केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को घोषणा की कि वह स्वदेशी प्लेटफॉर्म 'जोहो' (Zoho) पर शिफ्ट हो रहे हैं. यह प्लेटफॉर्म पेपर वर्क, स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन जैसे कामों के लिए भारत में विकसित किया गया है. अश्विनी वैष्णव ने सभी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के साथ जुड़ने और 'स्वदेशी' उत्पादों और सेवाओं को अपनाने का आह्वान किया, ताकि भारत को आत्मनिर्भर बनाया जा सके.
अश्विनी वैष्णव जोहो पर हुए शिफ्ट
अपने एक्स (X) पोस्ट में अश्विनी वैष्णव ने लिखा, 'मैं जोहो पर शिफ्ट हो रहा हूं- हमारा अपना स्वदेशी प्लेटफॉर्म, जो पेपर वर्क, स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन के लिए है.' उन्होंने दूसरों से भी इस स्वदेशी मंच को अपनाने की अपील की. रेल मंत्री ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों का उपयोग न केवल आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगा, बल्कि भारतीय तकनीक को वैश्विक स्तर पर पहचान भी दिलाएगा.
I am moving to Zoho — our own Swadeshi platform for documents, spreadsheets & presentations. 🇮🇳
I urge all to join PM Shri Ji’s call for Swadeshi by adopting indigenous products & services.— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw)
जोहो के संस्थापक ने जताई खुशी
अश्विनी वैष्णव के इस कदम पर जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने आभार जताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'यह हमारे इंजीनियरों के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला कदम है, जिन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक हमारे उत्पादों को विकसित करने के लिए कड़ी मेहनत की है. हम आपको और हमारे देश को गर्व महसूस कराएंगे.'
जोहो क्या है, कैसे करता है काम?
जोहो भारत की अग्रणी टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो क्लाउड-बेस्ड सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रदान करती है. इसके उत्पादों में डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट, स्प्रेडशीट, प्रेजेंटेशन, सीआरएम, और अन्य बिजनेस टूल्स शामिल हैं. कंपनी का हेडक्वार्टर चेन्नई में है और यह वैश्विक स्तर पर लाखों उपयोगकर्ताओं को सेवाएं दे रही है और आत्मनिर्भर भारत की मिसाल पेश कर रही है.
Thank you Sir, this is a huge morale boost for our engineers who have worked hard for over two decades to build our product suite.
— Sridhar Vembu (@svembu)
We will make you proud and make our nation proud. Jai Hind 🙏
अश्विनी वैष्णव का यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को मजबूती देता है. हाल के वर्षों में सरकार ने स्वदेशी तकनीक और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे कार्यक्रम शामिल हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ दिन पहले दूसरे देशों पर निर्भरता को भारत का सबसे बड़ा दुश्मन बताया था और देशवासियों से 'स्वदेशी' अपनाने की अपील की थी.