JEE Main NEET Exam 2020: इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश दिलाने वाली जेईई मेन और मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के लिए होने वाली नीट परीक्षा सितंबर में होगी. सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. लेकिन अभी भी सोशल मीडिया पर इस परीक्षा के स्थगन की मांग को लेकर आंदोलन जारी है. अब छात्रों की इस मांग के साथ नेता-अभिनेता सभी कूद पड़े हैं.
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कुछ देर पहले JEE और NEET परीक्षा पर आई कांग्रेसी नेता प्रियंका वाड्रा की प्रतिक्रिया पर व्यंग्यात्मक लहजे में ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा कि प्रियंका सेफ्टी की स्पेलिंग गलत लिख रही हैं और लाखों बच्चों के भविष्य पर बात कर रही हैं जो कि प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश लेने जा रहे हैं.
Priyanka Vadra and assorted NSUI lackeys can’t even spell SAFETY correctly...
— Amit Malviya (@amitmalviya)
None of them have ever appeared for any reasonable exam let along JEE-NEET and all they want to do now is to jeopardise future of millions of students who want to enter these prestigious institutions.
सपा नेता और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि JEE, NEET की परीक्षा कराने पर आमादा भाजपा बताए कि इस परीक्षा के बाद किस तारीख से संस्थानों को खोलेगी, कब चयन की प्रक्रिया पूरी होगी, कब से क्लासेज शुरू होंगी. जब ये तय ही नहीं है तो सरकार किसके दबाव में ये हड़बड़ी कर रही है?
JEE, NEET की परीक्षा कराने पर आमादा भाजपा बताए कि इस परीक्षा के बाद किस तारीख़ से संस्थानों को खोलेगी, कब चयन की प्रक्रिया पूरी होगी, कब से क्लासेज़ शुरू होंगी. जब ये तय ही नहीं है तो सरकार किसके दबाव में ये हड़बड़ी कर रही है?
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh)
JEE, NEET परीक्षा करवाने पर अड़ी भाजपा ने अब ये ख़ुलासा कर दिया है कि उसने ‘मानव संसाधन मंत्रालय’ का नाम क्यों बदला, क्योंकि शिक्षा व शिक्षार्थियों के प्रति उसका दृष्टिकोण ‘मानवीयता’ से रिक्त है.
अमानवीय भाजपा!
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh)
वहीं प्रियंका गांधी ने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के माहौल में JEE और NEET परीक्षा देने जाने वाले छात्र-छात्राओं व उनके अभिवावकों की बात सुनना जरूरी है. ये बच्चे देश के भविष्य हैं. छात्र-छात्राओं की चिंताओं को संवेदना से देखना होगा न कि हठ और राजनीतिक दृष्टि से.
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के माहौल में परीक्षा देने जाने वाले छात्र-छात्राओं व उनके अभिवावकों की बात सुनना जरूरी है। ये बच्चे देश के भविष्य हैं।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi)
छात्र-छात्राओं की चिंताओं को संवेदना से देखना होगा न कि हठ और राजनीतिक दृष्टि से।
The govt cannot ignore the voices of the students appearing for exams and those of their concerned parents. They are the future of our country.
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi)
With the rising scale of the pandemic, is it fair to expose them to infection in this manner? Are they not our children too?
वहीं इस मामले में दो केंद्रीय मंत्रियों ने भी ट्वीट किया है. दोनों ने दिल्ली सरकार पर तंज करते हुए लिखा है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने लिखा कि कैसा कमाल है मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कह रहे हैं कि कोरोना नियंत्रण में है और मेट्रो ट्रेन शुरू होना चाहिए और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया कह रहे हैं कि कोरोना बढ़ रहा है और परीक्षाएं स्थगित होनी चाहिए. क्या यही राजनीति है?
कैसा कमाल है !! CM कह रहे है की control में है और मेट्रो ट्रैन शुरू होना चाहिए और Deputy CM कह रहे है की Corona बढ़ रहा है और exams postpone होनी चाहिए। क्या यही राजनीती है ?
— Prakash Javadekar (@PrakashJavdekar)
"To be, or not to be, that is the question", says Hamlet in the famous Shakespeare epic.
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh)
JEE Main NEET Exam पर अभिनेता सोनू सूद ने भी प्रतिक्रिया दी है.
“ I N C A S E “ doesn’t get
— sonu sood (@SonuSood)
postponed.
— Ghulam Nabi Azad (@ghulamnazad)
Aspirants are worried with decision to hold NEET-JEE exams because of:
- Fear of COVID with rise in cases
- Transport & Lodging prob
- Floods in Orissa, Bihar, WB&Assam
causing huge mental stress & suffering. Central Govt must postpone the NEET-JEE exams