युद्ध में अमेरिका और इजरायल एकजुट हैं जबकि ईरान दूसरी ओर खड़ा है. ऐसे में अगर ईरान ज्यादा वजन वाली मिसाइले इस्तेमाल करते है तो इससे बड़ी से बड़ी इमारत ताश की पत्तों की तरह गिर जाएगी इसलिए ऑस्ट्रेलिया अब UAE को मिसाइल देने और वहां सैन्य निगरानी वाले विमान को तैनात करने का फैसला किया है.