'सस्ते के चक्कर में गुलाम बन जाओगे...', चीन को लेकर अमेरिका ने इस देश को किया आगाह!

चीन की चालाकियों पर अमेरिका ने पेरू को आगाह किया है. अमेरिका ने चीन की कंपनियों को शिकारी करार दिया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि सस्ते चीनी पैसे की कीमत संप्रभुता से चुकानी पड़ती है. पेरू में चीन ने अरबों रुपये निवेश कर एक डीपवाटर पोर्ट बनाया है. लेकिन इस पेरू के अधिकारियों को ही इस पोर्ट की निगरानी का आधार नहीं है.

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चीन अरबों रुपये की लागत से पेरू में डीप वाटर पोर्ट बना रहा है, (Photo: ITG) चीन अरबों रुपये की लागत से पेरू में डीप वाटर पोर्ट बना रहा है, (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:42 PM IST

ट्रंप  प्रशासन ने दक्षिण अमेरिकी देश पेरू को सीधी चेतावनी दी है कि चीन जिस कदर उसके यहां इंफ्रास्ट्रक्चर को कंट्रोल कर रहा है, इससे उसकी संप्रभुता को ही खतरा पैदा हो गया है और अगर ऐसा होना जारी रहा तो स्थिति बिगड़ सकती है. अमेरिका ने कहा है कि पेरू याद रखे कि सस्ते चीनी पैसे की कीमत संप्रभुता से चुकानी पड़ती है. अमेरिका की प्रतिक्रिया तब आई है जब पेरू के एक कोर्ट ने पेरू की ही एक सरकारी एजेंसी को चीन के बनाए मेगा पोर्ट की निगरानी करने से रोक दिया है. 

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कोर्ट का ये फैसला पेरू में पेरू की ही संप्रभुता को चुनौती देने जैसा है.  

दरअसल ये मामला अरबों रुपये खर्च कर पेरू की राजधानी लीमा से कुछ दूर बनाए गए डीप वाटर पोर्ट से जुड़ा है. 

पेरू की राजधानी लीमा के उत्तर में चानके में USD 1.3 बिलियन का डीपवाटर पोर्ट लैटिन अमेरिका में चीन के दबदबे का प्रतीक बन गया है और वॉशिंगटन के साथ तनाव का कारण भी बना हुआ है.

अमेरिकी विदेश विभाग ने इस मामले पर एक्स पर प्रतिक्रिया दी है और तीखी टिप्पणी की है. अमेरिका ने चीनी कंपनियों को प्रीडेटर्स (शिकारी) कहा है. 

अमेरिकी विदेश विभाग ने आगे कहा है, "हम पेरू के अपने इलाके में ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की देखरेख करने के सॉवरेन अधिकार का समर्थन करते हैं. इसे इस इलाके और दुनिया के लिए एक चेतावनी की कहानी बनने दें: सस्ते चीनी पैसे से सॉवरेनिटी की कीमत चुकानी पड़ती है."

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लीमा में बन रहा है Chancay ब्रिज 

लीमा से लगभग 80 किमी उत्तर में स्थित चांसाय में बन रहा चांसाय ब्रिज मुख्य रूप से चांसाय मेगा-पोर्ट प्रोजेक्ट का हिस्सा है. यह चाइना की BRI प्रोजेक्ट का हिस्सा है. इसकी लागत 1.3-3.5 बिलियन है और ये डीपवाटर पोर्ट है. यह ब्रिज पोर्ट के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टर है, जो दक्षिण अमेरिका को एशिया से जोड़ता है, इससे शिपिंग का समय 23 दिनों तक घटता है और लागत बचाता है. यह ब्रिज जिओ-पॉलिटिक्स की लड़ाई में दक्षिण अमेरिका में चीन के दबदबे का प्रतीक है.

यह एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोग्राम है जिसके तहत चीन के सरकारी बैंकों ने कई कॉन्टिनेंट्स में सीपोर्ट, एयरपोर्ट और हाईवे बनाने के साथ-साथ दूसरे प्रोजेक्ट्स के लिए बड़े लोन या फाइनेंशियल गारंटी दी है.

अमेरिका की ओर से यह चिंता तब आई है जब ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन वेस्टर्न हेमिस्फ़ेयर पर अपना दबदबा बनाना चाहता है. जहां चीन ने लंबे समय से बड़े लोन और ज़्यादा ट्रेड वॉल्यूम के ज़रिए अपना असर बनाया है.

चीन ने खारिज किए आरोप

चीनी सरकार ने गुरुवार को US की बातों को पूरी तरह से खारिज कर दिया.

बीजिंग में एक डेली ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन लिन जियान ने कहा, "चीन US के चानके पोर्ट के बारे में खुलेआम अफ़वाह फैलाने और उसे बदनाम करने का कड़ा विरोध करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है."

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पैसिफ़िक कोस्ट पर बसा चानके, बीजिंग के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का हिस्सा है, यह एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोग्राम है जिसके तहत चीन के सरकारी बैंकों ने कई कॉन्टिनेंट्स में सीपोर्ट, एयरपोर्ट और हाईवे बनाने के साथ-साथ दूसरे प्रोजेक्ट्स के लिए बड़े लोन या फाइनेंशियल गारंटी दी है. 

चीन ने कहा है कि कोर्ट के फैसले में "किसी भी तरह से सॉवरेनिटी के पहलू शामिल नहीं हैं" और जोर देकर कहा कि पोर्ट "पेरू के अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र, सॉवरेनिटी और कंट्रोल में है, जो पेरू के सभी नियमों के अधीन है."

इसमें यह भी कहा गया कि पेरू के कई अधिकारी पोर्ट की गतिविधियों पर नज़र रख रहे हैं, जिनमें पुलिस बल, पर्यावरण रेगुलेटर और कस्टम अधिकारी शामिल हैं.

29 जनवरी को एक निचली अदालत के जज द्वारा जारी फैसले में पेरू के अधिकारियों को चानके में पोर्ट पर "रेगुलेशन, सुपरविज़न, ओवरसाइट और सैंक्शन की शक्तियों" का इस्तेमाल करने से बचने का आदेश दिया गया है.

पेरू की सरकारी एजेंसी ने कहा है कि वो इसके खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेगा. 

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