जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में साधना टॉप पर भारी बर्फबारी और तूफान ने मंगलवार रात को सब कुछ ठप कर दिया. ऊंचे पहाड़ी इलाके में तेज़ बर्फ से सड़क पूरी तरह बंद हो गई और 35 वाहन फंस गए. यात्रियों के लिए यह बहुत मुश्किल घड़ी थी, लेकिन जिला प्रशासन कुपवाड़ा ने रात भर चलाए गए बड़े बचाव अभियान में सभी को सुरक्षित निकाल लिया है.
बता दें कि साधना टॉप करनाह घाटी को कुपवाड़ा से जोड़ता है. यहां सर्दियों में अक्सर भारी बर्फ होती है, लेकिन इस बार ताज़ा बर्फबारी इतनी ज़्यादा थी कि वाहन आगे नहीं बढ़ पाए. कई लोग ठंड में फंसे रह गए, लेकिन अच्छी बात है कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. बचाव टीम ने तुरंत काम शुरू कर दिया.
बचाव अभियान कैसे चला?
जिला प्रशासन ने रात भर का ऑपरेशन चलाया. टीम की अगुवाई तहसीलदार करनाह (Tehsildar Karnah) ने की. उनके साथ 109 RCC बीकन (BEACON) की टीम (सड़कें साफ करने में माहिर, कुपवाड़ा पुलिस और भारतीय सेना के जवानों ने काम किया.
भारी बर्फबारी, खराब मौसम और कड़ाके की ठंड के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और "युद्ध स्तर" पर काम करते रहे. बर्फ हटाने वाली मशीनें (snow clearance machinery) इस्तेमाल की गईं. फील्ड में जाकर वाहनों को एक-एक करके निकाला गया.
कितने वाहन फंसे थे?
कुल 35 वाहन फंसे थे. इनमें से 10 हल्के मोटर वाहन (लाइट मोटरेबल व्हीकल्स) जैसे कारें और छोटी गाड़ियां शामिल थीं. बाकी अन्य प्रकार के वाहन थे. टीम ने रात के चुनौतीपूर्ण घंटों में मेहनत करके सभी को सुरक्षित जगह पहुंचा दिया.
क्यों महत्वपूर्ण है साधना टॉप?
साधना टॉप एक ऊंचा पास है, जो करनाह घाटी को बाकी कश्मीर से जोड़ता है. सर्दियों में यहां सड़क बंद होने से पूरा इलाका अलग-थलग पड़ जाता है. इस बार भी बर्फबारी से कई दिन तक यातायात प्रभावित रहा लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से लोगों को बड़ी राहत मिली.
मीर फरीद