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Ranvir Shorey ने की ताज महल के कमरे खोलने की मांग, यूजर्स बोले- दिमाग खोलने की जरूरत

ताज महल के कमरों को खोलने के लिए ट्विटर पर यूजर्स भी मांग कर रहे हैं. इस बीच रणवीर शौरी ने ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, 'विश्वास नहीं होता कि 21वीं शताब्दी में, आजादी के 70 साल बाद भी, भारत में राष्ट्रीय ऐतिहासिक इमारतें हैं जिनमें ताले लगे हुए सीक्रेट कमरे हैं. प्लीज इनको खोलो और हमको बताओ वहां क्या है. ताकि हम भी इंडिआना जोन्स जैसी फिल्में बना सकें.'

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रणवीर शौरी रणवीर शौरी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रणवीर ने की मांग
  • बोले हमें बताओ अंदर क्या है
  • यूजर्स ने लगा दी क्लास

दुनिया के सात अजूबों में से एक ताज महल को लेकर बड़ा विवाद छिड़ा हुआ है. इलाहाबाद हाई कोर्ट में ताज महल को लेकर एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें इसके 22 कमरों को खोलने की मांग की गई थी. कहा गया था कि बंद पड़े इन 22 कमरों के खुलने से पता चला जाएगा कि ताज महल के अंदर मंदिर है या नहीं. अब इसी पर चुटकी लेते हुए एक्टर रणवीर शौरी ने ट्वीट किया है. 

रणवीर ने किया ट्वीट

ताज महल के कमरों को खोलने के लिए ट्विटर पर यूजर्स भी मांग कर रहे हैं. इस बीच रणवीर शौरी ने ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, 'विश्वास नहीं होता कि 21वीं शताब्दी में, आजादी के 70 साल बाद भी, भारत में राष्ट्रीय ऐतिहासिक इमारतें हैं जिनमें ताले लगे हुए सीक्रेट कमरे हैं. प्लीज इनको खोलो और हमको बताओ वहां क्या है. ताकि हम भी इंडिआना जोन्स जैसी फिल्में बना सकें.'

यूजर्स ने लताड़ा

रणवीर के इस ट्वीट पर कई यूजर्स ने उन्हें लताड़ दिया है. यूजर्स का कहना है अगर रणवीर इन चीजों में विश्वास कर रहे हैं तो वह बेवकूफ हैं. एक यूजर ने तो यह तक कह दिया कि रणवीर शौरी व्हाट्सप से यह सब पढ़कर ट्वीट कर रहे हैं. दूसरे ने कहा कि 21वीं सदी में बेरोजगारी और महंगाई को छोड़कर ताज महल पर चर्चा की जा रही है, जो सही नहीं है. एक यूजर ने मजे लेते हुए लिखा, 'रूहअफ्जा की सीक्रेट रेड रेसिपी वही छिपी है.' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'सबसे पहले तुम्हारा दिमाग खोलने की जरूरत है. लेकिन क्या फायदा अंदर भूसा और गोबर ही भरा होगा.'

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शाहजहां ने 1631 अपनी बेगम मुमताज महल के लिए ताज महल को बनवाया था. यह मकबरा 1653 में बनकर तैयार हुआ था. 22 साल में 22 हजार कर्मचारियों ने इस इमारत को पूरा किया था. ताज महल को लेकर दायर की गई याचिका में कहा गया है कि यह पहले शिव मंदिर हुआ करता था, जिसके ऊपर मकबरे को बनाया गया था. इस मंदिर का नाम तेजो महालय बताया गया है. वैसे ताज महल के कमरों को आखिरी बार 1934 में खोला गया था. तब इनमें कुछ नहीं मिला था.

 

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