सीरिया की सरकार ने देश के लगभग पूरे हिस्से पर नियंत्रण का ऐलान कर दिया है. सीरिया की सरकार ने कुर्द नेतृत्व वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) के साथ संघर्षविराम समझौते की घोषणा कर दी है. सीरिया की सरकार और एसडीएफ के बीच यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब दोनों के बीच तनाव चरम पर पहुंचने के बाद सरकार ने पूर्वी इलाकों की तरफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी थी.
सीरिया के उत्तर-पूर्वी हिस्से पर एक दशक से भी अधिक समय से एसडीएफ का नियंत्रण था. सीरियाई सैनिकों ने रविवार को दीर अल-जोर के पूर्वी उपनगरों में प्रवेश करने की कोशिश की थी. दोनों के बीच झड़पें बढ़ गई थीं. पूर्वी अलेप्पो प्रांत में अग्रिम मोर्चे पर झड़पें हुईं और इसके बाद एसडीएफ के अधिकतर लड़ाके पीछे हटते देखे गए.
कई दिनों की लड़ाई और सीरिया सरकार के सैनिकों की बढ़त के बाद सीरियाई सरकार और अमेरिका के समर्थन वाले एसडीएफ ने सभी मोर्चों पर तत्काल संघर्षविराम की सहमति जता दी. सीरिया के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक दस्तावेज के अनुसार यह संघर्षविराम यूफ्रेट्स यानी फुरात नदी के पूर्व से लागू होगा और एसडीएफ से जुड़े सभी बल वापस लौट जाएंगे.
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सीरिया सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आवश्यक सुरक्षा जांच के बाद सभी एसडीएफ बलों का रक्षा और आंतरिक मंत्रालयों में विलय किया जाएगा. संघर्षविराम समझौते के मुताबिक सरकार कुर्द-नियंत्रित प्रांतों दीर अल-जोर और रक्का का सैन्य और प्रशासनिक नियंत्रण तत्काल पूरी तरह से पूर्ण नियंत्रण अपने हाथ में लेगी.
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इससे पहले, सीरिया की सेना ने अपने अरब कबिलाई सहयोगियों के साथ मिलकर यूफ्रेट्स नदी के पूर्व में स्थित दीर अल-जोर के प्रमुख तेल और गैस क्षेत्रों पर नियंत्रण कर लिया था. ये क्षेत्र कुर्द-नेतृत्व वाली ताकतों के लिए राजस्व का अहम स्रोत थे, जिससे उन्हें बड़ा झटका लगा. सीरिया के अधिकारियों ने कहा है कि इन सफलताओं के चलते यूफ्रेट्स नदी के किनारे स्थित देश के प्रमुख तेल और गेहूं उत्पादक क्षेत्र—दीर अल-जोर प्रांत का अधिकांश हिस्सा—अब प्रभावी रूप से सरकार के नियंत्रण में आ गया है.
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