अफगानिस्तान के जलालाबाद में तालिबानी लड़ाकों द्वारा सड़क पर ओपन फायरिंग की गई है. यहां पर लोगों द्वारा अफगानिस्तान का राष्ट्रीय झंडा दफ्तरों पर लगाए रखने की मांग की जा रही थी, इसी को लेकर हो रहे प्रदर्शन में सड़क पर भीड़ इकट्ठा हुई. भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए तालिबान ने लोगों पर फायरिंग कर दी.
तालिबान ने निहत्थे लोगों पर कई राउंड गोलियां चलाईं, जबकि लोग शांतिपूर्ण तरीके से केवल झंडे को लेकर अपनी बात रख रहे थे. इस घटना में तीन लोगों की मौत और 6 के घायल होने की खबरें आ रही हैं. इससे पहले तालिबानी लड़ाकों ने एयरपोर्ट से भीड़ को वापस भेजने के लिए फायरिंग की थी.
firing on protesters in Jalalabad city and beaten some video journalists.
— Pajhwok Afghan News (@pajhwok)
मुल्ला मोहम्मद रसूल रिहा
पाकिस्तान सरकार ने तालिबान के सक्रिय सदस्य मुल्ला मोहम्मद रसूल को रिहा कर दिया है. वो पिछले पांच साल से जेल में बंद था. तालिबान से अलग होने और एक नया गुट बनाने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अब वह तालिबान के पाले में लौट आया है.
काबुल में हामिद करजई से मिले तालिबानी नेता
बुधवार को काबुल में ही तालिबानी नेताओं ने हामिद करजई से मुलाकात की. तालिबान की ओर से अनस हक्कानी ने इस बैठक की अगुवाई की. जबकि हामिद करजई के अलावा अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह भी बैठक में मौजूद रहे. तालिबान ने हामिद करजई को दोहा में होने वाली बैठक में बुलाया है, जहां पर सरकार बनाने को लेकर चर्चा होगी.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मान्यता की मांग
अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान ने मंगलवार को पहली बार मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी. काबुल से तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि तालिबान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मान्यता मिलनी चाहिए. इस दौरान मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान में मौजूद दूतावासों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. इसके अलावा महिलाओं को शरिया कानून के तहत अधिकार और आजादी देने की भी बात कही गई थी.