बिहार के दरभंगा जिले के हरिनगर गांव में भड़की जातीय हिंसा के बाद हालात का जायजा लेने एसएसपी जगुनाथ रेड्डी और डीएम कौशल कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने गांव में घूमकर स्थिति का निरीक्षण किया और पीड़ित लोगों से बातचीत करके उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया. पुलिस ने इस हिंसा के मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है और अब तक बारह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
गांव में शांति बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है. एसएसपी ने कहा कि यह पूरा विवाद पैसों के लेनदेन से शुरू हुआ था, जिसके बाद पंचायत में विवाद बढ़ा और अगले दिन हिंसा भड़क गई.
प्रशासन अब अन्य दोषियों को चिह्नित कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रहा है.
पैसों के लेनदेन और पंचायत से बढ़ा विवाद
एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने घटना के पीछे की वजहों का खुलासा करते हुए बताया कि मामला पैसों के लेनदेन से जुड़ा था. इस विवाद को सुलझाने के लिए गांव में एक पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन पंचायत के दौरान विवाद और गहरा गया. इसके अगले दिन ही हिंसा भड़क उठी. पुलिस ने घटना के तुरंत बाद एक्शन लेते हुए 12 लोगों को दबोच लिया है. एसएसपी ने कहा कि मामले की बारीकी से जांच हो रही है, जिससे असली दोषियों को सजा मिले और कोई निर्दोष कानूनी पचड़े में न फंसे.
यह भी पढ़ें: 10 साल में दरभंगा एम्स का सिर्फ मेन गेट ही बना पाई सरकार, कांग्रेस ने साधा निशाना
'मिलकर रहें ग्रामीण...'
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने गांव के लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने गांव वालों को समझाते हुए कहा कि वे सभी कई साल से एक साथ रहते आए हैं और भविष्य में भी उन्हें यहीं रहना है, इसलिए किसी प्रकार का द्वेष पालना ठीक नहीं है. डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आम लोगों के बीच विश्वास बहाल करने के लिए लगातार कैंप किया जाए और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए.
यह भी पढ़ें: नीतीश कुमार की दरभंगा समृद्धि यात्रा... 90 नई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे
SC/ST एक्ट में केस और ड्रोन से निगरानी
एसएसपी ने साफ किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. उन्होंने मीडिया को बताया कि एसडीपीओ लगातार मौके पर मौजूद हैं और लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. अगर किसी शख्स का नाम गलती से एफआईआर में आ गया है, तो पुलिस उसकी जांच कर नाम हटाएगी. दोषियों की पहचान के लिए तकनीकी मदद भी ली जा रही है. मौजूदा वक्त में हरिनगर गांव पुलिस छावनी में तब्दील है और मजिस्ट्रेट हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.
क्या है पूरा मामला?
दरभंगा के हरिनगर गांव में मजदूरी के ₹2.5 लाख न मिलने को लेकर दलित परिवार और ब्राह्मण समुदाय के बीच विवाद शुरू हुआ, जो पंचायत में नहीं सुलझा और मारपीट में बदल गया. पुलिस ने SC/ST एक्ट समेत कई धाराओं में 200 से ज्यादा लोगों पर FIR दर्ज की है और 12 को हिरासत में लिया है. गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
प्रह्लाद कुमार