बिहार में शराबबंदी...अब कुशवाहा के विधायक ने की समीक्षा की मांग, जेडीयू बोली- सवाल ही नहीं उठता

बिहार विधानसभा में शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. आरएलएम विधायक माधव आनंद की मांग पर जेडीयू और सरकार के मंत्रियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जहां विधायक समीक्षा को वक्त की जरूरत बता रहे हैं, वहीं सरकार इसे ऐतिहासिक फैसला मानती है.

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (Photo/ITG) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (Photo/ITG)

शशि भूषण कुमार

  • पटना,
  • 18 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:11 PM IST

बिहार विधानसभा में शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है. सत्ताधारी एनडीए गठबंधन के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के विधायक माधव आनंद ने विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में कानून की विस्तृत समीक्षा की मांग की थी, जिससे राजनीतिक घमासान मच गया. जेडीयू ने इस मांग को खारिज करते हुए दूसरे राज्यों में शराब उपलब्ध होने की नसीहत दी, जबकि माधव आनंद ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी मांग सरकार के मुख्यमंत्री से ही है और सदन में उठाई गई बात पर गैर-विधायकों को टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है.

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RLM विधायक माधव आनंद ने विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान कहा था, 'मुख्यमंत्री ऐतिहासिक निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं. शराबबंदी भी ऐसा कानून है, जिसे लाने की क्षमता हर व्यक्ति में नहीं होती. लेकिन अब लंबा वक्त हो गया है और इस कानून की विस्तृत समीक्षा की आवश्यकता है. जब समीक्षा होगी तो लक्ष्यों की प्राप्ति हुई या नहीं, जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होगी. मुझे विश्वास है कि मुख्यमंत्री इसकी समीक्षा करेंगे.'

इसके बाद जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर बिहार में शराबबंदी पसंद नहीं तो दूसरे राज्यों में चले जाएं, जहां शराब उपलब्ध है. 

आनंद का जेडीयू पर पलटवार

इस बयान पर माधव आनंद ने बुधवार को पलटवार किया. उन्होंने कहा, 'मैंने कल सदन में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में तमाम विषयों पर चर्चा के दौरान कहा कि आप ऐतिहासिक निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं. हमने अपनी ही सरकार के मुख्यमंत्री से शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग की थी. सदन ने अंदर अगर कोई बात कही जाती है तो इसका मतलब होता है. जिन्होंने मेरे द्वारा सदन में कही बात पर प्रतिक्रिया दी वे विधानसभा के सदस्य भी नहीं हैं. मैं फिर कहता हूं.. बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा की जरूरत है.'

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इस विषय पर बोल चुके हैं सीएम

वहीं, बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा, 'मुख्यमंत्री पहले ही इस विषय पर बोल चुके हैं और सब दलों के नेताओं ने उन्हें समर्थन दिया था... इसलिए इस विषय पर बोलने का कोई मतलब नहीं है.' 

राम कृपाल का तेजस्वी पर निशाना

उधर, बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने इस मुद्दे पर सरकार का बचाव किया और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'पहले वह जब तक सरकार में रहे हैं, उसका तो हिसाब दे दें. वो क्या हिसाब लेंगे? सरकार अच्छा काम कर रही है. सबकी सेवा कर रही है, बिहार को आगे बढ़ा रही है, लोगों का कल्याण कर रही है, सभी वर्ग, तबके के लिए सरकार ने ऐतिहासिक काम किया है.'

बिहार विधानसभा में शराबबंदी के मुद्दे पर उन्होंने कहा, 'शराबबंदी तो है, कोई कमी आएगी सरकार की नजर में तो सरकार कार्रवाई करेगी.'

आपको बता दें कि बिहार में अप्रैल 2016 से नीतीश कुमार सरकार ने पूर्ण शराबबंदी लागू की थी, जिसे महिलाओं और समाज सुधार का बड़ा कदम बताया गया.

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