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काबुल: ‘PAK विरोधी रैली’ पर तालिबान की फायरिंग, पत्रकारों को भी उठा ले गए, ISI चीफ के खिलाफ चल रहा था प्रदर्शन

काबुल में पाकिस्तान विरोधी रैली के दौरान जमा हुई भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए तालिबान द्वारा फायरिंग की गई है. मंगलवार को काबुल के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन हो रहे थे. 

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काबुल में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन (फाइल फोटो)
काबुल में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • काबुल में तालिबान ने प्रदर्शनकारियों पर गोली बरसाई
  • पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे लोग

तालिबान (Taliban) ने एक बार फिर अफगानिस्तान (Afghanistan) में अपनी क्रूरता का प्रदर्शन किया है. काबुल में पाकिस्तान विरोधी रैली के दौरान जमा हुई भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए तालिबान द्वारा फायरिंग की गई है. मंगलवार को काबुल के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन (Anti Pakistan Protest) हो रहे थे. 

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, तालिबान के लड़ाकों द्वारा काबुल में राष्ट्रपति पैलेस के पास फायरिंग की गई. यहां पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मार्च कर रहे थे. राष्ट्रपति पैलेस के पास ही काबुल सेरेना होटल है, जहां पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के प्रमुख पिछले एक हफ्ते से रुके हुए हैं. 

वहीं, तालिबान द्वारा प्रदर्शन को कवर कर रहे टोलो न्यूज के कैमरा को हिरासत में लिया गया. हालांकि तीन घंटे बाद कैमरापर्सन को तालिबान ने छोड़ दिया था.  

अफगानिस्तान में बीते एक-दो दिनों से लगातार पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा था. अफगान नागरिक पाकिस्तान द्वारा पंजशीर में किए गए हमले का विरोध कर रहे हैं. 

 

 

PAK ने पंजशीर में किया था ड्रोन अटैक

पंजशीर में पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा नॉर्दर्न एलायंस के ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए गए थे, जिससे तालिबान को फायदा हुआ था. इसी के बाद अफगानिस्तान के नागरिकों का पाकिस्तान के प्रति गुस्सा फूटा है. बीते दिन से ही काबुल, मजार ए शरीफ में प्रदर्शन शुरू हुआ, खास बात ये है कि प्रदर्शन करने वालों में महिलाएं अव्वल हैं.

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सिर्फ अफगानिस्तान ही नहीं बल्कि वाशिंगटन में भी रहने वाले अफगान नागरिकों ने पाकिस्तान के खिलाफ व्हाइट हाउस के सामने प्रदर्शन किया. लोगों ने पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की मांग की. 

गौरतलब है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के चीफ फैज हामिद बीते कुछ दिनों से काबुल में ही हैं. काबुल में तालिबान-हक्कानी नेटवर्क के बीच समन्वय बैठाने और सरकार बनाने की प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए वो यहां पर आए हैं, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं.

 

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