बिहार में चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं. अगले महीने से मतदान है जो तीन फेज में होगा और 10 नवंबर को वोटों की गिनती होगी. यह पहला मौका है जब कोरोना जैसी महामारी में किसी इतने बड़े प्रदेश में चुनाव कराया जा रहा है. चुनाव आयोग ने कोरोना संक्रमण से वोटर्स को बचाने के लिए कई एहतियाती कदम का निर्देश दिया है. साथ ही बिहार चुनाव शांतिपूर्वक निपट जाए इसके लिए सुरक्षा बलों की तैनाती में भी कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय की मानें तो बिहार में शुरू में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) की 300 कंपनियां भेजी जाएंगी.
गृह मंत्रालय ने रविवार को जारी एक निर्देश में कहा, बिहार में शांतिपूर्ण मतदान कराए जाने के लिए शुरुआती चरण में सीएपीएफ की 300 कंपनियां भेजी जाएंगी. इस ऐलान के कुछ ही दिनों बाद बिहार में आईटीबीपी, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और बीएसपी की टुकड़ियां पहुंच जाएंगी.
: Ministry of Home Affairs (MHA) decides to send 300 Central Armed Police Force (CAPF) companies initially to Bihar for area domination to ensure peaceful conduct of polls.
— ANI (@ANI)
ITBP, CISF, CRPF, SSB, RPF and BSF companies of troops to reach Bihar soon.
बता दें, बिहार में चुनावी हिंसा को देखते हुए निर्वाचन आयोग और गृह मंत्रालय की बड़ी चुनौती शांतिपूर्ण मतदान कराने की होती है. इस बार मतदान भी मात्र तीन फेज में कराए जा रहे हैं. कोरोना को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने फैसला लिया है. ऐसे में आयोग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि महामारी के काल में चुनाव शांतिपूर्वक निपट जाए.
अभी हाल में बिहार विधानसभा चुनाव का औपचारिक ऐलान किया गया. बिहार में तीन चरणों में मतदान होगा. पहले चरण की वोटिंग 28 अक्टूबर, दूसरे चरण की वोटिंग 3 नवंबर और तीसरे चरण की वोटिंग 7 नवंबर को होगी और नतीजे 10 नवंबर को आएंगे. हालांकि, चुनाव आयोग ने देश के तमाम राज्यों की विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया है. कोरोना के चलते चुनाव में नए सुरक्षा मानकों के तहत चुनाव होगा और एक बूथ पर सिर्फ 1 हजार वोटर ही जमा होंगे. इस बार प्रत्याशी ऑनलाइन नामांकन भी दाखिल कर सकते हैं और डोर टू डोर कैंपेन में प्रत्याशी के साथ 5 से ज्यादा लोग नहीं होंगे.