बिहार की राजनीति में एक नए युग की आहट सुनाई देने लगी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) में औपचारिक रूप से शामिल होने से पहले ही अपनी सक्रियता बढ़ाकर सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है.
शनिवार की सुबह निशांत कुमार अचानक जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय झा के आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी के दिग्गज नेताओं और युवा विधायकों के साथ एक लंबी अनौपचारिक बैठक की.
निशांत कुमार अब तक राजनीति की चकाचौंध से दूर ही रहे हैं, लेकिन उनकी इस ताजा सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि वे अब संगठन की कमान संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. संजय झा के आवास पर हुई इस बैठक में न केवल नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले एमएलसी संजय गांधी और ललन सर्राफ मौजूद थे, बल्कि पार्टी के कई युवा विधायक भी शामिल हुए.
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य एजेंडा बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और जेडीयू का सांगठनिक ढांचा था. निशांत ने नेताओं से नीतीश कुमार के काम करने के तरीके, सरकार की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और संगठन को भविष्य की चुनौतियों के लिए कैसे मजबूत किया जाए, इस पर विस्तार से चर्चा की.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निशांत की यह 'प्री-ज्वाइनिंग' सक्रियता पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने के लिए है. संजय झा की मौजूदगी में हुई इस बैठक ने निशांत के कद को पार्टी के भीतर और स्पष्ट कर दिया है. अब बस इंतजार है तो उनकी औपचारिक ज्वाइनिंग का, जो बिहार की सत्ताधारी पार्टी के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है.
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8 मार्च को ज्वॉइन करेंगे जेडीयू
सूत्रों के मुताबिक निशांत कुमार 8 मार्च को औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की सदस्यता ले सकते हैं. माना जा रहा है कि पटना में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान वे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करेंगे. इस मौके पर राज्य के विभिन्न जिलों से जदयू कार्यकर्ताओं और नेताओं के जुटने की संभावना है. पार्टी के भीतर इसे संगठन के लिए एक अहम राजनीतिक घटना के रूप में देखा जा रहा है. निशांत कुमार की संभावित एंट्री ऐसे समय हो रही है जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है.
इसके बाद से ही पार्टी के भीतर नेतृत्व के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि जदयू अब आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए नई पीढ़ी के नेतृत्व को आगे लाने की तैयारी कर रही है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि जदयू लंबे समय से नीतीश कुमार के नेतृत्व के इर्द-गिर्द ही केंद्रित रही है. ऐसे में संगठन को नई ऊर्जा देने और भविष्य की राजनीति के लिए नए चेहरे को सामने लाना जरूरी कदम हो सकता है. निशांत कुमार की सक्रियता को इसी रणनीति के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है.
अब तक निशांत कुमार राजनीति से काफी दूरी बनाकर रखते आए हैं और सार्वजनिक जीवन में भी वे लो-प्रोफाइल ही रहे हैं. 1975 में बिहार के बख्तियारपुर में जन्मे निशांत की शुरुआती पढ़ाई पटना से हुई है. इसके बाद उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की.
शशि भूषण कुमार