उत्तर भारत के राज्यों में सर्दियों की शुरुआत हो गई है. वहीं, देश के कुछ राज्यों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं. महाराष्ट्र के अकोला में बेमौसम हो रही बारिश के चलते किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. बारिश के साथ चल रहीं तेज हवाओं के चलते खेतों में खड़ी अरहर और कपास की फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है.
अरहर और कपास की फसल बर्बाद
अकोला के डोंगरगांव के किसान योगेश नागपुर ने अपने खेत में अरहर और कपास की बुवाई की थी. उन्होंने बताया कि कपास की फसल की चुनाई चल रही थी, इस बीच बारिश ने कपास को पूरी तरह गीला कर दिया है. जिसकी वजह से भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. इतना ही नहीं, योगेश ने अपने चार एकड़ खेत में अरहर की भी फसल भी लगाई थी जो तेज हवा और बारिश के कारण जमीन पर लुढ़क गई है.
कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम, यहां जानिए अपडेट
बैंक का लोन चुकाने की टेंशन
योगेश ने अपनी खेती के लिए बैंक से 1 लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज लिया है. अब फसल बर्बाद हो गई है तो कर्ज कैसे चुकाएं यह सवाल खड़ा हो गया है. क्योंकि इस समय सोयाबीन की फसल सभी किसानों को धोखा दे चुकी है. किसानों को विश्वास था कि कपास और अरहर की फसल से पैसे मिलने पर बैंक का कर्ज चुका पाएंगे, लेकिन यहां भी किसानों को निराशा ही हाथ लगी है.
अब किसान सरकार से इन फसलों का सर्वे कर नुकसान का मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं. योगेश जैसे अन्य किसान भी ऐसा ही कर रहे हैं. विदर्भ के कई इलाकों में इस बेमौसम बारिश ने कपास की हर फसल को बर्बाद कर दिया है. वहीं, बाकी फसलों को भी नुकसान हुआ है.
छत्रपति संभाजीनगर जिले में बेमौसम बारिश के कारण किसानों के खेतों में पानी घुस गया. जिससे हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई. छत्रपति संभाजीनगर जिले में अचानक मौसम बदला और रात में भारी बारिश हुई. कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई है, जबकि जिले के पैठण, फुलंबरी, गंगापुर, वैजापुर, सिल्लोड तालुका में तेज हवा के कारण ज्वार, गेहूं, मक्का, चना जैसी रबी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं.
धनंजय साबले