अमेरिका का विशाल विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड आग की घटना के बाद ग्रीस पहुंच गया है. यह युद्धपोत ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों में तैनात था और सोमवार को ग्रीस के क्रीट द्वीप स्थित सूडा बे नौसैनिक अड्डे पर पहुंचा, जहां इसे अस्थायी रूप से रोका गया है.
यह युद्धपोत दुनिया के सबसे बड़े और आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर में से एक है, जिसमें 5000 से अधिक सैनिक और 75 से ज्यादा सैन्य विमान तैनात हैं. आग की घटना तब हुई जब जहाज लाल सागर में मौजूद था. अधिकारियों के मुताबिक आग जहाज के मुख्य लॉन्ड्री क्षेत्र में लगी थी, जिसे काबू में करने में कई घंटे लग गए.
5000 से ज्यादा सैनिक और 75 विमान मौजूद जहाज पर
इस हादसे में करीब 200 सैनिक धुएं के प्रभाव से प्रभावित हुए और उनका इलाज किया गया. वहीं एक सैनिक को गंभीर हालत में जहाज से बाहर एयरलिफ्ट करना पड़ा. आग की वजह से करीब 100 सोने के स्थान भी प्रभावित हुए, जिससे जहाज पर रहने की व्यवस्था पर असर पड़ा.
हालांकि अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि इस आग से जहाज के इंजन या संचालन प्रणाली को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और यह पूरी तरह से ऑपरेशनल बना हुआ है. इसके बावजूद जहाज को अस्थायी रूप से ग्रीस लाया गया है ताकि मरम्मत और जरूरी जांच की जा सके.
इंजन सुरक्षित, पूरी तरह ऑपरेशनल बताया गया युद्धपोत
यूएसएस फोर्ड पिछले नौ महीनों से तैनात है और इससे पहले यह कैरेबियन क्षेत्र में वेनेजुएला के खिलाफ अभियानों में भी शामिल रहा था. इसके बाद इसे मध्य पूर्व में ईरान के खिलाफ ऑपरेशन के लिए भेजा गया था. लंबे समय तक लगातार तैनाती के चलते जहाज के कर्मचारियों के मनोबल और तैयारी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह युद्धपोत ग्रीस में कितने समय तक रुकेगा. अधिकारियों ने इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है. इस बीच, जहाज की मरम्मत और स्थिति की समीक्षा जारी है.
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