संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान ने हलचल मचा दी है. पाकिस्तान के सिक्योरिटी एक्सपर्ट इस पाकिस्तान में इस दौरे की चर्चा कर रहे हैं. पाकिस्तान के सुरक्षा एक्सपर्ट कमर चीमा ने कहा कि UAE का राष्ट्रपति बनने के बाद शेख मोहम्मद पांचवीं दफे भारत आ रहे हैं. ये 10 सालों में उनका पांचवां भारत दौरा है. ये बहुत महत्वपूर्ण है. कमर चीमा ने कहा कि प्रधानमंत्री UAE के युवा नेतृत्व को बार बार भारत बुला रहे हैं. ये एक अहम बात है. दरअसल भारत संयुक्त अरब अमीरात के संबंधों को अगली पीढ़ी तक ट्रांसफर कर रहा है. क्योंकि भारत का मानना है कि पाकिस्तानी लंबे समय तक UAE के इतने नजदीकी रहे हैं, उनका मुस्लिम देशों से गहरा संबंध है, इसलिए भारत को नेक्स्ट जेनेरेशन तक पहुंचना बनना चाहिए.
कमर चीमा ने कहा कि भारत और UAE दोनों ही दिखाना चाहते हैं कि हमारे अच्छे डिफेंस पार्टनरशिप हैं. गौरतलब है कि सऊदी अरब और पाकिस्तान ने रक्षा समझौता किया है, इस लिहाज से भारत और UAE की दोस्ती के प्रभाव पाकिस्तान से लेकर गल्फ तक देखे जाएंगे. कमर चीमा ने कहा कि दोनों देशों के बीच मिलिट्री डायलॉग होगा, आतंकवाद पर बात कर रहे हैं.
पाकिस्तान की वरिष्ठ पत्रकार और कई इंडियन टीवी चैनल पर टीवी डिबेट में शामिल होने वाली आरजू काजमी ने इस दौरे पर कहा कि गाजा शांति समझौते पर बात करने के लिए शेख मोहम्मद भारत दौरे पर आए हैं.
पीएम मोदी और UAE के राष्ट्रपति की मुलाकातों की तस्वीर पाकिस्तानियों को चुभ रही है. इन तस्वीरों का जिक्र करके एक्सपर्ट पाकिस्तानी नेतृत्व को फटकार लगा रहे हैं. एक विशेषज्ञ ने कहा कि, "क्या ऐसी कोई भी तस्वीर आपको नजर आई है जब अरब के किसी नेता ने फील्ड मार्शल का हाथ पकड़ा हो और सिर झुकाया हो. हमारे नेता जरूर उनका हाथ पकड़ते हैं. मरियम नवाज ने भी UAE के राष्ट्रपति का हाथ पकड़ा था. लेकिन ये तो ऐसा ही है जैसे बादशाह अपना एक हाथ आगे करता है और कहता है बोसा ले लो."
बता दें कि पिछले साल UAE के राष्ट्रपति भारत दौरे पर आए थे. तब पंजाब की सीएम मरियम नवाज और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के मुलाकात की तस्वीरों पर पाकिस्तान में कई लोगों ने टिप्पणियां की थी.
एक एक्सपर्ट ने कहा कि ज्यादा टाइम नहीं हुआ मोहम्मद बिन जाएद पाकिस्तान आए थे. वो यहां लैंड किए और एयरपोर्ट से बाहर भी नहीं आए और शिकार करने चले गए. हमारे पीएम शहबाज ने शिकार के दौरान इनसे मुलाकात की. लेकिन जब ये इंडिया जाते हैं तो विदेश नीति के हिसाब से बड़े फैसले भी करके आएंगे. क्या पाकिस्तान को इससे मैसेज दिया जा रहा है?
पाकिस्तान का एक रक्षा विशेषज्ञ ने कहा कि भारत चाहता है कि संयुक्त अरब अमीरात और उसके बीच लेन-देन अब डॉलर के बजाय अपनी मुद्रा में हो. भारत इसके लिए UPI का विस्तार कर रहा है. ये UAE में काम करना शुरू हो चुका है.
बता दें कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी पर काम करने का फैसला किया है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारत इस क्षेत्र के संघर्षों में शामिल होगा. भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि, "इस क्षेत्र के किसी देश के साथ रक्षा और सुरक्षा के मोर्चे पर हमारी भागीदारी का मतलब यह ज़रूरी नहीं है कि हम इस क्षेत्र के संघर्षों में खास तरीकों से शामिल होंगे. भारत और UAE के बीच, और असल में इस क्षेत्र के कुछ दूसरे देशों के साथ भी रक्षा सहयोग और रक्षा मोर्चे पर जुड़ाव में पहले से ही काफी कुछ हो रहा है."
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