इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 15वें सीजन में 8 की बजाय 10 टीमें भाग लेने जा रही हैं. इसके लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने सोमवार को दुबई में हुई नीलामी प्रक्रिया के बाद दो नई फ्रेंचाइजी टीमों का ऐलान भी कर दिया. लखनऊ फ्रेंचाइजी को आरपी-संजीव गोयनका ग्रुप ने 7090 करोड़ रुपए में खरीदा था. वहीं, सीवीसी कैपिटल पार्टनर्स ने 5625 करोड़ रुपए में अहमदाबाद की फ्रेंचाइजी खरीदी.
अब इस पूरी नीलामी प्रक्रिया पर आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने सवाल खड़े किए हैं. ललित मोदी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा बीसीसीआई ने बेटिंग कंपनी को टीम खरीदने की परमिशन दे दी.
i guess betting companies can buy a team. must be a new rule. apparently one qualified bidder also owns a big betting company. what next 😳😳😳 - does not do there homework. what can Anti corruption do in such a case ?
— Lalit Kumar Modi (@LalitKModi)
ललित मोदी ने गंभीर आरोप लगाते हुए ट्वीट किया, 'मुझे तो लगता है कि सट्टेबाजी करने वाली कंपनियां भी आईपीएल टीम खरीद सकती हैं, शायद यह कोई नया नियम हो. क्योंकि एक बोली लगाने वाले जिन्होने क्वालिफाई किया वह खुद एक बहुत बड़ी बेटिंग (सट्टा लगाने वाले) कंपनी के मालिक हैं. अब आगे क्या - समझा जाए कि बीसीसीआई ने अपना होमवर्क अच्छे से नहीं किया, इस मामले में एंटी करप्शन यूनिट क्या कर सकती है?'
just found out new policy of in regarding ownership of Teams. Betting Companies can own a Team. what Text - Apparently one qualified bidder owns a big betting company. 😳😳😳🙏 @ London, United Kingdom
— Lalit Kumar Modi (@LalitKModi)
ललित मोदी ने एक दूसरे ट्वीट में कहा, 'टीमों के ऑनरशिप के संबंध में अभी-अभी बीसीसीआई की नई नीति का पता चला है. बेटिंग कंपनियां एक टीम की मालिक हो सकती हैं. अब क्या बचा, स्पष्ट रूप से एक योग्य बोलीदाता एक बड़ी सट्टेबाजी कंपनी का मालिक है.
आईपीएल की जब 2008 में शुरुआत हुई, तो इसका सेहरा ललित मोदी के सिर बंधा. लेकिन भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपों के बाद 2010 में ललित मोदी ने देश छोड़ दिया था. फिलहाल ललित मोदी ब्रिटेन में है.
2013 के आईपीएल में सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग विवाद के चलते बीसीसीआई की काफी आलोचना हुई थी. उस घटना के बाद चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और राजस्थान रॉयल्स (RR) को दो सालों के प्रतिबंधित कर दिया गया था.