इजरायल और अमेरिका के ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. ईरान पर कई हमले किए गए, जिनके जवाब में ईरान ने भी पलटवार किया है. इस बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता की कोशिशें जरूर हुई हैं, लेकिन अब तक युद्ध को लेकर कोई ठोस बातचीत संभव नहीं हो सकी है.
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को कम करने के लिए इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत की चर्चा सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी डेलिगेशन भेजने की बात कही है, लेकिन ईरान की ओर से अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है.
ईरान, ट्रंप की धमकियों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी को लेकर नाराज है और उसने पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया है. फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और संकट अभी टला नहीं है.
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इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) के प्रमुख ने कहा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नेविगेशन की स्वतंत्रता के समर्थन में खड़े देश सही संदेश दे रहे हैं. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव ग्लोबल शिपिंग के लिए खतरा बने हुए है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर ईरान में परमाणु ‘डस्ट’ स्थलों का पूरी तरह से विनाश था.” ट्रंप ने आगे बताया कि ईरान में इन परमाणु डस्ट स्थलों की खुदाई एक लंबी और कठिन प्रक्रिया होगी.
पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को इतिहास का सबसे भ्रष्ट प्रशासन बताया. उन्होंने कहा, “हम ऐसे राष्ट्रपति प्रशासन का सामना कर रहे हैं, जो अमेरिका के इतिहास में सबसे ज्यादा भ्रष्ट, निर्दयी और अक्षम है.”
मंगलवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस्लामाबाद दौरे की संभावना के बीच ईरान और अमेरिका के बीच अविश्वास और गहरा हो गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान का मानना है कि वॉशिंगटन के साथ किसी भी समझौते का कोई फायदा नहीं है, क्योंकि अमेरिका पहले भी अपने वादों से पीछे हट चुका है.
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा है कि 'अमेरिका इस्लामाबाद वार्ता को 'समर्पण की मेज' में बदलने की कोशिश कर रहा है. अगर तनाव और बढ़ता है, तो ईरान 'जंग के मैदान में नए पत्ते' खोलने के लिए तैयार है'.
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर जल्द ही खत्म होने वाला है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से ईरान को धमकी दी है. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान से डील नहीं हो जाती, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी.
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं. लेकिन Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान अपनी बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने को टाल रहा है. ईरान ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका अपनी पाबंदियां (ब्लॉकेड) खत्म नहीं करता, तब तक बातचीत नहीं होगी.
मिडिल ईस्ट एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ा नजर आ रहा है, जहां शांति और युद्ध के बीच सिर्फ कुछ घंटे शेष हैं. ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं. दो हफ्तों का अस्थायी सीजफायर बुधवार, 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है.