US-Israel-Iran War Live Updates: मिडिल ईस्ट में जारी जंग और ज्यादा खतरनाक मोड़ लेती दिख रही है. इजरायल ने एक बार फिर ईरान के अंदर कई अहम ठिकानों पर हमले किए, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात को भी निशाना बनाया. यूएई में इंटरसेप्ट किए गए एक मिसाइल के मलबे गिरने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई.
इजरायल ने ईरान के परमाणु ढांचे पर बड़ा हमला करते हुए अराक स्थित शाहिद खोंडाब हेवी वाटर कॉम्प्लेक्स और यज़्द के येलोकेक प्लांट को निशाना बनाया. ईरान के अनुसार इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ और रेडिएशन का खतरा भी नहीं है, लेकिन इसे बड़ा उकसावा माना जा रहा है. वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि इस बार जवाब आंख के बदले आंख तक सीमित नहीं रहेगा.
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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से दुनियाभर में ऊर्जा संकट का खतरा तेजी से मंडराने लगा है. कई देशों में तो हालात बेहद ही खराब हो गए हैं. ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि कच्चे तेल की कीमत क्या $200 बैरल हो सकती है. आइए जानते हैं एक्सपर्ट क्या कहते हैं. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर - $200 बैरल तक जाएगा कच्चा तेल? Iran-US जंग पर एक्सपर्ट ने दी बड़ी चेतावनी
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग अब और फैलती दिख रही है. इजरायल ने दावा किया है कि यमन से उसकी ओर मिसाइल दागी गई, जिससे नए मोर्चे खुलने की आशंका बढ़ गई है. हूती पहले ही हस्तक्षेप के संकेत दे चुके थे. इस घटनाक्रम ने पूरे मिडिल ईस्ट में बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की चिंता को और गहरा कर दिया है.
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इजरायली अधिकारियों के अनुसार, यमन से दक्षिणी इजरायल की तरफ एक मिसाइल दागी गई थी. इजरायली डिफेंस सिस्टम ने उसे बीच में ही मार गिराया. इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ है.
इनपुट: प्रणय उपाध्याय
अमेरिका ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ उसका सैन्य अभियान लंबा नहीं चलेगा. मार्को रुबियो ने कहा कि ऑपरेशन “महीनों नहीं, हफ्तों” में खत्म हो सकता है और जमीनी सेना की जरूरत नहीं पड़ेगी. हालांकि, क्षेत्र में कुछ सैनिक तैनात किए जा रहे हैं ताकि हालात बिगड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
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अबू धाबी में खलीफा इकोनॉमिक जोन (KEZAD) के पास मिसाइल को इंटरसेप्ट करते समय उसका मलबा नीचे गिर गया. इस घटना में पांच लोग घायल हो गए. अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने इसकी पुष्टि की है. घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.
होर्मुज का रास्ता अगर पूरी तरह दुनिया के लिए बंद हो जाता है तो दुनियाभर में ईंधन के सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा. क्योंकि कई देशों के इकोनॉमी इस रास्ते पर डिपेंड करती है. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ें - अगर होर्मुज पूरी तरह हुआ बंद, तो सिर्फ ये रास्ते तय करेंगे दुनिया का भविष्य!
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. इसका असर ऑस्ट्रेलिया में भी महसूस किया जा रहा है और अब वहां की सरकार ने ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है.
शनिवार को प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि सरकार निजी क्षेत्र द्वारा ईंधन की खरीद को अपनी गारंटी देगी यानी अंडरराइट करेगी. उन्होंने कहा कि यह सामान्य व्यवस्था नहीं होगी बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और जहाजों भर ईंधन ऑस्ट्रेलिया लाया जाएगा.
इनपुट: CNN
अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने बताया है कि बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट यानी हवा में नष्ट करने के बाद गिरे मलबे से दो जगहों पर आग लग गई है. ये आग खलीफा इकोनॉमिक जोन अबू धाबी यानी KEZAD के आसपास के इलाकों में लगी है.
सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले ने तनाव बढ़ा दिया है. इस हमले में कम से कम 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं और रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट KC-135 स्ट्रैटोटैंकर को भी नुकसान पहुंचा है. सैटेलाइट तस्वीरों में हमले के निशान देखे गए हैं, जिससे जंग के और खतरनाक होने के संकेत मिल रहे हैं.
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सवाल: राष्ट्रपति ट्रंप, आप अपनी विरासत क्या बनाना चाहते हैं? जवाब में ट्रंप कहते हैं कि मैंने आठ लंबे-लंबे युद्ध खत्म कर दिए. उनमें ढेर सारे लोग मर रहे थे. मैंने लाखों-लाखों लोगों की जान बचा ली. मैं चाहता हूं कि लोग मुझे एक बड़े शांति-साधक के रूप में याद करें.
इजरायली सैन्य बलों ने घोषणा की कि वे तेहरान सहित ईरान के विभिन्न इलाकों में सैन्य और रणनीतिक लक्ष्यों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर रहे हैं. इन हमलों में विस्फोटों की खबरें आई हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.
ईरान ने सऊदी अरब स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए. इनमें कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला राजधानी रियाद के पास स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाकर किया गया. इस हमले में अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान भी क्षतिग्रस्त होने का दावा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा, 'मेरे पहले कार्यकाल में यह एक बड़ा पल था जब मैंने सुलेमानी को खत्म किया. वह इतना ताकतवर था कि मुझे लगता है कि ईरान का नेतृत्व भी अंदर से खुश था, लेकिन वे इसे स्वीकार नहीं करते.'
उन्होंने आगे कहा, 'अब उनसे कोई सवाल नहीं करेगा, क्योंकि वे अब यहां हैं ही नहीं.'
गौरतलब है कि जनवरी 2020 में अमेरिकी सेना ने बगदाद एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी को मार गिराया था. उस समय अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि यह कार्रवाई अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए की गई थी, क्योंकि सुलेमानी पर अमेरिकी सैनिकों और अधिकारियों पर हमलों की साजिश रचने का आरोप था.
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. ईरान सैन्य संगठन IRGC ने अमेरिका और इजरायल से जुड़ी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को तुरंत कार्यस्थल छोड़ने की चेतावनी दी है. इसे हाल ही में ईरान के बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के बाद संभावित जवाबी कार्रवाई के संकेत के रूप में देखी जा रहा है.
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने इजरायल पर एक और बड़ा मिसाइल हमला किया है. इज़राइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंट्रल इजरायल में हुए इस हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं.
अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा है कि इस हफ्ते ईरान के साथ बातचीत होने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि अमेरिका ने 15 बिंदुओं वाला शांति प्रस्ताव पहले ही ईरान को दे दिया है और अब उसके जवाब का इंतजार है.
विटकॉफ ने मियामी में एक निवेश फोरम के दौरान कहा कि अगर ईरान इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो मौजूदा संकट का समाधान निकल सकता है. वहीं ट्रंप भी लगातार कूटनीतिक हल पर जोर दे रहे हैं.