कर आने वाली राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे.

यह भी पढ़ें: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में टूट का खतरा, डिनर पार्टी में नहीं पहुंचे तीन विधायक

बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में टूट के कयास तब शुरू हुए थे, जब उनकी ओर से दिए गए डिनर में आरएलएम के तीन विधायक नहीं पहुंचे थे. नाराज विधायकों में आलोक कुमार सिंह का नाम भी शामिल था. उपेंद्र कुशवाहा के सामने ऐसी स्थिति में पार्टी को एकजुट रखने की चुनौती आ खड़ी हुई थी.

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