पाकिस्तान (Pakistan) के कराची शहर (Karachi) में जर्मन शेफर्ड नस्ल के दो कुत्तों (Dogs) को जहर का इंजेक्शन देकर मौत की नींद सुला दिया गया. इन दोनों कुत्तों ने पिछले महीने एक वकील (Advocate) को नोच-नोच कर बुरी तरह घायल कर दिया था. इसके बाद पीड़ित वकील और कुत्तों के मालिक के बीच इसी शर्त पर समझौता हुआ कि दोनों कुत्तों को जहर का इंजेक्शन देकर मार दिया जाएगा.
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस वक्त कुत्तों को मौत का इंजेक्शन लगाया जा रहा था, उनके पास बैठे मालिक हुमायूं खान का बुरा हाल था. पशु कल्याण कार्यकर्ताओं ने कुत्तों के मालिक और वकील मिर्जा अख्तर अली के बीच हुए समझौते को बेहूदा करार दिया है. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले महीने वकील मिर्जा अख्तर अली डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी फेस 6 में स्थित खयाबान-ए-राहत में मॉर्निंग वॉक कर रहे थे तभी इन दो कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया.
Pet dogs get ‘death sentence’ in for attacking and injuring lawyer The ‘death sentence’ is part of an out-of-court settlement between lawyer, pet owner
— Ghulam Abbas Shah (@ghulamabbasshah)
उस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था जिसमें देखा जा सकता था कि कैसे हमले के दौरान मिर्जा गिर गए थे और दोनों कुत्ते उन पर झपट रहे थे. कुत्तों के मालिक हुमायूं खान का बेटा तब वहां पहुंचा और उसने कुत्तों को वकील मिर्जा अख्तर से अलग किया. तब तक मिर्जा बुरी तरह घायल हो गए थे और उनके शरीर के कई हिस्सों से खून निकल रहा था.
Two dogs that attacked a person in DHA Karachi couple of weeks back would be put down / killed as per an agreement between the victim and the owner of dogs
— M. Waqar Bhatti (@MWaqar_Bhatti)
मालिक के सामने रखी गईं कई शर्तें
इस घटना को लेकर मिर्जा अख्तर और हुमायूं खान के बीच 6 जुलाई को लिखित में कानूनी समझौता हुआ. इस समझौते के मुताबिक वेटेरनरी डॉक्टर तत्काल दोनों कुत्तों को जहर का इंजेक्शन देकर मौत की नींद सुलाएगा. समझौते में ये भी शर्त थी कि हुमायूं खान के पास ऐसी नस्ल के और भी कुत्ते हुए तो उन्हें घर में नहीं रखा जाएगा, दूर भेज दिया जाएगा. इसके अलावा मिर्जा अख्तर को जो नुकसान और चोटें पहुंची उसके लिए हुमायूं खान को बिना शर्त माफी मांगनी होगी. समझौते में ये भी लिखा है कि हुमायूं खान को कोई और कुत्ता पालना है तो उसे क्लिफ्टन कैंटोनमेंट बोर्ड में रजिस्टर कराना होगा और कुत्तों को बिना ट्रेंड हैंडलर के सड़क पर लाने की इजाजत नहीं होगी.
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समझौते की निर्णायक शर्त ये थी कि हुमायूं खान को पशुओं के लिए स्थानीय शेल्टर एसीएफ एनिमल रेस्क्यू को दस लाख रुपए (पाकिस्तानी मुद्रा) डोनेशन देना होगा. इससे पहले स्थानीय कोर्ट ने कुत्तों के मालिक की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था. ये केस दाराकशान पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था. हुमायूं खान को गिरफ्तारी से पहले ही जमानत मिल गई थी. हालांकि हुमायूं खान के कुछ कर्मचारियों को पुलिस हिरासत में जाना पड़ा था.