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दिग्विजय के रामधुन और कंगना के आजादी वाले बयान पर साध्वी प्रज्ञा ने क्या बोला?

साध्वी प्रज्ञा के मुताबिक दिग्विजय सिंह को सिर्फ नौटंकी करना ही आती है. वे कहती हैं कि दिखावा करने की आवश्यकता नहीं होती है. राजनीति के कुछ मापदंड होते हैं. कभी हिंदुत्व को आतंकवाद कहेंगे, राम सेतु को नकार दिया और रामधुन कर नौटंकी कर रहे हैं.

साध्वी प्रज्ञा साध्वी प्रज्ञा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • साध्वी प्रज्ञा का दिग्विजय पर निशाना
  • कंगना के आजादी वाले बयान का समर्थन

मध्य प्रदेश की राजनीति में अभी कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और बीजेपी नेता रामेश्वर शर्मा चर्चा का विषय बने हुए हैं. एक तरफ दिग्विजय सिंह आज बीजेपी नेता के घर पर रामधनु करने आने वाले हैं तो वहीं रामेश्वर ने भी स्वागत की पूरी तैयारी कर ली है. अब इस बीच भोपाल से बीजेपी सासंद ने दिग्विजय सिंह पर बड़ा हमला बोल दिया है.

साध्वी प्रज्ञा के मुताबिक दिग्विजय सिंह को सिर्फ नौटंकी करना ही आती है. वे कहती हैं कि दिखावा करने की आवश्यकता नहीं होती है. राजनीति के कुछ मापदंड होते हैं. कभी हिंदुत्व को आतंकवाद कहेंगे, राम सेतु को नकार दिया और रामधुन कर नौटंकी कर रहे हैं. मन मे श्रद्धा नहीं भाव नहीं तो दुर्भवना से प्रेरित होकर किये जाने वाले काम मे सफ़लता नहीं मिलती.

बीजेपी सांसद ने कंगना रनौत के आजादी वाले बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उनके मुताबिक बॉलीवुड एक्ट्रेस ने बात सही की है. वे कहती हैं कि देखिए सच्चे अर्थों में आजादी किसे कहते हैं ये प्रश्न चिन्ह था. एक स्वतंत्रता मिलती है जब आदमी विकास करता है. स्वतंत्रता के पश्चात पाकिस्तान बन जाने के बाद भी हमारा देश कई चीजों से जूझ रहा था औऱ हमारे देश की स्वतंत्रता जिस प्रकार से होनीं चाहिए थी वो नहीं हो पा रही थी. लेकिन 2014 में जब से मोदी जी आये तब से लोगों को वाकई लगा है कि भारत स्वतंत्र है. तो इसमें अगर कंगना ने सीधे से शब्दों में कह दिया तो लोगों को बुरा लग गया. लेकिन जो सच्चे अर्थों में जो कांग्रेस शासन में लोग सिर्फ भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार झेल रहे थे. अब वो स्वतंत्रता से बोल पा रहे हैं तो लोगों को क्यों बुरा लगता है?

साध्वी प्रज्ञा के मुताबिक जब वामपंथी बोलते हैं तब लोगों को बुरा नहीं लगता है लेकिन कोई राष्ट्र भक्त कहता है तो बुरा लग जाता है. अब बता दें कि कुछ दिनों पहले कंगना रनौत ने कहा था कि देश को असल आजादी 2014 के बाद मिली. उन्होंने यहां तक कह दिया कि 1947 के बाद वाली आजादी भीख में मिली थी. 

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