Himachal Pradesh Toll Tax: नई पॉलिसी के अनुसार बाहर के राज्यों से आने वाली कार, जीप, वैन और लाइट मोटर व्हीकल पर अब 170 रुपये प्रति दिन टोल देना होगा. कुछ कैटेगरी के वाहनों के लिए तो टोल ढ़ाई गुना तक बढ़ा दिया गया है. इससे दूसरे राज्यों से हिमाचल में एंट्री करने वाले वाहनों को टोल के लिए मोटी रकम चुकानी होगी.
पर्यटन और बाहरी वाहनों की आवाजाही के बीच राज्य सरकार ने टोल टैक्स को लेकर बड़ा फैसला लिया है. हिमाचल प्रदेश सरकार ने टोल पॉलिसी 2026-27 के तहत एंट्री फीस यानी बैरियर टोल की नई दरें जारी कर दी हैं. ये दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी और मुख्य रूप से राज्य में प्रवेश करने वाले बाहरी यानी गैर-हिमाचली वाहनों पर लागू होंगी. सरकार का कहना है कि इससे राज्य की आय बढ़ेगी और सड़क सुविधाओं को बेहतर किया जा सकेगा.
नई पॉलिसी के अनुसार बाहर के राज्यों से आने वाली कार, जीप, वैन और लाइट मोटर व्हीकल पर अब 170 रुपये प्रति दिन टोल देना होगा. कुछ कैटेगरी में इसे कम से कम 130 रुपये भी किया गया है. लेकिन ज्यादातर रिपोर्ट्स में प्राइवेट कार और एसयूवी के लिए 170 रुपये ही तय माना जा रहा है. इसके अलावा 12+1 (पैसेंजर और ड्राइवर) सीटिंग तक के प्राइवेट पैसेंजर वाहनों पर भी यही रेट लागू होगा.
पॉलिसी में 12+1 से ज्यादा और 32+1 सीटिंग तक की पैसेंजर गाड़ियों, मिनी बस और लाइट कमर्शियल व्हीकल से अब 200 से 320 रुपये प्रति दिन वसूले जाएंगे. वहीं 32+1 से ज्यादा सीटिंग वाली बसों और दो एक्सल तक के ट्रक पर 250 से 570 रुपये तक टोल लगेगा. कुछ रिपोर्ट्स में कमर्शियल बसों के लिए यह राशि 600 रुपये तक बताई गई है.
तीन एक्सल वाले कमर्शियल वाहनों के लिए 600 रुपये प्रति दिन टोल तय किया गया है. हैवी कंस्ट्रक्शन मशीन, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट और 4 से 6 एक्सल वाले मल्टी एक्सल वाहनों से 800 रुपये वसूले जाएंगे. 7 या उससे ज्यादा एक्सल वाले ओवरसाइज्ड और बड़े मालवाहक वाहनों पर 900 रुपये प्रति दिन टोल देना होगा. यानी केवल टोल का ये बोझ आम टूरिस्ट पर ही नहीं बल्कि कंस्ट्रक्शन कारोबारी कंपनियों पर भी पड़ेगा.
परमिट के साथ आने वाले गैर-हिमाचली ट्रैक्टर पर 100 रुपये प्रति दिन टोल लगेगा. वहीं बाहर के राज्यों के मोटर रिक्शा और स्कूटर रिक्शा से 30 रुपये प्रति दिन लिए जाएंगे. हालांकि टोल बैरियर के आसपास के इलाकों में चलने वाले लोकल हिमाचली वाहनों के लिए रियायती दर रखी गई है. नियमों के अनुसार ऐसे वाहनों से 100 रुपये प्रति दिन टोल लिया जाएगा.
पहले निजी कारों पर टोल करीब 70 रुपये था, जबकि भारी मालवाहक वाहनों पर 720 रुपये तक लिया जाता था. नई दरों में कई कैटेगरी में 2 से ढाई गुना तक बढ़ोतरी देखी जा रही है. सरकार का मानना है कि इस बढ़ोतरी से राज्य के राजस्व में अच्छी बढ़त होगी. जिससे लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर को और भी बेहतर किया जा सकेगा.
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