CBSE Evaluation Criteria: इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट तैयार करने के फॉर्मूले की घोषणा आज सीबीएसई बोर्ड ने कर दी है. बोर्ड ने पिछले वर्षों की मार्किंग स्कीम को देखकर यह तय किया है 10वीं, 11वीं और 12वीं के इंटरनल एग्जाम के मार्क्स के आधार पर ही इंटरमीडिएट का रिजल्ट तैयार किया जाएगा. इसमें 30-30-40 का फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाएगा.
हालांकि, बोर्ड द्वारा तैयार मार्किंग स्कीम से टीचर और स्टूडेंट्स ज्यादा संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं. छात्रों का कहना है कि रिजल्ट में 11वीं के नंबरों को ज्यादा वेटेज दिया गया है जबकि 11वीं के नंबरों को कम वेटेज मिलना चाहिए था. छात्र 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए ज्यादा मेहनत करते हैं और 12वीं कक्षा में ज्यादा नंबरों के लिए मेहनत करते हैं. ऐसे में 11वीं के कम स्कोर की वजह से मार्कशीट खराब हो सकती है.
This is unfortunate for those students who may have not done well in one of those year for various reasons.
— Arun Sharma (अरुण शर्मा) (@Arun_Sharma23)
For example my sister's grades were very poor in 10th standard. So much that literally everyone told her to opt for humanities in 11th but now she is pursuing CA.
Our school directly conducted 3 big tests in the month of JAN, FEB AND MARCH. Almost 70% of the students failed in at least one subject.
— H4R1_2035 (@H4R1_2035)
I still feel, exams conduct krwane chahiye... Some students might feel, they have been blessed... No .. never.. this is for your future... Cases are coming down... In July, they should take exams..
— Saloni Yaduvansi (@Saloniyaduvans2)
बोर्ड सचिव ने मार्किंग स्कीम सुप्रीम कोर्ट के सामने रख दी है. उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड अगस्त तक रिजल्ट जारी करने की पूरी कोशिश करेगा. छात्र अपने राजिस्ट्रेशन नंबर/रोल नंबर की मदद से लॉगिन कर अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे.