TESLA को झटका! 13 साल बाद VP ने भी दिया इस्तीफा, जानें कौन हैं राज जगन्नाथन

Raj Jegannathan Tesla: राज जगन्नाथन ने अपने लिंक्डइन पोस्ट में लिखा कि,टेस्ला में उनका सफर लगातार सीखने और बदलाव से भरा रहा. उनका कहना था कि यह सफर उनके लिए पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों रूप से काफी अहम रहा. बतौर वाइस प्रेसिडेंट टेस्ला में उनकी भूमिका काफी अहम थी.

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राज जगन्नाथन लिंक्डइन के जरिए इस्तीफे की जानकारी शेयर की. Photo: X/@Tesla_India राज जगन्नाथन लिंक्डइन के जरिए इस्तीफे की जानकारी शेयर की. Photo: X/@Tesla_India

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:21 AM IST

Who is Raj Jegannathan Tesla VP: इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली दिग्गज अमेरिकन कंपनी टेस्ला के लिए यह समय आसान नहीं चल रहा है. इसी बीच कंपनी को एक और बड़ा झटका लगा है. टेस्ला के वाइस प्रेसिडेंट राज जगन्नाथन (Raj Jegannathan) ने 13 साल तक काम करने के बाद कंपनी छोड़ने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने यह जानकारी लिंक्डइन पर एक छोटे से पोस्ट के जरिए दी. राज जगन्नाथन ने टेस्ला में अपने सफर को “लगातार बदलते और आगे बढ़ते रहने वाली जर्नी” बताया.

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राज जगन्नाथन ने अपने लिंक्डइन पोस्ट में लिखा कि, "13 साल के सफर को एक ही पोस्ट में समेटना आसान नहीं है. टेस्ला में यह यात्रा लगातार बदलाव और आगे बढ़ने की रही है. दुनिया के सबसे बड़े एआई क्लस्टर में से एक को डिजाइन करने, तैयार करने और चलाने की तकनीकी चुनौतियों से लेकर आईटी, सिक्योरिटी, सेल्स और सर्विस में अहम योगदान देना मेरे लिए एक सम्मान की बात रही है." हालांकि उन्होंने कंपनी छोड़ने की वजह को लेकर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की.

क्या थी राज जगन्नाथन की भूमिका

राज जगन्नाथन टेस्ला में वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर आईटी, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजनेस एप्लीकेशंस और इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. पिछले साल उन्हें टेस्ला की सेल्स टीम को लीड करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी. यह जिम्मेदारी उन्हें तब मिली थी जब नॉर्थ अमेरिका के सेल्स हेड ट्रॉय जोन्स को कंपनी से हटा दिया गया था.

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टेस्ला की गिरती बिक्री 

इस समय टेस्ला कई चुनौतियों से जूझ रही है. कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में गिरावट देखी जा रही है. इसकी एक बड़ी वजह टेस्ला के पुराने हो चुके इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल माने जा रहे हैं. इसके अलावा सीईओ एलन मस्क के राजनीतिक बयानों और गतिविधियों को लेकर भी कंपनी को आलोचना का सामना करना पड़ा है. इससे टेस्ला की ब्रांड इमेज को काफी नुकसान पहुंचा है. यूरोपीय बाजार में भी टेस्ला की कारों की बिक्री गिर चुकी है.

EV के गढ़ में लड़खड़ाई टेस्ला 

Tesla कारों की बिक्री में आई सुस्ती का असर अब उन बाजारों में भी नजर आने लगा है, जिन्हें टेस्ला का गढ़ माना जाता था. नॉर्वे ऐसा ही एक देश है, जहां इलेक्ट्रिक गाड़ियों की जबरदस्त मांग रहती है, लेकिन अब यहां भी टेस्ला की पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है. जनवरी 2026 के नए रजिस्ट्रेशन आंकड़ों के अनुसार, नॉर्वे में Tesla Model Y की सिर्फ 62 यूनिट्स बिकीं. यह कुल नई कार बिक्री का केवल 2.8 प्रतिशत है. पूरी टेस्ला रेंज की बात करें तो कंपनी ने कुल 83 कारें बेचीं, जो पिछले साल जनवरी में बेचे गए कारों के मुकाबले 88 प्रतिशत की बड़ी गिरावट है.

पहली बार घटा रेवेन्यू

टेस्ला के लिए 2025 एक अहम साल साबित हुआ. इस साल कंपनी का रेवेन्यू 3 प्रतिशत गिर गया, जो अब तक का पहला मौका है जब टेस्ला की कमाई में गिरावट दर्ज की गई. अब कंपनी पर दबाव है कि वह इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री को दोबारा रफ्तार दे और लंबे समय से किए जा रहे ड्राइवरलेस तकनीक के वादों को पूरा करे.

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कौन हैं राज जगन्नाथन

राज जगन्नाथन ने साल 2012 में टेस्ला जॉइन की थी. उस समय वे क्लाउड सिक्योरिटी और आईटी के तकनीकी विशेषज्ञ थे. धीरे धीरे उन्होंने कंपनी में ऊंचे पद हासिल किए और वाइस प्रेसिडेंट बने. टेस्ला से पहले भी उन्होंने बड़ी टेक कंपनियों के साथ काम किया. उन्होंने ओरेकल में सीनियर प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर काम किया और माइक्रोसॉफ्ट के एज़्योर एआई प्रोजेक्ट्स से भी जुड़े रहे.

राज जगन्नाथन ने आईआईटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है और स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए किया है. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने भारत में इंफोसिस से की थी, जहां वे सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट टीम को लीड कर चुके हैं.

राज जगन्नाथन का जाना टेस्ला के लिए ऐसे समय में हुआ है जब कंपनी पहले से दबाव में है. अमेरिका में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में सुस्ती है. वहीं एलन मस्क का फोकस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेल्फ ड्राइविंग सिस्टम और ह्यूमनॉइड रोबोट्स पर ज्यादा नजर आ रहा है. पिछले साल टेस्ला दुनिया की सबसे बड़ी ईवी कंपनी का खिताब भी चीन की बीवाईडी के हाथों गंवा चुकी है. दुनिया के इलेक्ट्रिक कार बाजार में BYD का दबदबा बढ़ रहा है. 

Tesla ने हाल ही में दिल्ली और गुरुग्राम में भी अपना नया शोरूम शुरू किया है. Photo: X/@Tesla_india

टेस्ला में लगातार हो रहे बड़े इस्तीफे

राज जगन्नाथन अकेले ऐसे सीनियर अधिकारी नहीं हैं जिन्होंने हाल के समय में टेस्ला छोड़ी है. पिछले कुछ सालों में कई बड़े नाम कंपनी से बाहर हो चुके हैं. एलन मस्क के करीबी माने जाने वाले ओमेद अफशार भी पिछले साल कंपनी छोड़ चुके हैं. इसके अलावा ऑप्टिमस रोबोट प्रोजेक्ट के इंजीनियरिंग हेड मिलान कोवाक और लंबे समय तक सॉफ्टवेयर टीम संभालने वाले डेविड लॉ भी टेस्ला से विदा ले चुके हैं.

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इन लगातार हो रहे इस्तीफों ने टेस्ला के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सबकी नजर इस पर है कि कंपनी इन चुनौतियों से कैसे उबरती है और क्या एक बार फिर अपनी खोई हुई रफ्तार हासिल कर पाती है.

भारत में भी टेस्ला की शुरुआत बेहद धीमी रही है. पिछले साल जुलाई में टेस्ला ने मुंबई के बांद्र कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में देश का पहला शोरूम शुरू किया. इस दौरान कंपनी ने Tesla Model Y को इंडियन मार्केट में लॉन्च किया है, जिसकी शुरुआती कीमत 59.89 लाख रुपये है. हाई इंपोर्ट ड्यूटी के चलते कार की कीमत काफी ज्यादा है, और इसका असर कार सेल्स पर भी देखने को मिल रहा है. फिलहाल कंपनी इस कार की खरीद पर एक्सचेंज ऑफर भी दे रही है, ताकि बिक्री को रफ्तार दी जा सके. 

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