अमेरिका में तीन फिलिस्तीनी छात्रों को गोली मारने के आरोप में एक गिरफ्तार, FBI करेगी जांच!

बर्लिंगटन पुलिस ने बताया कि हिशम अवरतानी, तहसीन अहमद और किन्नान अब्दलहामिद को एक शख्स ने वर्मोंट यूनिवर्सिटी कैंपस के पास गोली मार दी. पुलिस का कहना है कि अभी हमले की वजह सामने नहीं आई है. हालांकि, पीड़ित परिवारों ने इसे हेट क्राइम बताया है.

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अमेरिका में तीन फिलिस्तीनी छात्रों को मारी गोली अमेरिका में तीन फिलिस्तीनी छात्रों को मारी गोली

aajtak.in

  • वर्मोंट ,
  • 27 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 2:23 PM IST

इजरायल और हमास में जारी जंग के बीच अमेरिका के वर्मोंट में तीन फिलिस्तीनी छात्रों को गोली मार दी गई. इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है. पीड़ित छात्रों के परिजनों ने पुलिस से मामले की हेट क्राइम के तहत जांच करने की मांग की है. 

इससे पहले बर्लिंगटन पुलिस ने बताया कि हिशम अवरतानी, तहसीन अहमद और किन्नान अब्दलहामिद को एक शख्स ने वर्मोंट यूनिवर्सिटी कैंपस के पास गोली मार दी. अधिकारियों का कहना है कि वे हमले के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए जांच कर रहे हैं. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि हमले के वक्त छात्रों ने पारंपरिक स्कार्फ पहन रखा था और अरबी में बात कर रहे थे. 

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पुलिस ने इस मामले में 48 साल के संदिग्ध जेसन जे. ईटन को रविवार को गिरफ्तार किया है. तीनों छात्रों को गोली लगने के बाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. जहां उनका इलाज चल रहा है. पुलिस का कहना है कि दो पीड़ितों की हालत स्थिर है, जबकि तीसरे को अधिक गंभीर चोटें आई हैं. उधर, FBI ने कहा कि वह मामले की जांच के लिए तैयार है. 

पुलिस के मुताबिक, जेसन उस जगह के पास एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में रहता है जहां गोलीबारी हुई थी. बर्लिंगटन पुलिस ने कहा कि छात्रों पर उस समय हमला किया गया जब वे एक रिश्तेदार से मिलने के बाद प्रॉस्पेक्ट स्ट्रीट पर घूम रहे थे. तभी उन्हें एक श्वेत व्यक्ति मिला, जिसके पास हैंडगन थी. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बिना कुछ बोले पिस्तौल से कम से कम चार गोलियां चलाईं और वह पैदल ही भाग गया.

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अधिकारियों के मुताबिक, अभी हमले की वजह का पता नहीं चला है. पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान मिले सबूतों को इकट्ठा किया गया है. पीड़ित छात्रों के परिवारों ने कहा कि जब तक शूटर को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे. उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार को ऐसा दर्द न सहना पड़े. पीड़ितों में दो अमेरिकी नागरिक हैं, जबकि एक कानूनी निवासी है. 

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