
Russia Ukraine War: रूसी हमलों से यूक्रेन थर्रा गया है. बीते 10 दिन से राजधानी कीव समेत यूक्रेन के कई शहरों को रूसी सेना ने निशाना बनाया है. कई सरकारी इमारतें, स्कूल, शहर, घर, मोहल्ले सब तबाह हो चुके हैं. 12 लाख लोग बेघर हो गए हैं. कई बेगुनाह लोग मारे जा चुके हैं. हजारों लोग घायल हैं. रूस ने अपने हमलों से यूक्रेन के बसे बसाए शहरों को खंडहरों में बदल दिया है. लेकिन जंग अभी भी थमने का नाम नहीं ले रही. जंग के 10 दिन यूक्रेन के लिए भारी तबाही वाले रहे हैं.
कीव पर नियंत्रण की लड़ाई इस युद्ध का अंतिम मोड़ होगी. कीव के अलावा यूक्रेन के कई शहरों में रूस के सैनिक मौजूद हैं. रूस की सेना या तो शहरों को अपने नियंत्रण में ले रही है या उन्हें तबाह कर दे रही है. कीव की सड़कों पर अभी रूस के टैंक नहीं हैं. लेकिन यूक्रेन के कई शहरों में रूस के टैंक, रॉकेट और मिसाइलों ने बड़े पैमाने पर तहत नहस कर दिया है.
कीव कूच रही रूसी सेना
रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीव के चारों तरफ पहुंच चुकी है. लेकिन कीव पर कब्ज़ा करना आसान नहीं हो रहा है. विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर कीव पर कब्ज़ा नहीं हो पाया तो युद्ध कई दिनों और लंबा खिंच सकता है. कीव को लेकर जंग की शुरुआत से ही रूसी सेना कीव पर हमले कर रही है. हालात ये हैं कि यहां कई इमारतें और घर रूसी हमलों में खंडहर में बदल गए हैं.

खारकीव में कई बिल्डिंग उड़ाईं
खारकीव यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. यहां रूस की सेना का नियंत्रण हो चुका है. लेकिन इस नियंत्रण की कीमत शहर के लोगों को चुकानी पड़ी है. बमबारी में इमारतें ध्वस्त हो गई और लोगों के घर तबाह हो गए. यहां एयर स्ट्राइक से लेकर ज़मीनी जंग भी चल रही है. खारकीव इतना अहम है कि USSR के वक्त ये पहली राजधानी था, लेकिन 1930 के बाद कीव को राजधानी बना दिया गया.

खेरसॉन में कब्जा कर रही सेना
रूस की तरफ से दावा किया जा रहा है कि उसने यूक्रेन के खेरसॉन शहर पर कब्ज़ा कर लिया है. रूसी सेना ने शहर के रेलवे स्टेशन से लेकर खेरसॉन नदी के बंदरगाह पर कब्ज़ा जमा लिया है. ये शहर रूस के नियंत्रण वाले क्रीमिया के पास ही मौजूद है. खेरसॉन की आबादी 2 लाख 80 हज़ार है.
वोज़्नेसेंस्क में पुल ध्वस्त
रूसी सैनिक यूक्रेन पर इस कदर हमले कर रहे हैं कि अब सैन्य अड्डों के अलावा शहरी इलाकों को भी निशाना बना रहे हैं. बता दें कि हाल ही में रूस ने यूक्रेन के वोज़्नेसेंस्क पर भी रूसी सैनिकों ने भारी बमबारी की. यहां एक पुल को ध्वस्त कर दिया गया.

ओडेसा में बमबारी हो रही
बता दें कि यूक्रेन के ओडेसा में रूस लगातार बमबारी कर रहा है, यहां उसने अपने पैराट्रूप भी उतारे हैं. यहां रूसी सेना हमले कर रही है.

चेर्निहाइव में क्लस्टर बम से हमला
रूस ने जिस तरह से खारकीव को बर्बाद कर दिया. उसी तरह से चेर्निहाइव पर उसका कहर टूटा. 40 से ज्यादा लोगों की मौत धमाकों में हो गई. शानदार इमारतों का शहर अब पुरातन खंडहर जैसा दिखाई दे रहा है. चेर्निहाइव में रूस ने इतने बम बरसाए हैं कि लोगों को भागने तक का वक्त नहीं मिला. धमाकों की गूंज कई किलोमीटर तक सुनी गई. बता दें कि चेर्निहाइव में रूस ने क्लस्टर बम गिराए है. यानी 5 बम एक साथ गिराए ताकि सबकुछ तबाह हो जाए.
⚡️33 people dead, 18 injured as of 6:20 p.m. after Russia conducts air strikes on Chernihiv residential areas, the Stare Emergency Service reports.
— The Kyiv Independent (@KyivIndependent)
Video: State Emergency Service
मारियूपोल में रिहायशी इलाकों में बमबारी
मारियूपोल को भी रूस की सेना ने नहीं बख्शा. यहां रिहायशी इलाके में हुई बमबारी वाली जगह आग और धुआं नजर आता है. लोग अपने घरों में या तो छिपे हुए हैं या देश छोड़कर पड़ोसी देशों में शरण लिए हुए हैं. वहीं एनरहोडर शहर की सड़कों पर रूस का सैन्य काफिला नजर आ रहा है. शहर में बचे खुचे लोग हैं, जो खिड़कियों से सैन्य काफिलों का वीडियो बनाते दिखते हैं.
Horrific scenes after missile strike in Chernihiv in northern Ukraine; at least 33 dead
— BNO News (@BNONews)
रूस ने 3 बड़ी चेतावनी दी
रूस की ओऱ से साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यूक्रेन को कभी एटम बम हासिल नहीं करने देंगे. साथ ही कहा कि तीसरा विश्वयुद्ध काफी विनाशक और परमाणु हमले वाला होगा. वहीं एक चेतावनी में कहा है कि यूक्रेन सरेंडर करे, अमेरिकी के बहकावे में ना आए.
न्यूक्लियर हमला हुआ तो क्या होगा
ऐसा माना जाता है कि सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान परमाणु हमले में हिरोशिमा की 3,50,000 की आबादी में से करीब 1,40,000 लोग मारे गए थे. जबकि नागासाकी में करीब 74,000 लोग की मृत्यु हुई थी. यानी 2 लाख
से ज्यादा लोग परमाणु हमले में मारे गए थे.

रूसी रक्षा मंत्रालय ने ये कहा
वहीं रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कीव, खारकीव, सूमी, चेर्निहाइव और मारियुपोल में हालात काफी बदतर हो गए हैं. यूक्रेन में भयावह हालात में हैं. साथ ही अब स्थिति तेजी से बिगड़ती जा रही है. (आजतक ब्यूरो)