भीषण गर्मी के चलते गाय-भैंसों ने दूध देना किया कम, अब क्या करें पशुपालक?

ग्रामीण इलाकों में किसान तेजी से गाय और भैंस पालन की ओर प्रोत्साहित हो रहे हैं. इससे किसान दूध बेचकर बढ़िया मुनाफा तो कमा ही रहे हैं. इसके अलावा किसानों  उन्हें अपनी खेतों के लिए गाय के गोबर के तौर पर मुफ्त खाद भी मिल रही है, लेकिन तापमान में वृद्धि दुधारू पशुओं पर काफी बुरा असर पड़ रहा है.

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भीषण गर्मी के चलते दूध उत्पादन में गिरावट भीषण गर्मी के चलते दूध उत्पादन में गिरावट

aajtak.in

  • हिंगोली ,
  • 24 मई 2023,
  • अपडेटेड 7:01 PM IST

देशभर के अधिकतर राज्यों में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. महाराष्ट्र में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है. बढ़ते तापमान के चलते किसानों के साथ-साथ जानवर भी परेशान हैं. बढ़ते तापमान का सीधा असर दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन पर हो रहा है. तपती धूप के चलते दुधारू पशु चारा कम खाते हैं, जिसके चलते दूध उत्पादन में 15 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है. दूध उत्पादन कम होने के चलते किसानों को आर्थिक रूप से भी नुकसान हो रहा है. 

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दुधारू पशुओं पर भीषण गर्मी का बुरा असर

भारतीय अर्थव्यवस्था में पशुपालन का एक अहम रोल है. ग्रामीण इलाकों में किसान तेजी से गाय और भैंस पालन की ओर प्रोत्साहित हो रहे हैं. इससे किसान दूध बेचकर बढ़िया मुनाफा तो कमा ही रहे हैं. इसके अलावा किसानों  उन्हें अपनी खेतों के लिए गाय के गोबर के तौर पर मुफ्त खाद भी मिल रही है, लेकिन तापमान में वृद्धि दुधारू पशुओं पर काफी बुरा असर पड़ रहा है.

लू लगने से दुधारू पशुओं ने दूध देना किया कम

हिंगोली जिले के बेलवाडी के रहने वाले किसान परमेश्वर मांडगे खेती के साथ- साथ पिछले 20 सालो सें पशुपालन भी करते है. इनके पास अच्छी नस्ल की  85 के उपर भैसें हैं. हर रोज 500 लीटर के करिब दूध निकलता है हिंगोली के तापमान में आई वृद्धि किसान पर मुसीबत का सबब बन रहीं है. धूप कि तपिश और लू लगने के कारण दुधारू पशुओं ने दूध देना कम कर दिया है. जानवरों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए उनके शेड में फॉगर लगाया है. साथ ही उनके लिए एक बड़ा सा स्विमिंग टैंक भी बनाया है.

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पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए अपनाएं ये उपाय

हिंगोली के सहायक उपायुक्त डॉक्टर दिनेश टाकले बताते हैं कि तापमान में आई अचानक वृद्धि से जानवरों पर बूरा असर पड़ रहा है. भीषण गर्मी पड़ने के चलते जानवर तनाव की स्थिति में हैं. इसके चलते वह चारा कम खाते हैं. इसका असर दूध पर भी होता है. इस साल बढ़ती धूप के कारण जिले के दूध उत्पादन में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है. भीषण गर्मी से पशुओं को ज्यादा नुकसान न हो इसके लिए उन्हें ठंडा पानी पिलाते रहें, उन्हें छांव में रखें.  उनको ठंडे पानी से नहलाए. ये सब नहीं करने की स्थिति में पशु बीमार भी हो सकते हैं.

(हिंगोली से दयानेश्वर उंडाल की रिपोर्ट)

 

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