ईरान में हमास चीफ की हत्या और लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल के लगातार एक्शन ने मिडिल ईस्ट के हालात को बिगाड़ दिया है. ईरान लगातार इजरायल पर हमला करने की धमकी दे रहा है. जबकि इजरायल भी अपने दुश्मनों को मार रहा है. इस क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात पर पूरी दुनिया की नजर है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा है कि अगर गाजा में युद्धविराम समझौता हो जाता है तो ईरान इजरायल के खिलाफ हमले को रोकने पर विचार कर सकता है.
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मंगलवार को जब पूछा गया कि क्या उन्हें उम्मीद है कि गाजा युद्धविराम समझौता होने पर ईरान इजरायल पर जवाबी हमला नहीं करेगा, तो उन्होंने कहा, 'यही मेरी उम्मीद है'. इससे पहले न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने तीन वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया था कि संघर्ष विराम समझौता ही ईरान को इजरायल के खिलाफ सीधे हमले से रोक सकता है.
अगर वार्ता नहीं हुई तो...
बता दें कि अमेरिका पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि अगर इजरायल पर हमला हुआ तो वह उसका साथ देगा. वहीं, अमेरिकी नौसेना ने इजरायली सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मध्य पूर्व में युद्धपोत और एक पनडुब्बी को भी तैनात किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि अगर गाजा वार्ता विफल हो जाती है तो हिजबुल्लाह जैसे सहयोगियों के साथ ईरान सीधा हमला करेगा.
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गाजा से लोगों का विस्थापन जारी
इजरायली हमलों और युद्द की आशंका के चलते गाजा से लोगों का पलायन जारी है. संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में दक्षिण पश्चिम गाजा में 75 हजार से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं. पिछले हफ्ते ही इजरायली सेना ने इन इलाकों को खाली करने का आदेश दिया था. पिछले साल 7 अक्टूबर के बाद से गाजा में इजरायली हमले लगातार जारी हैं. यहां अब तक करीब 40 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं.
क्या इस हफ्ते हमला करेगा ईरान
अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान या उसके प्रतिनिधि इस हफ्ते इजरायल पर सीधा हमला बोल सकते हैं. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि ईरानी हमले को रोकने के लिए अमेरिका तैयारी कर रहा है. इसके लिए मिडिल-ईस्ट में एक गाइडेड मिसाइल पनडुब्बी भेजी गई है. अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन को भी भेज रहा है. यूएसएस अब्राहम लिंकन लड़ाकू विमान एफ-35 से लैस है.
दरअसल, हमास और हिजबुल्लाह के कुछ बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है. ईरान ने अपने यहां मारे गए हमास नेता इस्माइल हनिया का बदला लेने का ऐलान किया है. कहा जा रहा है कि ईरान और लेबनान के हिज़बुल्लाह इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकते हैं.
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