यूपी के किसानों की बल्ले-बल्ले, सिंचाई के लिए नहीं होगी पानी की किल्लत, सरकार ने किया ये बड़ा ऐलान

राज्य सरकार के मुताबिक इस योजना से सभी किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी. एक नलकूप 50 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई कर सकेगा. इसे पूरा करने में 841 करोड़ 98 लाख और 83 हजार रुपये की लागत आएगी.1 लाख 05 हजार हेक्टेयर की सिंचन क्षमता में वृद्धि होगी.

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Uttar Pradesh government to install 2100 new tube wells in 62 districts Uttar Pradesh government to install 2100 new tube wells in 62 districts

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 01 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 12:28 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने 62 जिलों में 2100 नवीन राजकीय नलकूप लगाने का फैसला लिया है. राज्य सरकार के मुताबिक इस योजना को साल 2023-24 तक पूरा कर लिया जाएगा. 

सिंचाई की समस्या का होगा समाधान

राज्य सरकार के मुताबिक इससे सभी किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी. एक नलकूप 50 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई कर सकेगा. इसे पूरा करने में 841 करोड़ 98 लाख और 83 हजार रुपये की लागत आएगी. एक नलकूप 50 हेक्टेयर खेतों की सिंचाई कर सकता है. इससे 1 लाख 05 हजार हेक्टेयर की सिंचन क्षमता में वृद्धि होगी.

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कमजोर मॉनसून के खिलाफ फायदेमंद

बता दें कि इस बार उत्तर प्रदेश में मॉनसून बेहद कमजोर रहा है. इस स्थिति में किसान अपनी खरीफ के फसलों को लेकर काफी चिंतिंत हैं. किसान 2022 को सूखा वर्ष घोषित करने की भी मांग कर रहे हैं. ऐसे में सरकार की तरफ से नलकूप लगाने की योजना आने वाले वक्त में इस तरह की परिस्थितियों के खिलाफ काफी फायदेमंद साबित हो सकती है.

तोरिया के बीजों का भी निशुल्क वितरण

वहीं, प्रदेश में कमजोर मानसून को देखते हुए सरकार ने तोरिया के बीज के दो किलोग्राम वाले मिनी किट का निशुल्‍क वितरण करने का फैसला किया है. ऐसे दो लाख मिनी किट वितरित किये जाएंगे.  इसमें पूरा खर्च चार करोड़ 57 लाख 60 हजार रुपये आ सकती है.

राज्य सरकार वहन करेगी पूरा खर्च

इसका खर्च राज्‍य सरकार वहन करेगी.  निशुल्क वितरण में लघु और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा चयनित किसानों में महिलाओं की भागीदारी 30 प्रतिशत तक सुनिश्चित करने का भी निर्देश राज्य सरकार ने दिया है. बता दें कि जिलों में यब बीज 25 प्रतिशत अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों में वितरित किया जाएगा. फिर यह अन्य किसानों में वितरित किया जाएगा.

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