पटना में 'ब्लैकआउट मॉक ड्रिल' के दौरान कारोबारी की हत्या: 15 मिनट के लिए बुझाई गई थीं शहर की बत्तियां, अंधेरे में गोली मार गए बदमाश

PATNA MURDER DURING BLACK OUT: बिहार की राजधानी पटना में प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था परखने के लिए किए गए 'ब्लैकआउट मॉक ड्रिल' के दौरान अपराधियों ने दुस्साहस दिखाते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया. 15 मिनट के निर्धारित अंधेरे का फायदा उठाकर अपराधियों ने एक मसाला कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी.

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मसाला कारोबारी की हत्या में रंजिश का एंगल सामने आया.(Photo:Screengrab) मसाला कारोबारी की हत्या में रंजिश का एंगल सामने आया.(Photo:Screengrab)

रोहित कुमार सिंह

  • पटना ,
  • 14 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:28 PM IST

बिहार की राजधानी पटना में कानून-व्यवस्था और इमरजेंसी हालात से निपटने के लिए आयोजित की गई 'ब्लैकआउट मॉक ड्रिल' के दौरान एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है. जिस समय पूरा शहर प्रशासन के निर्देश पर 15 मिनट के लिए अंधेरे में डूबा था, उसी समय सुल्तानगंज थाना इलाके में अपराधियों ने 25 वर्षीय मसाला कारोबारी पिंटू उर्फ बड़का की गोली मारकर हत्या कर दी.

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मृतक पिंटू मुसल्लहपुर हाट के पीछे का रहने वाला था और मसालों का कारोबार करता था. बताया जा रहा है कि अपराधियों ने घात लगाकर उसे अपना निशाना बनाया. रात में जैसे ही मॉक ड्रिल के तहत लाइटें बंद हुईं, अपराधियों ने पिंटू के सिर में एक गोली दाग दी.

गोली की आवाज और वारदात के बाद मंडी में भगदड़ मच गई. स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल पिंटू को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. देखें VIDEO:- 

पुलिस और FSL की जांच शुरू
वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी ब्लैकआउट के सन्नाटे और अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से भाग निकलने में सफल रहे. सूचना मिलते ही सुल्तानगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी की.

मामले की गंभीरता को देखते हुए FSL यानी फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम को भी बुलाया गया है, जो मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है.

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच से पता चला है कि कारोबारी की हत्या किसी रंजिश के चलते की गई है. फिलहाल आरोपी फरार हैं.  देखें VIDEO:- 

प्रशासनिक चूक पर सवाल?
यह घटना पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि जिस 'ब्लैकआउट' का आयोजन सुरक्षा ड्रिल के तौर पर किया गया था, अपराधियों ने उसी को अपनी ढाल बना लिया. स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि ड्रिल के दौरान गश्ती और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे?

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