बिहार में अश्लीलता पर 'हंटर'! सार्वजनिक जगहों पर अश्लील गाने बजाने पर होगी FIR

बिहार सरकार ने सार्वजनिक स्थलों पर अश्लीलता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी की है. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सख्त लहजे में कहा है कि अब बस, ऑटो या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर द्विअर्थी और फूहड़ गाने बजाने वालों पर सीधे एफआईआर दर्ज होगी.

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सार्वजनिक जगहों पर अश्लीलता फैलाने वालों के खिलाफ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी हुए सख्त (Photo: PTI) सार्वजनिक जगहों पर अश्लीलता फैलाने वालों के खिलाफ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी हुए सख्त (Photo: PTI)

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 05 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:12 AM IST

बिहार के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील और दोहरे अर्थ वाले गानों के प्रसारण पर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने पूरे सूबे के पुलिस अधिकारियों को स्पेशल कैंपेन चलाकर सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इस आदेश के तहत बस, ट्रक, ऑटो रिक्शा या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अश्लील भोजपुरी, मगही, मैथिली या अन्य भाषाओं के गाने बजाने पर सीधे प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. 

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सम्राट चौधरी ने यह कदम समाज और बच्चों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को रोकने के लिए उठाया है. उल्लंघन करने वालों को जेल की सजा भी काटनी पड़ सकती है. 

पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना किसी ढिलाई के इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करें, जिससे महिलाओं की गरिमा बनी रहे और समाज में फूहड़ता पर लगाम लग सके.

बच्चों और महिलाओं की गरिमा सबसे ऊपर

डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा है कि अश्लील गाने न सिर्फ समाज के ताने-बाने को बिगाड़ते हैं, बल्कि बच्चों की मानसिकता पर भी गलत असर डालते हैं. ऐसे गाने महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं और समाज में फूहड़ता को बढ़ावा देते हैं. बच्चों के विकास के लिए एक स्वस्थ वातावरण जरूरी है, इसलिए इन गानों पर रोक लगाना अब जरूरी हो गया है.

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पुलिस अधीक्षकों को दी गई जिम्मेदारी...

सम्राट चौधरी ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को निर्देश दिया है कि अश्लील गानों पर रोक लगाने के लिए लगातार कैंपेन चलाया जाए. पुलिस को वाहनों की नियमित चेकिंग करने को कहा गया है. अगर कोई भी ड्राइवर नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उस पर कानूनी शिकंजा कसने में कोई रियायत नहीं बरती जाएगी.

भाषा की मर्यादा बचाने की कोशिश

भोजपुरी, मगही और मैथिली जैसी समृद्ध भाषाओं में परोसे जा रहे फूहड़पन को रोकने के लिए यह बड़ी कार्रवाई है. सरकार का मानना है कि पब्लिक प्लेसेज पर अनुशासन और भाषाई मर्यादा जरूरी है. इस आदेश के बाद अब परिवहन क्षेत्र और सार्वजनिक स्थानों पर म्यूजिक सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर पुलिस की पैनी नजर रहेगी.

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