विजय माल्या को झटका, UK HC ने खारिज की अपील की याचिका, लौटना होगा भारत

लंदन हाईकोर्ट ने पिछले महीने अपने आदेश में कहा था कि विजय माल्या ने भारतीय बैंकों को धोखा दिया और उसे भारत में प्रत्यर्पित किया जाना चाहिए. माल्या पर भारतीय बैंकों को 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगाने का आरोप है.

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भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के बारत आने का रास्ता साफ (फाइल-पीटीआई) भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के बारत आने का रास्ता साफ (फाइल-पीटीआई)

मुनीष पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 14 मई 2020,
  • अपडेटेड 6:44 PM IST

  • HC ने पहले ही कर दी थी प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका खारिज
  • विजय माल्या पर धोखाधड़ी-मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित केस दर्ज
  • अब माल्या 28 दिनों के अंदर भारत किया जा सकता है प्रत्यर्पित
भगोड़े करोबारी विजय माल्या को जोर का झटका लगा है. इंग्लैंड के हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाने की याचिका खारिज कर दी है. इस फैसले के बाद माल्या के सारे कानूनी रास्ते बंद हो चुके हैं, और अब 28 दिनों के अंदर उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है.

हाई कोर्ट की ओर से याचिका खारिज होने के बाद लंदन होम ऑफिस प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करेगा. अब माल्या के पास इंग्लैंड में कोई भी कानूनी रास्ता नहीं बचा है. हाई कोर्ट पहले ही प्रत्यर्पण के खिलाफ माल्या की याचिका खारिज कर चुका है.

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नीरव मोदी केस में कोर्ट में मौजूद विजय माल्या के वकील ने हाई कोर्ट के फैसले पर कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन इशारा किया कि अगला दरवाजा यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स है. इंग्लैंड में सारे कानूनी विकल्प खत्म होने के बाद 28 दिनों में माल्या का प्रत्यर्पण होना है, लेकिन मामला अगर यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स (ECHR) में जाता है तो प्रत्यर्पण लटक सकता है.

माल्या ने की मोदी सरकार की तारीफ

इस फैसले से पहले शराब कारोबारी विजय माल्या ने कोरोना संकट पर पीएम नरेंद्र मोदी के आर्थिक राहत पैकेज के ऐलान पर केंद्र सरकार को बधाई देते हुए कहा कि अब सरकार को उससे सारा पैसा वापस ले लेना चाहिए.

विजय माल्या की ओर से ट्वीट किया गया, 'मैं सरकार को कोरोना वायरस संकट के बीच रिलीफ पैकेज की बधाई देता हूं. वो जितना पैसा छापना चाहें छाप सकते हैं, लेकिन उन्हें मेरे जैसे एक छोटे सहयोगकर्ता को इग्नोर करना चाहिए, जो स्टेट बैंक का सारा पैसा वापस लौटाना चाहता है.' शराब कारोबारी ने लिखा कि मुझसे सारा पैसा बिना शर्त के लिए लीजिए और मामला खत्म कीजिए.

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पिछले हफ्ते लगाई थी याचिका

इससे पहले देश के चर्चित भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने पिछले हफ्ते सोमवार को भारत प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने को लेकर अपील दायर की थी. जबकि पिछले महीने माल्या के प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका लंदन के हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी.

64 वर्षीय विजय माल्या पर भारत में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित केस दर्ज हैं. माल्या के पास लंदन हाईकोर्ट से आदेश आने के बाद ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट में याचिका की इजाजत लेने के लिए 14 दिन का समय था. हाई कोर्ट ने पिछले महीने 20 अप्रैल को अपना फैसला सुनाया था.

तब माल्या ने लोअर कोर्ट वेस्टमिनस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के प्रत्यर्पण के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

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माल्या को भारत प्रत्यर्पित किया जाना चाहिएः HC

प्रत्यर्पण के मामले में भारतीय जांच एजेंसियों का प्रतिनिधित्व कर रही यूके क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के प्रवक्ता ने भी पिछले हफ्ते विजय माल्या की तरफ से दायर याचिका की पुष्टि करते हुए बताया था कि याचिका दायर कर दी गई है. जवाब के लिए हमारे पास 14 मई तक का वक्त है.

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इससे पहले लंदन हाईकोर्ट के फैसले से पिछले महीने ही विजय माल्या को भारत भेजे जाने का रास्ता साफ हो गया था. हालांकि हाईकोर्ट के फैसले के बाद माल्या ने कहा था, 'मैं स्वाभाविक रूप से इस फैसले से निराश हूं. मैं अपने वकील की सलाह पर आगे भी कानूनी प्रकिया जारी रखूंगा.'

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लंदन हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि माल्या ने भारतीय बैंकों को धोखा दिया और उसे भारत में प्रत्यर्पित किया जाना चाहिए. माल्या पर भारतीय बैंकों को 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगाने का आरोप है.

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