राबड़ी देवी को दिल्ली की कोर्ट से झटका, जज बदलने की मांग वाली याचिका खारिज

यह याचिका प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज चार मामलों से जुड़ी थी. राबड़ी देवी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि विशेष जज विशाल गोगने उनके मामलों में निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं, इसलिए इन मामलों की सुनवाई किसी अन्य अदालत में कराई जानी चाहिए.

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राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को राबड़ी देवी की ट्रांसफर याचिका को नामंजूर कर दिया. (File Photo- X) राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को राबड़ी देवी की ट्रांसफर याचिका को नामंजूर कर दिया. (File Photo- X)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 19 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 7:21 PM IST

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. अदालत ने उनके खिलाफ चल रहे मामलों की सुनवाई कर रहे विशेष जज विशाल गोगने पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए केस को दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है.

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राऊज एवेन्यू कोर्ट परिसर स्थित प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज दिनेश भट्ट की अदालत ने शुक्रवार को राबड़ी देवी की ट्रांसफर याचिका को नामंजूर कर दिया. हालांकि, इस मामले में अदालत का विस्तृत आदेश अभी आना बाकी है.

यह याचिका प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज चार मामलों से जुड़ी थी. ये सभी मामले IRCTC होटल टेंडर घोटाले और जमीन के बदले नौकरी यानी ‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाले से संबंधित हैं. इन मामलों में राबड़ी देवी के साथ उनके पति और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत परिवार के अन्य सदस्य भी आरोपी हैं.

राबड़ी देवी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि विशेष जज विशाल गोगने उनके मामलों में निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं, इसलिए इन मामलों की सुनवाई किसी अन्य अदालत में कराई जानी चाहिए. हालांकि, जांच एजेंसियों ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया.

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इससे पहले CBI ने IRCTC घोटाले से जुड़े मामले में अदालत में विस्तृत जवाब दाखिल करते हुए कहा था कि राबड़ी देवी की ट्रांसफर याचिका पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण है. CBI के मुताबिक, यह याचिका अदालत को गुमराह करने और विशेष जज पर दबाव बनाने की कोशिश है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में सीधे तौर पर हस्तक्षेप किया जा सके.

CBI ने यह भी दलील दी थी कि राबड़ी देवी ने जज पर पक्षपात का आरोप उस समय लगाया, जब कई महीनों तक विस्तृत बहस हो चुकी थी, आरोप तय किए जा चुके थे और मामला साक्ष्य के चरण में पहुंच चुका था. एजेंसी के अनुसार, इस स्तर पर जज बदलने की मांग करना न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने जैसा है.

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