अमेरिकी जज को पहले मिली धमकी, फिर घर में लगी आग! पति-बेटे ने कूदकर बचाई जान

अमेरिकी राज्य साउथ कैरोलिना की एक महिला जज को कुछ समय पहले से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं. अब उनके घर में आग लगने की खबर है. आग की वजह से उनके पति और बेटा घायल हुए हैं. हालांकि, फिलहाल आग के पीछे किसी के होने के सबूत नहीं मिले हैं.

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साउथ कैरोलिना को पहले जान से मारने की धमकी मिली, फिर उनके घर में आग लग गई साउथ कैरोलिना को पहले जान से मारने की धमकी मिली, फिर उनके घर में आग लग गई

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 1:51 PM IST

अमेरिकी राज्य साउथ कैरोलिना की जज डायने गुडस्टीन के समुद्र तट स्थित घर में भीषण आग लग गई जिसकी जांच चल रही है. गुडस्टीन को कथित तौर पर जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं, लेकिन अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि उनके घर में जानबूझकर आग लगाने का कोई सबूत नहीं मिला है.
 
69 साल की डायने गुडस्टीन डेमोक्रेट्स की तरफ से नॉमिनेट की गईं सर्किट कोर्ट जज हैं. शनिवार को उनके घर लगी भीषण आग में उनके परिवार के तीन लोग घायल हो गए जिनमें उनके पति अर्नोल्ड गुडस्टीन (साउथ कैरोलिना के पूर्व सीनेटर) भी शामिल हैं. घायल अवस्था में तीनों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

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घर में लगी आग से बचने के लिए गुडस्टीन के पति और उनके बेटे अर्नोल्ड गुडस्टीन II छत से कूद गए थे. शनिवार को जब गुडस्टीन के तीन मंजिला घर में आग लगी तब वो अपने कुत्तों को घुमाने बाहर निकली थीं. 

क्या जानबूझकर लगाई गई जज के घर में आग?

साउथ कैरोलिना के राज्य कानून प्रवर्तन विभाग (SLED) के एक प्रवक्ता ने कहा कि वो आग के कारणों की जांच कर रहे हैं. उन्होंने FITSNews से कहा, 'जांच जारी है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, हमें और जानकारी मिलेगी.'

SLED के प्रमुख मार्क कील ने एक बयान में कहा कि जांच अभी भी चल रही है और रिपोर्ट के बाद ही आग के कारण का पता चलेगा.

कील ने कहा, 'इस समय ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे लगे कि आग जानबूझकर लगाई गई थी. SLED एजेंटों को शुरुआती जांच में पता चला है कि आग लगने से पहले कोई विस्फोट नहीं हुआ.'

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वहीं, साउथ कैरोलिना के चीफ जस्टिस जॉन किट्रिज ने कहा कि आग शायद किसी विस्फोट की वजह से लगी हो सकती है. गुडस्टीन के करीबी सूत्रों ने बताया कि जज को हाल ही में जान से मारने की धमकियां मिली थीं.

गुडस्टीन 1989 से कोर्ट में काम कर रही हैं और उन्होंने सितंबर में ट्रंप प्रशासन के नेतृत्व वाले अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट को राज्य की वोटर लिस्ट वाली फाइल देने पर अस्थायी रोक लगा दी थी.

गुडस्टीन के इस फैसले के बाद जस्टिस डिपार्टमेंट के सिविल राइट्स डिवीजन के सहायक अटॉर्नी जनरल हर्मीट ढिलॉन ने सार्वजनिक रूप से उनकी आलोचना की. बाद में साउथ कैरोलिना की स्टेट सुप्रीम कोर्ट ने गुडस्टीन के फैसले को पलट दिया था.

जज की आलोचना और फिर घर में लगी आग, उठे सवाल

आग के कारणों का फिलहाल कुछ पता नहीं चल पाया है. यह आग ऐसे वक्त में लगी है जब गुडस्टीन को मौत की धमकियां मिल रही थीं जिसे लेकर कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या जज के घर में लगी आग अमेरिका में राजनीतिक हिंसा का नया उदाहरण हो सकता है.

हाल ही में अमेरिका में ट्रंप समर्थक एक्टिविस्ट चार्ली किर्क की गोरली मारकर हत्या कर दी गई थी. जून में हुई एक गोलीबारी में मेला होर्टमैन (मिनेसोटा की पूर्व हाउस स्पीकर) और उनके पति मार्क की हत्या हुई. डेमोक्रेटिक स्टेट सीनेटर जॉन हॉफमैन और उनकी पत्नी यवेट इस दौरान घायल हुए थे.

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अप्रैल में, पेंसिल्वेनिया के डेमोक्रेटिक गवर्नर जोश शापिरो के घर पर आग लगाने की घटना हुई. इसके अलावा, नवंबर 2024 में, दूसरी बार राष्ट्रपति पद की जीत से पहले, ट्रंप पर दो बार हत्या की कोशिश हुई.

हार्वर्ड की पूर्व जज और वर्तमान प्रैक्टिस प्रोफेसर नैंसी गर्टनर ने ब्रिटिश अखबार गार्डियन से कहा, 'जज अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. हमारे राष्ट्रपति और कुछ सांसदों के जजों के बारे में विवादित बयानों ने लोगों को भड़काया है. अधिकारी उन जजों पर हमलों को वैध ठहरा रहे हैं, जिनसे वो सहमत नहीं हैं.'

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