केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नए सहकारी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म Bharat Taxi से जुड़े ड्राइवरों के साथ आज बातचीत की. अमित शाह ने अपील की है कि वे शुरुआती दिनों की परेशानियों में धैर्य बनाए रखें. और भारत टैक्सी को अपनी ही कंपनी समझकर काम करें. उन्होंने कहा कि किसी भी नए सिस्टम को जमने में थोड़ा समय लगता है और शुरुआती दिक्कतें स्वाभाविक होती हैं, लेकिन ये परेशानियां जल्द खत्म हो जाएंगी.
करीब 40 मिनट तक चली बातचीत में भारत टैक्सी के कई ड्राइवरों ने, जिनमें महिला ड्राइवर भी शामिल थीं, अपनी समस्याएं और सवाल रखे. अमित शाह ने सभी को सुना और भरोसा दिलाया कि यह प्लेटफॉर्म आगे चलकर ड्राइवरों के लिए फायदेमंद साबित होगा. ड्राइवरों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जैसे नया घर लेने पर शुरुआत में प्लंबिंग, पेंट या दरवाजों से जुड़ी छोटी समस्याएं आती हैं, वैसे ही नए प्लेटफॉर्म में भी शुरुआती तकनीकी दिक्कतें हो सकती हैं.
उन्होंने कहा कि "एक महीने के भीतर ये समस्याएं ठीक हो जाती हैं और फिर सब कुछ आसानी से चलने लगता है. उन्होंने ड्राइवरों से कहा कि इन परेशानियों को अपनी ही कंपनी की समस्या समझकर बड़े दिल से आगे बढ़ें, तभी सफलता तय होगी." एक सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा कि, भारत टैक्सी का टार्गेट अगले तीन साल में नगर निगम वाले सभी शहरों (म्युनिसिपल कॉरपोरेशन) तक पहुंचने का है. इसके लिए एक साफ रोडमैप तैयार किया गया है, ताकि देशभर में ड्राइवरों को इसका लाभ मिल सके.
अमित शाह ने कहा कि, "भारत टैक्सी को देश की पांच बड़ी कोऑपरेटिव्स ने मिलकर खड़ा किया है. अब जैसे-जैसे सारथियों की संख्या बढ़ती जाएगी और जो भी सारथी इसमें पार्टनर बनना चाहेगा उसे 500 रूपए के शेयर लेने पर मालिकाना हक मिल जाएगा. इसके अलावा जब भारत टैक्सी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव होगा, तब इसमें कुछ जगहें सारथियों के लिए भी आरक्षित रखे जाएंगे. जब सारथी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में आ जाएंगे तब वे स्वयं अन्य सारथियों के सभी हितों की रक्षा और चिंता करेंगे."
अमित शाह ने कहा कि, "भारत टैक्सी की कुल कमाई में से 20% भारत टैक्सी के अकाउंट में सारथियों की पूंजी के रूप में जमा हो जाएगा और 80% पैसा टैक्सी कितने किलोमीटर चली है, उसके अनुसार वापस सारथियों के खाते में जाएगा. शुरूआती 3 साल भारत टैक्सी सर्विस को एक्सपैंड करने में जाएंगे और उसके बाद जितना भी मुनाफा होगा, उसका 20% भारत टैक्सी में रहेगा और 80% सारथी भाइयों को वापस दे दिया जाएगा."
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, "भारत टैक्सी में कुछ भी छिपा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि सारथियों को हर जानकारी नोटिफिकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराकर ‘भारत टैक्सी’ दुनिया की सबसे पारदर्शी कैब सर्विस बनेगी. भारत टैक्सी में सारथियों की मिनिमम वायबिलिटी पर किलोमीटर की दर की एक बेस लाइन बनाकर काम होगा."
इस इंटरैक्शन के दौरान अमित शाह ने कहा कि, "भारत टैक्सी की वेबसाइट पर सारथियों के शिकायत और उनके निपटारे के लिए एक विंडो खोली जाएगी. जिस पर मोबाइल नंबर से लॉग-इन कर वे अपनी सारी समस्याएं बता सकेंगे और उनके आधार पर हम पॉलिसी में जरूरी बदलाव कर सकेंगे. जिस प्रकार भारत टैक्सी सारथियों की समस्याओं का निवारण करेगी, उसी प्रकार बाकी टैक्सी कंपनियों को भी यह करना पड़ेगा. सारथियों के साथ ऑनलाइन, फिजिकल और कॉल सेंटर के माध्यम से संपर्क कर के उनके समस्याओं का निपटारा किया जाएगा. "
बता दें कि, भारत टैक्सी ने पिछले साल दिसंबर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम शुरू किया था. इसे 5 फरवरी को दिल्ली-एनसीआर में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया. इस प्लेटफॉर्म में चार पहिया, तीन पहिया और दो पहिया, तीनों तरह के वाहनों को शामिल किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार और बेहतर सेवा मिल सके. सरकार का दावा है कि, भारत टैक्सी में सारथियों को उनके हक का पूरा पैसा मिलेगा. साथ ही कैब सर्विस का लाभ उठाने वाले ग्राहकों को सर्ज प्राइसिंग से छुटकारा मिलेगा.
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