'टैरिफ के कारण भारत ने बंद कर दी रूसी तेल की खरीद', ट्रंप के वित्त मंत्री का दावा

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से 25 फीसदी टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत दबाव में आ गया. भारत ने रूसी तेल की खरीद कम कर दी और अब लगभग बंद कर दी है.

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अमेरिकी वित्त मंत्री ने टैरिफ को लेकर दिया भारत का उदाहरण (Photo: ITG) अमेरिकी वित्त मंत्री ने टैरिफ को लेकर दिया भारत का उदाहरण (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:59 AM IST

भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर जारी बातचीत के बीच अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रूसी तेल की खरीद को लेकर बड़ा दावा किया है.  स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना लगभग बंद कर दिया है. फॉक्स बिजनेस से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया.

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उन्होंने दावा किया कि इसके बाद भारत ने रूस से तेल की खरीद कम कर दी और अब इसे लगभग बंद कर दिया है. ट्रंप के वित्त मंत्री ने कहा कि भारत ने यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस से तेल खरीदना शुरू किया था. उन्होंने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका अब अन्य देशों के खिलाफ और कड़े कदम उठाने की तैयारी में है.

ट्रंप के वित्त मंत्री ने कहा कि भारत अमेरिकी दबाव में आ गया, लेकिन यूरोप और चीन अब भी रूस का तेल खरीद रहे हैं, जो अपने खिलाफ लड़ाई को फाइनेंस कर रहा है. उन्होंने कहा कि चीन रियायती दाम पर तेल खरीदकर रूस की मदद कर रहा है. ट्रंप के वित्त मंत्री का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब एक सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सीनेट में एक बिल पेश किया है.

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इस बिल में यह प्रावधान किया गया है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर कम से कम 500 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है. इस बिल को लेकर सवाल पर ट्रंप के वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसी सख्ती के लिए राष्ट्रपति को सीनेट की मंजूरी जरूरी नहीं है. राष्ट्रपति IEPA (International Emergency Economic Powers Act) के तहत ऐसा कर सकता है.

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उन्होंने कहा कि अगर यह बिल सीनेट से पारित होता है, तो राष्ट्रपति के अधिकार और मजबूत होंगे. ट्रंप ने पहले ही इस बिल को राजनीतिक रूप से मंजूरी दे दी है, हालांकि यह अभी सीनेट में विचाराधीन है. इस कानून का मुख्य निशाना चीन है, जो रूस के तेल का सबसे बड़ा आयातक देश बना हुआ है.

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बता दें कि भारत रूस से अपनी तेल खरीद को जायज ठहराता आया है. भारत का रुख साफ रहा है कि हमारी ऊर्जा नीति वैश्विक बाजार की स्थिति और अपने नागरिकों को सस्ता ईंधन मुहैया कराने पर आधारित है. 

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