देश में असहिष्णुता पर आमिर खान के बयान के बाद केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी की भौंहें तन गई है. आमिर खान के बयान को लेकर जहां अनुपम खेर ने तीखे सवाल खड़े किए वहीं भाजपा सांसद और एक्टर-सिंगर मनोज तिवारी ने भी आमिर खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. मनोज तिवारी ने कहा कि आमिर खान ने अपने इस बयान से भारत माता का अपमान किया और करोड़ों लोगों को तकलीफ पहुंचाई है. मनोज तिवारी ने कहा कि अगर आमिर खान को भारत में डर लगता है तो वे स्वतंत्र हैं वहां जाने के लिए जहां उन्हें शांति मिलती है.
I'm deeply saddened and shocked by his statement: Manoj Tiwari, BJP on Aamir Khan
— ANI (@ANI_news)
मनोज तिवारी ने कहा कि आमिर खान में अगर जरा भी देशभक्ति है, तो अपने बयान पर माफी मांगें. मनोज तिवारी ने कहा कि उन्होंने अपने फैन्स के बारे में भी नहीं सोचा, उन्हें माफी मांगनी चाहिए.Minute mein itna bada byaan dena aur Bharat maa ko kalankit kr dena,iss pr Aamirji ko sochna padega ki unhone kitni galat baat kahi:M Tiwari
— ANI (@ANI_news)
गौरतलब है कि देश में असहिष्णुता पर खत्म होती चर्चा-ए-आम की लौ को बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने हवा दे दी है. सोमवार को उन्होंने कहा कि इस ओर कई घटनाओं ने उन्हें चिंतित किया है और पत्नी किरण राव ने एक बार यहां तक सुझाव दे दिया था कि उन्हें देश छोड़ देना चाहिए. जबकि आमिर के बयान पर अनुपम खेर ने रोष जताते हुए उनसे ट्वीट कर तीखे सवाल पूछे हैं.
पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए रामनाथ गोयनका पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के दौरान आमिर खान ने उन लोगों का समर्थन किया, जो अपने असहिष्णुता के खिलाफ अपना पुरस्कार लौटा रहे हैं. खान ने कहा, 'रचनात्मक लोगों के लिए उनका पुरस्कार लौटाना अपना असंतोष या निराशा व्यक्त करने के तरीकों में से एक है.'
'बढ़ी है असुरक्षा और भय की भावना'
आमिर ने आगे कहा, 'एक व्यक्ति के तौर पर, एक नागरिक के रूप में इस देश के हिस्से के तौर पर हम समाचार पत्रों में पढ़ते हैं कि क्या हो रहा है. हम इसे समाचारों में देखते हैं और निश्चित तौर पर मैं चिंतित हुआ हूं. मैं इससे इनकार नहीं कर सकता. मैं कई घटनाओं से चिंतित हुआ हूं.' अभिनेता ने कहा कि वह महसूस करते हैं कि पिछले छह से आठ महीने में असुरक्षा और भय की भावना बढ़ी है.
उन्होंने कहा, 'मैं जब घर पर किरण के साथ बात करता हूं, वह कहती हैं कि क्या हमें भारत से बाहर चले जाना चाहिए? किरण का यह बयान देना एक दुखद एवं बड़ा बयान है. उन्हें अपने बच्चे की चिंता है. उन्हें भय है कि हमारे आसपास कैसा माहौल होगा. उन्हें हर दिन समाचार पत्र खोलने में डर लगता है.' 50 वर्षीय अभिनेता ने कहा, 'यह बेचैनी बढ़ने की भावना का संकेत है, चिंता के अलावा निराशा बढ़ रही है. आप महसूस करते हैं कि यह क्यों हो रहा है. आप कमजोर महसूस करते हैं. मेरे भीतर यही भावना है.' उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के लिए सुरक्षा की भावना और न्याय की भावना होनी जरूरी है.
'बात उठाना जरूरी है'
आमिर खान ने राजनीतिज्ञों पर निशाना साधते हुए कहा, 'जो लोग हमारे चुने हुए प्रतिनिधि हैं. जिन लोगों को हमने राज्य या केंद्र में पांच वर्ष तक हमारी देखभाल करने के लिए चुना. जब लोग कानून अपने हाथों में लेते हैं, हम कड़ा रुख अपनाने, एक कड़ा बयान देने, कानूनी प्रक्रिया तेज करने के लिए उनकी ओर देखते हैं. जब हम देखते हैं कि कुछ हो रहा है हमारे भीतर एक सुरक्षा की भावना आती है, लेकिन जब हम कुछ होते हुए नहीं देखते तब हमारे भीतर एक असुरक्षा की भावना आती है.' उन्होंने वैज्ञानिकों, लेखकों और फिल्म निर्माताओं द्वारा अपने पुरस्कार लौटाने और बढ़ती असहिष्णुता के माहौल के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के कदमों का समर्थन करते हुए कहा कि रचनात्मक लोगों के लिए वह बात उठानी जरूरी है जो वे महसूस कर रहे हैं.
'अहिंसक विरोध को मेरा समर्थन रहेगा'
उन्होंने आगे कहा, 'बड़ी संख्या में रचनात्मक लोगों, इतिहासकार, वैज्ञानिक के भीतर कुछ भावना है, जिसके बारे में वे मानते हैं कि उसे व्यक्त करने की जरूरत है. रचनात्मक लोगों के लिए अपना असंतोष या निराशा व्यक्त करने का एक तरीका अपने पुरस्कार लौटाना है. मेरा मानना है कि यह अपनी बात रखने के तरीकों में से एक है.' यह पूछे जाने पर कि क्या वह लोगों के विरोधों का समर्थन करते हैं, आमिर ने कहा कि वह तब तक समर्थन करेंगे जब तक वह अहिंसक रहेगा, क्योंकि सभी व्यक्तियों को विरोध करने का अधिकार है और वे ऐसे किसी भी तरीके से विरोध कर सकते हैं जिसे वे सही मानते हैं जब तक वे कानून को अपने हाथों में नहीं ले रहे हैं.’
'हिंसा का कृत्य निंदनीय'
आमिर ने दादरी घटना के बाद आए राजनीतिक बयानों की आलोचना की और कहा कि हिंसा का कृत्य निंदनीय है, चाहे वह लोगों के एक समूह के खिलाफ हो या किसी व्यक्ति के खिलाफ हो. उन्होंने कहा कि लोग नेताओं की ओर देखते हैं कि वे आश्वस्त करने वाले बयान दें. उन्होंने कहा, 'इससे मतलब नहीं कि सत्ताधारी पार्टी कौन है. इससे मतलब नहीं कि सत्ता में कौन है. टेलीविजन पर होने वाली बहसों में हम देखते हैं कि वर्तमान में बीजेपी सत्ताधारी है और उनपर विभिन्न चीजों के आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन वे कहते हैं कि 1984 का क्या. यह इसे सही नहीं बनाता. 1984 विनाशकारी था. वह भयावह था.'
इस सवाल पर कि ऐसा क्यों है कि इतनी अधिक संख्या में राजनीतिज्ञों ने दादरी में व्यक्ति की पीट पीटकर हत्या करने की घटना के बाद वहां का दौरा किया, जबकि पिछले सप्ताह एक आतंकवादी हमले में शहीद हुए कर्नल संतोष महादिक के घर पर केवल रक्षा मंत्री गए, उन्होंने कहा, 'हर आतंकवादी और हिंसा के कृत्य की उतने ही मुखर ढंग से निंदा होनी चाहिए.'
'किरण बताएं उन्हें किस देश जाना है'
दूसरी ओर, दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने आमिर खान के बयान पर उन्हें आड़े हाथों लिया है. खेर ने ट्विटर पर लिखा है, 'प्रिय आमिर खान, क्या आपने कभी किरण से यह पूछा कि वह किस देश जाना चाहती हैं? क्या आपने उन्हें बताया कि इस देश ने आपको आमिर खान बनाया है.'
Dear . Did you ask Kiran which country would she like to move out to? Did you tell her that this country has made you AAMIR KHAN.
— Anupam Kher (@AnupamPkher)
एक अन्य ट्वीट ने अनुपम खेर ने आमिर से पूछा है, 'प्रिय आमिर खान, क्या आपने किरण को यह बताया है कि आपने देश में इससे भी बुरे दौर को जिया है, लेकिन कभी देश छोड़ने का विचार आपके मन में नहीं आया.'
Dear . Did you tell Kiran that you have lived through more worse times in this country & but you never thought of moving out.
— Anupam Kher (@AnupamPkher)
केजरीवाल ने किया समर्थन
हालांकि, इस ओर आमिर खान को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का साथ मिला है. उन्होंने आमिर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभिनेता के बयान के हर शब्द में सच्चाई है और वह सही हैं. उन्होंने कहा, 'मैं आवाज उठाने के लिए आमिर की तारीफ करता हूं. बीजेपी को लोगों की आवाज को दबाना बंद कर देना चाहिए.'
Every word that said is so true. I admire him for speaking up
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
BJP shud stop silencing voices thro abuses n threats. Its high time centrl govt took concrete steps 2 instil sense of security amngst people
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
PAK पत्रकार ने कसा तंज
आमिर के बयान से पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर को भारत के खिलाफ बोलने का मौका मिल गया. मीर ने ट्वीट कर कहा कि ये जानकर दुख हुआ कि शाहरुख की तरह आमिर भी सुरक्षित नहीं महसूस करते और सहिष्णुता के बिना लोकतंत्र जीवित नहीं रह सकता.
Democracy cannot survive without tolerance.Sad to know that Amir Khan not feeling safe like Shah Rukh Khan
— Hamid Mir (@HamidMirGEO)
परेश ने दी सलाह- जीना यहां, मरना यहां
परेश रावल ने भी ट्वीट कर आमिर को परिस्थिति का सामना करने की सलाह देते हुए कहा कि आमिर योद्धा हैं और सच्चा देशभक्त मुश्किल में मातृभूमि को छोड़कर जाता नहीं है.
Aamir is a fighter so he should not leave but change the situation in the country ! jeena yahan marna yahan !
— Paresh Rawal (@SirPareshRawal)
कांग्रेस ने भी जताई आपत्ति
कांग्रेस ने आमिर खान के बयान की निंदा की है. राशिद अल्वी ने कहा कि भाईचारे में हमारे देश का कोई जोड़ नहीं है. राशिद ने कहा कि दादरी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी और 99 फीसदी गैर मुस्लिमों ने इसकी निंदा की है. जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि हमें आमिर के बयान से पीड़ा हुई, देश में सहिष्णुता पर बहस की जरूरत है.