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शेयर बाजार में 6 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, 4.80 लाख करोड़ स्वाहा, ये हैं वजहें

पिछले कुछ दिनों से भारतीय शेयर बाजार दबाव में था, लेकिन गुरुवार को बाजार बिखर गया. सेंसेक्स में 6 महीने की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1158 अंक यानी 1.89 फीसदी की गिरावट के साथ 59,984 अंक पर बंद हुआ. 

निवेशकों का 4.80 लाख करोड़ रुपये स्वाहा निवेशकों का 4.80 लाख करोड़ रुपये स्वाहा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार में भूचाल
  • सेंसेक्स में 1158 अंकों की बड़ी गिरावट

पिछले कुछ दिनों से भारतीय शेयर बाजार (Share Market) दबाव में था, लेकिन गुरुवार को बाजार बिखर गया. सेंसेक्स में 6 महीने की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स (Sensex) 1158 अंक यानी 1.89 फीसदी की गिरावट के साथ 59,984 अंक पर बंद हुआ. 

दरअसल गुरुवार को गिरावट के साथ ही बाजार की ओपनिंग हुई, और दिन ढलने के साथ ही दबाव बढ़ता गया. कारोबार के अंत में निफ्टी 353 अंक गिरकर 17,857 पर बंद हुआ. मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स का पिछले 20 दिनों का सबसे निचला स्तर है. इससे पहले 8 अक्टूबर को सेंसेक्स ने 60 हजार के लेवल टच किया था. 

6 महीने के बाद दूसरी बड़ी गिरावट

गुरुवार को सेंसेक्स में 1158 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, इससे 6 महीने पहले 12 अप्रैल को सेंसेक्स में 1700 अंकों की गिरावट आई थी.आज की भारी गिरावट से निवशेकों का तगड़ा झटका लगा है. केवल गुरुवार की गिरावट से मार्केट कैप (Market Cap) में 4.80 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है. 

इस गिरावट में सबसे ज्यादा सरकारी कंपनियों के शेयर पिटे. गिरने वाले शेयरों में सबसे ज्यादा अडानी पोर्ट (Adani Port Share) के शेयर करीब 8 फीसदी टूटे. वहीं आईटीसी के शेयर 5.60 फीसदी लुढ़के. रिलायंस के शेयर 1.26% और TCS के शेयर 1.85% गिरकर बंद हुए. अगर बैंकिंग की बात करें तो एक्सिस बैंक 3.75%, कोटक बैंक 4.05%, SBI 3.42% और ICICI बैंक 4.39% टूटकर बंद हुए. 

IRCTC के शेयरों में तेजी 

वहीं IRCTC के शेयर गुरुवार को शानदार 10.65 फीसदी की बढ़त के साथ 913 रुपये पर बंद हुआ. इसका कारण यह है कि इसमें शेयरों का विभाजन हुआ. एक शेयर को 5 शेयर्स में बांटा गया है. इससे शेयर की कीमत कम हो गई है. 

गुरुवार को बाजार में भारी गिरावट के पीछे तीन बड़े कारण हैं. पहला- विदेशी निवेशक (FPI) लगातार पिछले कई दिनों से शेयरों की बिकवाली कर रहे हैं. दूसरा- अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट का दौरे है, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है. तीसरा- भारतीय बाजार में लगातार तेजी के बाद मुनाफावसूली हो रही है. केवल पिछला हफ्ता छोड़ दें तो बीते महीने बाजार में एकतरफा रैली देखी गई थी, जिसके बाद अब बाजार में थोड़ा करेक्शन का दौर है. इसके अलावा मॉर्गन स्टेनली ने भारत की रेटिंग घटा दी है. 

 

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