ट्रंप की कैद में चीन का 'सदाबहार दोस्त', UN में भिड़े दोनों देश, अमेरिका को मिली चेतावनी

अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया है जिससे चीन बेहद गुस्से में है. चीन ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की आलोचना की है. इससे पहले विदेश मंत्री वांग यी ने भी अमेरिका को निशाना बनाया था.

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मादुरो की कैद से चीन अमेरिका से बेहद नाराज है (Photo: Reuters) मादुरो की कैद से चीन अमेरिका से बेहद नाराज है (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:33 PM IST

बीते हफ्ते वेनेजुएला में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इशारे पर जो कुछ भी हुआ, उसने पूरी दुनिया को चौंका दिया. ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को उनके बेडरूम से उठवा लिया. मादुरो और उनकी पत्नी फिलहाल न्यूयॉर्क में कैद हैं और उनके खिलाफ ड्रग्स से जुड़ा मुकदमा शुरू किया गया है.

मादुरो के साथ हुई इस घटना से वेनेजुएला का ट्रेड पार्टनर चीन बेहद नाराज हुआ है. चीन के टॉप डिप्लोमैट ने संयुक्त राष्ट्र में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर न्यूयॉर्क लाए जाने के अमेरिका के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है. वेनेजुएला में चीन एक बड़ा स्टेकहॉल्डर है और ऐसे में उसकी यह प्रतिक्रिया जायज मानी जा रही है.

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चीन आम तौर पर गैर-हस्तक्षेप की नीति का पालन करता है. वो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बिना की गई सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करता रहा है. अमेरिका ने चीन के 'ऑल-वेदर' यानी सदाबहार स्ट्रैटेजिक पार्टनर माने जाने वाले देश के नेता को आधी रात उसके ही देश की राजधानी से उठवा लिया गया जो चीन के लिए एक बड़ा झटका है.

'खुद को दुनिया का जज न समझे अमेरिका'

चीन ने अमेरिका पर खुद को 'दुनिया का जज' समझने का आरोप लगाया है. चीन ने इस कार्रवाई की वैधता को लेकर संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका को टार्गेट भी किया है,

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को बीजिंग में पाकिस्तान के अपने समकक्ष से मुलाकात के दौरान कहा था, 'हम कभी यह नहीं मानते कि कोई भी देश दुनिया का पुलिसवाला बन सकता है, न ही हम यह स्वीकार करते हैं कि कोई देश खुद को दुनिया का जज घोषित करे.'

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उन्होंने सीधे अमेरिका का नाम लिए बिना वेनेजुएला में हुए 'अचानक घटनाक्रम' का जिक्र किया. वांग यी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा की पूरी तरह रक्षा की जानी चाहिए. 

बीते शनिवार को 63 साल के मादुरो को आंखों पर पट्टी बांधकर और हथकड़ी लगाकर न्यूयॉर्क ले जाया गया. कैद से उनकी कुछ तस्वीरें सामने आई जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया.

इधर, अदालत में पेश हुए मादुरो, उधर यूएन में अमेरिका से भिड़ा चीन

मादुरो ने सोमवार को न्यूयॉर्क की एक अदालत में नशीले पदार्थों से जुड़े आरोपों को खारिज किया है. वहीं, कुछ ही ब्लॉक दूर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक हुई, जिसे कोलंबिया के अनुरोध पर बुलाया गया था और चीन-रूस ने इसका समर्थन किया. इस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मादुरो को पकड़ने के फैसले पर चर्चा हुई. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि अमेरिका का यह कदम 'खतरनाक मिसाल' बन सकता है.

बैठक को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी मिशन के प्रभारी सुन लेई ने अमेरिका की कार्रवाई पर हैरानी जताई और उसकी निंदा की. उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा, 'इतिहास के सबक हमें कड़ी चेतावनी देते हैं. सैन्य ताकत समस्याओं का समाधान नहीं है और अंधाधुंध बल प्रयोग से केवल और बड़े संकट पैदा होंगे.'

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अमेरिका के खिलाफ माहौल बनाने का काम कर सकता है चीन

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, विश्लेषकों का मानना है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और ग्लोबल ट्रेड पार्टनर होने के नाते चीन अमेरिका की कार्रवाई के खिलाफ दुनिया के देशों को एकजुट कर सकता है.

चीन-ग्लोबल साउथ प्रोजेक्ट के सह-संस्थापक एरिक ओलैंडर के मुताबिक, इस समय चीन वेनेजुएला को बहुत ज्यादा ठोस मदद तो नहीं दे सकता, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और विकासशील देशों के बीच अमेरिका के खिलाफ माहौल बनाने में उसकी भूमिका अहम होगी.

वेनेजुएला के बाद ट्रंप अब कोलंबिया और मैक्सिको के खिलाफ भी सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं जिसे लेकर लैटिन अमेरिकी देशों में चिंता बढ़ गई है. ये वही देश हैं जो चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ग्लोबल सिक्योरिटी इनिशिएटिव से जुड़े हैं. 

सोमवार को शी जिनपिंग ने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का पालन करने की अपील की. उन्होंने बिना अमेरिका का नाम लेते हुए कहा कि दुनिया की बड़ी ताकतों को उदाहरण पेश करना चाहिए.

कब मजबूत हुआ चीन-वेनेजुएला का रिश्ता?

वेनेजुएला ने 1974 में चीन को मान्यता दे दी थी और 1998 में सत्ता में आए ह्यूगो चावेज के दौर में यह रिश्ता और मजबूत हुआ. चावेज के बाद 2013 में मादुरो के राष्ट्रपति बनने पर भी यह नजदीकी बनी रही.

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चीन ने वेनेजुएला की तेल रिफाइनरियों और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश किया, खासकर तब जब 2017 के बाद अमेरिका और उसके सहयोगियों ने उस पर प्रतिबंध कड़े कर दिए थे. चीनी कस्टम के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में चीन ने वेनेजुएला से करीब 1.6 अरब डॉलर का आयात किया, जिसमें लगभग आधा हिस्सा तेल का था.

एक चीनी सरकारी अधिकारी ने कहा कि मादुरो की गिरफ्तारी चीन के लिए बड़ा झटका है. मादुरो की गिरफ्तारी से पहले ही एक चीनी प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की थी जिसका नेतृत्व किउ शियाओची ने किया था. इस बैठक के बाद मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया जिसके संदर्भ में चीनी अधिकारी ने कहा, 'हम वेनेजुएला के लिए एक भरोसेमंद दोस्त की इमेज बनाना चाहते थे.'

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