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कोरोना महामारी में अनाथ हुए हर बच्‍चे को मिले मुफ्त शिक्षा, सोनिया गांधी ने PM को लिखी चिट्ठी

सोनिया गांधी ने यह भी याद किया कि देश भर में नवोदय विद्यालयों का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सबसे महत्वपूर्ण विरासत थी. उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक शिक्षा को सुलभ और वहनीय बनाना उनका सपना था.

Sonia Gandhi (File Photo) Sonia Gandhi (File Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उन्‍होंने कहा कि नवोदय विद्यालयों में इन बच्‍चों को मुफ्त शिक्षा मिले
  • 2 लाख से अधिक ऐसे बच्‍चों के मामले सामने आ चुके हैं

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार 20  मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से COVID-19 महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने का आग्रह किया. प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा कि बच्चों को एक उम्‍मीद देने और त्रासदी के बाद एक मजबूत भविष्य प्रदान करना राष्ट्र की जिम्‍मेदारी है. उन्‍होंने लिखा, "मैं आपसे अनुरोध करने के लिए लिख रही हूं कि उन बच्चों को नवोदय विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा प्रदान करने पर विचार करें, जिन्होंने COVID-19 महामारी के कारण अपने माता-पिता या कमाने वाले दोनों को खो दिया है."

उन्‍होंने पत्र में प्रधानमंत्री से कहा, "मुझे लगता है कि एक राष्ट्र के रूप में, हम उन उन बच्‍चों पर आई अकल्पनीय त्रासदी के बाद उन्‍हें एक मजबूत भविष्य की आशा देने के लिए जिम्‍मेदार हैं." उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के अपने माता-पिता या अभिभावकों को COVID-19 के चलते खो देने की कई खबरें आई हैं. इन बच्‍चों के पास नुकसान के आघात और अनिश्चित भविष्‍य के अलावा और कुछ नहीं बचा है इसलिए राष्‍ट्र को इनकी जिम्‍मेदारी उठानी चाहिए.

कांग्रेस प्रमुख ने यह भी याद किया कि देश भर में नवोदय विद्यालयों का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सबसे महत्वपूर्ण विरासत थी. उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक शिक्षा को सुलभ और वहनीय बनाना उनका सपना था. वर्तमान में देश भर में करीब 661 ऐसे स्कूल हैं.

 

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