जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने नई दिल्ली में मंगलवार को कहा कि उन्होंने पार्टी छोड़ दी है और आगे क्या करना है, इसका फैसला जल्द करेंगे. जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा, 'हां, मैंने पार्टी छोड़ दी है.' केसी त्यागी अक्टूबर 2003 से जेडीयू के साथ जुड़े हुए थे. उस समय समता पार्टी और जनता दल के मिलकर जेडीयू बनने के बाद से वह पार्टी में सक्रिय रहे. उन्होंने पार्टी में मुख्य महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे कई अहम पदों पर काम किया. केसी त्यागी ने कहा, नीतीश कुमार के साथ मेरा 50 साल पुराना रिश्ता है. मैंने इस्तीफा नहीं दिया है; मैंने पार्टी के सदस्यता अभियान में हिस्सा नहीं लिया है.
पूर्व राज्यसभा सदस्य त्यागी ने अपने बयान में कहा कि पार्टी का सदस्यता अभियान खत्म हो गया है और इस बार उन्होंने अपनी सदस्यता फिर से नई नहीं कराई है. उन्होंने कहा कि गरीबों, किसानों और समाज के कमजोर वर्गों के हित से जुड़े उनके विचार पहले जैसे ही मजबूत रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के प्रति उनका सम्मान भी पहले जैसा ही है, जो करीब 50 साल से उनके साथी रहे हैं.
केसी त्यागी ने कहा, 'नीतीश कुमार के साथ मेरा 50 साल पुराना रिश्ता है. जयप्रकाश जी के आंदोलन में, फिर जनता पार्टी, लोक दल और उसके बाद कर्पूरी जी के नेतृत्व में हमने साथ मिलकर राजनीति की. मैंने इस्तीफा नहीं दिया है; मैंने पार्टी के सदस्यता अभियान में हिस्सा नहीं लिया है. 22 मार्च को मेरे कुछ शुभचिंतक दिल्ली में विट्ठलभाई पटेल हाउस में कुछ साथियों को इकट्ठा करेंगे, हम बैठकर अपनी नई भूमिका की घोषणा करेंगे.'
आगे की रणनीति पर जल्द फैसला
केसी त्यागी ने कहा कि आगे क्या करना है, इसका फैसला वह जल्द ही अपने राजनीतिक साथियों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं से बात करके करेंगे. उन्होंने बताया कि 22 मार्च 2026 को मावलंकर हॉल, रफी मार्ग में समान सोच वाले लोगों की एक बैठक रखी गई है, जिसमें देश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी.
त्यागी ने कहा कि वे भारत रत्न चौधरी चरण सिंह, डॉ राम मनोहर लोहिया और भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के विचारों से आगे भी प्रेरणा लेते रहेंगे.
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